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अतीत के भूत से त्रस्त येदु का बढ़ता संकट

लगता है कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के दिन अच्छे नहीं चल रहे। एक दिन पहले ही कर्नाटक हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के खिलाफ आठ साल पहले दर्ज हुए एक आपराधिक केस को लेकर हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जबकि एक दूसरे मामले में भी हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर जांच का शिकंजा कस दिया है। जिसमे उनपर आरोप है कि उन्होंने 2019 में ‘ऑपरेशन लोटस’  के तहत जेडीएस विधायक के बेटे को कथित तौर पर पैसे और मंत्रिपद का लालच दिया था।  जिसकी ऑडियो तब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी थी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर आरोप है कि कर्नाटक की तत्कालीन कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को 2019 में गिराने के लिए उन्होंने ही साजिश रची थी। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस जॉन माइकल कुन्हा ने इस मामले में फरवरी 2019 में अंतरिम आदेश पर लगी रोक को हटाकर, नया अंतरिम आदेश जारी कर दिया है। यहां यह बताना जरुरी है कि शरणगौड़ा द्वारा की गई एक शिकायत पर बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिन्होंने येदियरुप्पा के साथ अपनी बातचीत को उन्होंने रिकॉर्ड कर लिया था। उस समय बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक भाजपा के प्रेजिडेंट हुआ करते थे। शरणगौड़ा के साथ उनकी यह बातचीत 8 फरवरी को सर्किट हाउस में हुई थी। इस प्रकरण में तब प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस ऑडियो क्लिप को जारी करते हुए  उनपरआरोप लगाया था कि, बीएस येदियुरप्पा उनके विधायक को पैसे और मंत्रीपद का लालच देकर फंसाना चाह रहे थे। यह मामला तब देशभर में चर्चित रहा था।

 दूसरा मामला भ्रष्टाचार का है। जिसमे कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के खिलाफ आठ साल पुराने भ्रष्टाचार मामले को दोबारा शुरू करने की इजाजत दे कर मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ा दी है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों के लिए गठित एक स्पेशल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह जुलाई 2016 में एक सत्र न्यायालय द्वारा मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ हटाए गए पुराने मामले को बहाल करे। गौरतलब है कि कर्नाटक में अवैध तरीके से भूमि अधिसूचना का ये मामला वर्ष 2008-2012 के समय का है। उस दौरान प्रदेश में पहली बार भाजपा सत्ता में आई थी।

 इसके अलावा येदुरप्पा एक और मामले में घिर गए है। जिसमे उनके खिलाफ उन्हीं की सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने बगावत कर दी है। ईश्वरप्पा ने अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर उनके कामकाज में हस्तक्षेप करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।  कर्नाटक सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री ईश्वरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री की शिकायत की है। जिसमे उन्होंने येदियुरप्पा पर कर्नाटक (व्यापार का लेन-देन) नियम 1977 का उल्लंघन करते हुए अपने मंत्रालय में सीधे हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने अपने पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा को भी भेजी है। कर्नाटक सरकार के मंत्री ईश्वरप्पा का आरोप है कि येदियुरप्पा ने उनके विभाग से बिना उनकी सहमति लिए हुए 774 करोड़ रुपये का आवंटन किया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में एक जिले के लिए अपने मंत्रालय  के बजट से 65 करोड़ रुपये आवंटित किए और 29 अन्य जिलों की उपेक्षा की। इससे येदुरप्पा घिरते हुए नजर आ रहे है।

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