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इस बार ऑस्कर के लिए बढ़ी आस

‘पद्मावत’, ‘राजी’, ‘हिचकी’ और ‘पैडमैन’ जैसी बड़े बजट की फिल्मों के साथ ही छोटे बजट की ‘विलेज रॉकस्टार्स’ जैसी फिल्मों से उम्मीदें हैं

अस्सी बरस पहले स्थापित किए गए ‘दि एकेडेमी अवार्ड्स’ आज विश्व के सबसे प्रतिष्ठत फिल्म पुरस्कार बन चुके हैं। ‘ऑस्कर’ के नाम से ख्याति प्राप्त इन पुस्कारों की शुरुआत 15 मई 1929 में की गई थी। तब से लेकर आज तक इन पुस्कारों की यात्रा कभी रुकी नहीं। भारत की तरफ से पहली बार महबूब खान निर्देशित फिल्म ‘मदर इंडिया’ को 1958 में ऑस्कर में इंट्री मिली थी। हालांकि यह फिल्म किसी भी श्रेणी का ऑस्कर नहीं जीत पाई, लेकिन इसे खासा सराहा गया था। 1983 में ‘गांधी’ फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का ऑस्कर भारत की भानु अथैय्या को मिला। 2009 में भारतीय संगीतज्ञ एआर रहमान को ‘स्लमडॉग मिलिनियर’ के लिए आस्कर दिया गया। हालांकि इन पुरस्कारों के लिए भारत की तरफ से लगातार इंट्री भेजी जाती रही हैं लेकिन 80 सालों में ऑस्कर हमारी फिल्मों से लगातार दूर रहा है।


अबकी बार 24 फरवरी 2019 को होने जा रहे ऑस्कर अवार्ड समारोह में 28 भारतीय फिल्मों को भेजा जा रहा है। फिल्म जगत में इन पुरस्कारों का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार चयनित फिल्मों में ‘पद्मावत’, ‘राजी’, ‘हिचकी’ और ‘पैडमेन’ का नाम शामिल है। इन बड़ी बजट की फिल्मों के साथ-साथ नेशनल फिल्म अवार्ड जीत चुकी छोटे बजट की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को भी ऑस्कर के लिए भेजा जा रहा है। फिल्म आलोचकों को इस फिल्म से बड़ी उम्मीदें हैं। असमी भाषा की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ ऐसे बच्चों पर आधारित है जो बेहद गरीबी में भी जीवन की खुशियों को खोजते हैं। इन गरीब बच्चों में एक लड़की भी है जिसका सपना खुद का गिटार होना है। कहानी इसी बच्ची के ईद-गिर्द घूमती है। नेशनल फिल्म एवार्ड जूरी ने इस सर्वश्रेष्ठ फिल्म के साथ-साथ बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट, बेस्ट एडिटिंग समेत बेस्ट लोकेशन और बेस्ट साउंड रिकॉर्डिंग के लिए भी चुना। इन पुरस्कारों के चलते फिल्म को लेकर ऑस्कर पाने की आस बढ़ चुकी है।

पिछले लंबे अर्से से लंदन में कैंसर का इलाज करा रहे इरफान खान अभिनीत एक बांग्लादेशी फिल्म ‘डूब’ भी इस बार ऑस्कर में दिखाई जाएगी। बांग्लादेश के नामचीन लेखक हुमायूं खान के जीवन पर आधारित इस फिल्म को लेकर बांग्लादेश में खासा विवाद रहा। हालांकि पहले इंकार करने के बाद बांग्लादेश सेंसर बोर्ड ने इसे रिलीज करने की मंजूरी अक्टूबर 2017 में दे दी थी। एक असाध्य बीमारी से जूझ रहे इरफान खान के लिए यह निश्चित ही एक सुकून देने वाली खबर है।

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