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योगी कैबिनेट का विस्तार, 23 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल

उत्तर  प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है । योगी कैबिनेट में 23 नए मंत्री बनाए गए हैं। कुछ मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है और कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी गई है। योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद का पहला बहुप्रतीक्षित विस्तार और फेरबदल का आयोजन  लखनऊ के राजभवन में किया जा रहा है । इसमें महेंद्र सिंह, सुरेश राणा,अनिल राजभर, भूपेंद्र सिंह, राम नरेश अग्निहोत्री, कमलारानी वरुण ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
वहीं नील कंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, राम चौहान, रवींद्र जायसवाल ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ ली। राज्यमंत्री के रूप में अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, विजय कश्यप, गिराज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदय भान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रामशंकर सिंह पटेल व अजीत सिंह पाल शपथ ली।कुल पांच कैबिनेट, छह स्वतंत्र प्रभार व 11 राज्यमंत्रियों ने शपथ ली।23 मंत्रियों में 6 को कैबिनेट, 6 को स्वतंत्र प्रभार और 12 को राज्यमंत्री बनाया गया है। योगी सरकार के कैबिनेट में 885 दिनों के बाद यह पहला कैबिनेट का विस्तार है।

इस्तीफों के बाद पद थे खाली
19 मार्च, 2017 को जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने शपथ ली थी, तब उनकी टीम 47 लोगों की थी। इस्तीफों के बाद अब टीम 40 लोगों की हो चुकी थी। कैबिनेट मंत्री व एसबीएसपी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं, रीता बहुगुणा जोशी, एसपी सिंह बघेल व सत्यदेव पचौरी ने सांसद बनने के बाद इस्तीफा दे दिया था। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के पद से स्वतंत्र देव सिंह इस्तीफा दे चुके थे। कल 20 अगस्त मंगलवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अनुपमा जायसवाल का भी इस्तीफा हो गया।
नए चेहरे बने मंत्री
राम नरेश अग्निहोत्री, कमला रानी वरुण, कपिलदेव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, श्रीराम चौहान, नीलिमा कटियार, अशोक कटारिया, रविंद्र जायसवाल, अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, विजय कश्यप, गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रमाशंकर सिंह पटेल, अजीत पाल।
ये बने कैबिनेट मंत्री
डॉ. महेंद्र सिंह, ग्राम्य विकास मंत्री ,चौधरी भूपेंद्र सिंह, पंचायती राज मंत्री ,सुरेश राणा, गन्ना विकास मंत्री ,अनिल राजभर, होमगार्ड व पिछड़ा कल्याण मंत्री ,उपेंद्र तिवारी, परती व भूमि विकास मंत्री ,राम नरेश अग्निहोत्री
कमला रानी वरुण ।
इनको मिला स्वतंत्र प्रभार
नीलकंठ तिवारी, कपिलदेव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, श्रीराम चौहान, रवींद्र जायसवाल।
ये बने राज्यमंत्री
अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, विजय कश्यप, डॉ. गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, निलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रमाशंकर सिंह पटेल, अजीत सिंह पाल।

योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार से पहले कल 20 अगस्त मंगलवार को चार मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इनमें वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल तथा भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पांडेय शामिल हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यपाल ने देर रात पांचों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
अपर मुख्य सचिव का फीडबैक भारी पड़ा राजेश अग्रवाल पर
हालांकि सरकारी प्रवक्ता ने वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के इस्तीफे की वजह उनकी उम्र 75 वर्ष हो जाना बताया है लेकिन सूत्रों की मानें तो उनके ही विभागीयअपर मुख्य सचिव का फीडबैक उनके लिए भारी पड़ गया। तबादलों में मनमानी के आरोप और विभागीय कामकाज में एक करीबी के दखल की शिकायतें भी ऊपर तक थीं। इन्हीं सब कारणों के चलते विधानसभा उपचुनाव से पहले राजेश अग्रवाल को इस्तीफा देना पड़ा।
राजेश अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव के बीच शुरू से ही तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। राजेश अग्रवाल ने स्थानांतरण नीति के परे जाकर जो भी तबादले किए, उन फाइलों को अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया। वहां से नीति के अनुरूप प्रस्ताव बनाकर देने के लिए कहा गया तो स्पष्ट हो गया कि अग्रवाल के लिए सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को यहां तक लिखा कि अपर मुख्य सचिव उन्हें बिना दिखाए फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय भेज रहे हैं।
धर्मपाल पर सिंचाई विभाग में कमीशनखोरी और तबादलों में गड़बड़ी की गाज गिरी

सिंचाई विभाग में तबादलों में हुई गड़बड़ी और बढ़ती कमीशनखोरी की गाज सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह पर गिरी है। सूत्रों के मुताबिक सिंचाई विभाग में बीते दो वर्षों से तबादलों को गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग में कमीशनखोरी और दलालों का सक्रिय होना भी सिंह को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की वजह बना।
तबादले और टेंडर को लेकर विवाद में रहीं अनुपमा

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तबादलों के साथ विभाग में जूते-मोजे, स्वेटर और पाठ्य पुस्तकों के टेंडर को लेकर विवाद में रहीं। गत वर्ष विभाग में बच्चों को फरवरी तक स्वेटर वितरित नहीं हुए थे। एक निजी न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में अनुपमा के दफ्तर का भी नाम सामने आया था। तब सरकार ने अनुपमा के दफ्तर में कार्यरत निजी सचिव को हटा दिया था। तबादलों और टेंडर को लेकर अनुपमा का विभाग के अधिकारियों से भी टकराव हुआ। अनुपमा के कार्यकाल में हुई 68500 शिक्षकों की भर्ती में भी अनियमितताओं की शिकायतें आईं। 69000 शिक्षकों की भर्ती अभी तक उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ही विभागों का बंटवारा कर सकते हैं. कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी संभव है. साथ ही सीएम योगी आज शाम 4 बजे नए मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि नए मंत्रियों के सामने सरकार का एजेंडा रखा जाएगा. इसके बाद सीएम योगी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5 कालीदास मार्ग पर बीजेपी प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल के साथ संभावित मंत्रियों के साथ बैठक की थी।

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