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गै्रमी में भारत की गूंज

ग्रैमी अवार्ड 2024 में भारतीयों के संगीत से अमेरिकी शहर लॉस एंजेलिस गूंज उठा। इस समारोह में तबला वादक जाकिर हुसैन और बासुरी वादक राकेश चौरसिया सहित पांच भारतीय संगीतकारों को इस सम्मान से नवाजा गया

संगीत में ग्रैमी अवार्ड सबसे बड़ा सम्मान है जिसका 66वां संस्करण 5 फरवरी को लॉस एंजेलिस में आयोजित किया गया। इस अवार्ड शो में कई दिग्गज कंपोजर और गायकों ने शिरकत की। इस बार ग्रैमी अवार्ड में भारतीय तबला वादक जाकिर हुसैन और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया सहित पांच भारतीय संगीतकारों ने ग्रैमी अवार्ड अपने नाम किया। जाकिर हुसैन तीन ग्रैमी के साथ भारत के बड़े विजेता बने, वहीं राकेश चौरसिया ने दो ग्रैमी जीते। फ्यूजन ग्रुप शक्ति में जाकिर हुसैन के सहयोगी गायक शंकर महादेवन, वायलिन वादक गणेश राजगोपालन और पर्कशनिस्ट सेल्वागणेश विनायकराम ने एक-एक ग्रैमी जीता। वहीं परफॉर्मेंस की बात करें तो दुआ लीपा, ओलिविया रोड्रिगो ओट कई हॉलीवुड गायकों ने अपनी ट्टामाकेदार गायकी से अवार्ड शो में चार चांद लगाए। खास बात यह है कि प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन की यह पहली जीत नहीं है। इससे पहले उन्होंने 1991, 1996 और 2008 में कई श्रेणियों और सहयोग में भी ग्रैमी पुरस्कार जीते थे। वहीं, राकेश चौरसिया ने कहा, ‘एक अलग शैली पर काम करना अनूठा और कठिन अनुभव है। मैं बहुत खुश हूं कि में ग्रैमी अवार्ड को अपने देश में ला रहा हूं। आशा है कि में अपने काम से भारत को गौरवान्वित करता रहूंगा।’

शंकर महादेवन

समारोह में शामिल हुए तीन बार के ग्रैमी विजेता रिक्की केज ने ग्रैमीज में 2024 को भारत का वर्ष कहा। बेंगलुरु के रहने वाले केज ने पिछले साल एल्बम ‘डिवाइन टाइड्स’ के लिए अपना तीसरा ग्रैमी जीता था। उन्होंने लिखा, ‘वाह, यह वास्तव में ग्रैमीज में भारत का वर्ष है। राकेश चौरसिया, शंकर महादेवन, गणेश राजगोपालन, सेल्वगणेश विनायकराम और उस्ताद जाखिर हुसैन की सफलता से भारत वास्तव में चमक रहा है। एक ही वर्ष में पांच भारतीयों ने जीत हासिल की है। इससे पहले सितार वादक रविशंकर वर्ष1968 में ग्रैमी अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ चैम्बर संगीत प्रदर्शन के लिए जीतने वाले भारत के पहले संगीतकार थे। तब से, जुबिन मेहता, अनुष्का शंकर, विश्व मोहन भट्ट, एल शंकर और टी एच विनायकराम सहित देश के कई संगीतकार शामिल हुए हैं, जो विभिन्न श्रेणियों में ग्रैमी प्राप्त कर चुके हैं।

क्या होता है ग्रैमी अवार्ड
ग्रैमी अवार्ड संगीत की दुनिया में उत्कृष्ट उपलब्ट्टिायों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। जो अमेरिका में रिकॉर्डिंग कलाकारों, संगीतकारों, निर्माताओं और इंजीनियरों का एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन है। ग्रैमी अवार्ड में दुनिया भर के म्यूजिशियन्स बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। ग्रैमी पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल नेशनल एकेडमी ऑफ रिकॉर्डिंग आर्ट्स एंड साइंसेज एनआरएस) या लैटिन एकेडमी ऑफ रिकॉर्डिंग आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की एक श््रृंखला है। एनआरएस मतदान सदस्य प्रत्येक पुरस्कार के लिए पांच नामांकित व्यक्तियों का चयन करते हैं।

ग्रैमी अवार्ड समारोह में अलग-अलग शैलियों में संगीतकारों को सम्मानित किया जाता है, जैसे कि पाप, राक, कंट्री, जैज, हिप हाप, आर बी और शास्त्रीय संगीत। जिस तरह से सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए ऑस्कर और पत्रकारिता के क्षेत्र में पुलित्जर अवार्ड माना जाता है, उसी तरह म्यूजिक इंडस्ट्री में ग्रैमी अवार्ड का महत्व है।

ग्रैमी विजेताओं को कितना मिलता है पैसा?

ग्रैमी अवार्ड में कोई नकद पुरस्कार नहीं दिया जाता है। हालांकि विजेताओं को एक ग्रैमी प्रतिमा मिलती है, जो सोने से बनी एक मूर्ति होती है। इसके अलावा, विजेताओं को एक बैग मिलता है जिसमें परफ्यूम से लेकर स्पा और रेस्तरां कूपन तक कुछ भी हो सकता है। ग्रैमी अवार्ड पाने पर संगीतकार को शो, इवेंट और प्रोग्राम में मिलने वाले टिकट के साथ इनकी फीस अपने आप ही बढ़ जाती है।

किसे मिला था पहला ग्रैमी अवार्ड
पहला ग्रैमी पुरस्कार समारोह 1959 में लॉस एंजेलिस में आयोजित किया गया था और 28 पुरस्कार प्रदान किए गए थे। ग्रैमी अवॉर्ड हासिल करने वालों में एला फिट्जगेराल्ड, फ्रैंक सिनात्रा और किंग्स्टन ट्रायो शामिल थे। भारतीयों की बात करें तो पहला ग्रैमी अवार्ड पंडित रविशंकर ने जीता। पंडित रविशंकर: भारत के लिए पहली बार ग्रैमी जीतने वाले पंडित रविशंकर ही थे, उन्हें 4 अलग- अलग सालों में ये अवॉर्ड मिला। रविशंकर सितार वादक और संगीतकार थे। इसके बाद साल 2013 में उन्हें ग्रैमी की तरफ से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।

जुबिन मेहता: जुबिन मेहता संगीत की दुनिया जाना माना नाम हैं। उन्हें कुल 23 बार ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। इसमें से उन्होंने 5 बार यह सम्मान अपने नाम किया।
टी.एच. विनायकरम: साउथ के बड़े म्यूजिशियन टी एच विनायकरम ने 1 बार ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। विनु विनायकरम को जाकिर हुसैन संग जुगलबंदी में ये सम्मान मिला था।
एआर रहमान: रहमान के फैंस दुनियाभर में मौजूद हैं। वह अपने संगीत से लोगों को अपना दीवाना बना लेते हैं। ए आर रहमान को दो बार ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें पॉपुलर सॉन्ग जय हो के लिए भी ग्रैमी मिला था। ‘जय हो’ के लिए गुलजार साहब को भी जीनियस फॉर्मेशन के लिए ग्रैमी ने रिकगनाइज किया गया और तनवी शाह को भी यह अवॉर्ड मिला।

नीला वासवानी: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की आत्मकथा ‘आई एम मलाला’ के ऑडियोबुक कथन के लिए ग्रैमी जीतकर नीला वासवानी ने इतिहास रचा था। 2015 में, उन्होंने सर्वश्रेष्ठ बच्चों के एल्बम के लिए ग्रैमी जीता।
रिकी केज: ग्रैमी अवार्ड से रिकी केज को दो बार सम्मानित किया जा चुका है। साल 2015 में एल्बम विंड्स ऑफ समसारा और साल 2022 में डिवाइन टाइड के लिए उन्हें ग्रैमी से सम्मानित किया गया।
फाल्गुनी शाह: ग्रैमी विजेताओं की सूची में फाल्गुनी शाह भी शामिल हैं। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ बाल एल्बम श्रेणी में एल्बम ‘ए कलरफुल वर्ल्ड’ के लिए 2022 में अपना पहला ग्रैमी जीता।

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