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खनन क जख्म मिटाएगा डीएमएफटी

खनन क जख्म मिटाएगा डीएमएफटी
अरुण कश्यप
हरिद्वार। खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब लीक से हटकर भी बहुत सारे विकास कार्य किए जाएंगे। जो अपने आप में एक नया उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास यानी डीएमएफटी द्वारा ऐसे कई कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा जो अब तक नहीं किए गए। केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले इन कार्यों के लिए। एक अलग तरीके से बजट इकट्ठा किया गया है। आपको बता दें कि डीएमएफटी का गठन २२ नवंबर २०१७ को हुआ था। इसके पीछे एक ही उद्देश्य था कि खनन प्रभावित जिन क्षेत्रों से भारी राजस्व की प्राप्ति होती है तो बदले में उन क्षेत्रों को भी कुछ ना कुछ अलग से दिया जाए। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग तरह के खनन पर अलग- अलग तरीके का टैक्स लगाया गया। जैसे ईंट भट्टा रॉयल्टी पर १५, मिट्टी के खनन पर १०, रेत, बजरी, सिलिका सैंड तथा नहर और जलाशयों में हो रहे खनन पर २५ का अतिरिक्त कर लगाया गया लगभग ६ महीने के बाद जिले भर में इस कोर्स में एक करोड़ से ऊपर की धनराशि एकत्र हो गई जिसे आगामी १ जून की होने वाली बैठक में नियोजित तरीके से खर्च करने पर सहमति बनाई जाएगी। इस धन के सही रखरखाव और उपयोगी कार्यों को करने के लिए एक प्रबंध समिति का गठन भी किया गया था जिसमें कुल मिलाकर १३ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पेयजल, लद्घु सिंचाई तथा विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एंव खनन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी शामिल रहेंगे। जनप्रतिनिधि के तौर पर खनन से सबसे ज्यादा प्रभावित २ गांव रामपुर रायद्घटी और भोगपुर के ग्राम प्रधान इस प्रबंध समिति के नए सदस्य बनाए गए हैं। इस पूरी समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे।

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