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राजकुमार हिरानी ने की मजदूर कैंपेन की घोषणा, मदद को आगे आए कई सेलेब्रिटीज

राजकुमार हिरानी ने की मजदूर कैंपेन की घोषणा, मदद को आगे आए कई सेलेब्रिटीज

फिल्म डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने आई स्टैंड विथ ह्यूमैनिटी नाम से कैंपेन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पिछले 10 दिनों से इस कैंपेन पर काम चल रहा है। उन्होंने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। श्री श्री रविशंकर की संस्था से हजारों वॉलेंटियर्स भी इस कैंपेन के तहत 10 लाख दिहाड़ी मजदूरों की मदद में जुट गए हैं।

लॉकडाउन की सबसे बड़ी मार दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ी है। पूरा देश सड़कों पर इनकी हालत इस समय देख रहा है। उनकी इस स्थिति को देखते हुए बॉलीवुड का एक बड़ा तबका मदद को आगे आया है। फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के 36 से ज्यादा लोग 10 लाख दिहाड़ी मजदूरों की मदद के लिए सामने आए हैं। ये सभी फिल्मकार राजकुमार हिरानी की क्रिएटिव लीडरशिप के बैनर तले हो रहा है।

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जो लोग इस कैंपेन के बारे में सुन रहे हैं सभी मजदूरों की मदद के लिए साथ आ रहे हैं। हर एक दिहाड़ी मजदूर परिवार के 10 दिन का राशन का खर्च एक-एक सेलेब्रिटी उठा रहा है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बेंगलुरु में यह चल रहा है। इंदौर में लोग पहुंच गए हैं। अलग-अलग राज्यों में भी वॉलेंटियर्स पहुंचाए जा रहे हैं। जिन-जिन राज्यों में ज्यादा समस्याएं हैं वहां फोकस ज्यादा है। जो सेलेब्स इस कैंपेन से जुड़ रहे हैं वे डॉक्टर्स की उपलब्धता कराकर या अपनी मर्जी से बड़ी राशि के जरिए भी मदद कर रहे हैं।

करण जौहर, रोहित शेट्टी, संजय दत्त, वरुण धवन, प्रियंका चोपड़ा, सोनाक्षी सिन्हा, सोनम कपूर, कंगना रनोट, तापसी पन्नू, कपिल शर्मा, भूमि पेडणेकर, लव रंजन, जूही चावला, रकुल प्रीत, कार्तिक आर्यन, आयुष्मान खुराना, यामी गौतम, ए आर मुरुगादास, आनंद एल राय, दिनेश विजन, साजिद नाडियाडवाला, एकता कपूर, नितेश तिवारी, अश्वनी तिवारी, रॉनी स्क्रूवाला, दीया मिर्जा, इशान खट्टर, जाह्न्वी कपूर, वरुण शर्मा, बोनी कपूर, भूषण कुमार, शाहिद कपूर, अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा, कबीर खान, आशुतोष गोवारिकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री इस मुहिम में जुड़ी हुई है।

इस कैंपेन के प्रवक्ता लेखक पंकज दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कैंपेन से कई बड़े स्टार्स जुड़ गए हैं। सबने मिलकर तय किया कि 10 लाख दिहाड़ी मजदूरों के पास जितना संभव हो सके राशन पहुंचाया जाए। जहां राशन नहीं पहुंचा जा सकता वहां खाना पहुंचाया जाए। पहली प्राथमिकता है कोई भी भूखा न सोए।

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