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जामिया और शाहीन बाग पहुंचे अनुराग कश्यप, कहा यहां आकर लगा जिंदा हैं हम

फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप शुक्रवार को जामिया यूनिवर्सिटी और शाहीन बाग पहुंचे। इस दौरान वो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिले और खुलकर अपनी बात रखी। अनुराग कश्यप ने गुरुवार को ट्विट कर बताया था कि वो शुक्रवार को जामिया और शाहीन बाग के लोगों से मिलने आ रहे हैं। इस दौरान जामिया और शाहीन बाग में हजारों की संख्या में लोग जुटे थे।

अनुराग कश्यप ने कहा, “मैं जामिया में पहली बार आया हूं। पहले लग रहा था कि हम मर गए हैं। लेकिन यहां आकर लगा कि हम जिंदा हैं। एक आंदोलन देखकर लगता है कि हम जिंदा हैं। भेड़ बकरियों की तरह अंदर नहीं जा सकते। मेरे लिए ये आंदोलन जामिया से शुरू हुआ। ये लड़ाई बहुत लंबी है। कल, परसों या चुनाव के साथ ये खत्म नहीं होगी।”

जामिया-शाहीन बाग पहुंचे अनुराग कश्यप, कहा पहले लगता था हम मर गए हैं यहां आकर लगा कि जिंदा हैं हम

सरकार के रवैये की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “हमें विश्वास नहीं है कि गृह मंत्री क्या करते हैं। हमें इसमें विश्वास है कि आप क्या करते हैं। वहीं जो लोग कुछ नहीं कह रहे हैं वो आपकी चुप्पी में आपके साथ हैं। मैं सिर्फ दिल की बात कहता हूं। वो डरते हैं कि आप प्रवोक क्यों नहीं होते हो। उनको प्यार नहीं पता। उनको हिंसा की भाषा आती है। आप लोगों की हिम्मत देख मैं ट्विटर पर वापस आ गया। सबको सबके हाल पर छोड़ कर गया था मैं। आप उस तरीके की सरकार से डील कर रहे हैं, जो अपनों से अलग डील कर रहे हैं।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज करते हुए कहा कि वो कॉन्ट्राडिक्ट्री बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि बिल नहीं लाएंगे। फिर कहा कि तीन दिन में बात करेंगे। वो जहां होते हैं वहां वैसी ही बात करते हैं। मैं अब सुनता ही नहीं। जब तक हमारी लड़ाई सच है। ये आंदोलन क्या शेप लेगा हम नहीं जानते। ये मोनोलॉग होता है, डायलॉग नहीं होता। एक तरफा बात होती है। होम मिनिस्टर का काम होता है हमारी सुरक्षा।”

जामिया-शाहीन बाग पहुंचे अनुराग कश्यप, कहा पहले लगता था हम मर गए हैं यहां आकर लगा कि जिंदा हैं हम

अनुराग कश्यप बातों-बातों में मीडिया के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने हमारा बहुत नुकसान किया है। वो आईना बनना बंद हो गई है। मीडिया सरकार की स्पीकर बनकर रह गई है। अनुराग ने जामिया में हुए हिंसा और फायरिंग पर भी सवाल उठाए। पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “जामिया हिंसा में कोई अरेस्ट नहीं हुआ। पुलिस को अपना काम करने की जरूरत है। पुलिस को ये पता लगाने की जरूरत है कि वो लोग कौन थे।”

अनुराग कश्यप जामिया और शाहीन बाग के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद 7 बजकर 44 मिनट पर एक ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने लिखा, “शाहीन बाग़ की दादियों में जितना प्यार है उतना तो कहीं नहीं देखा। और वहाँ की उम्दा बिरयानी भी खाई। उँगलियाँ तक चाटी। मज़ा आ गया। बस यही कहूँगा कि शाहीन बाग़ ज़िंदाबाद।”

गौरतलब है कि अनुराद कश्यप पिछले कुछ दिनों से सरकार और उसके रवैये पर सवाल उठाते हैं। अक्सर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री हमले करते हैं। बीते दिनों जब जामिया और शाहीन बाग में फायरिंग हुआ था तो उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को आडे हाथों लिया था। तब उन्होंने कहा था कि हमारा गृहमंत्री कितना डरपोक है। खुद की पुलिस, खुद के गुंडे, खुद की सेना और सुरक्षा अपनी बढ़ाता है और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर आक्रमण करवाता है। घटियापन और नीचता की हद अगर है तो वो है अमित शाह।

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