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देश में सुरक्षित नहीं महिलाएं

 

भारत ऐसा देश है जहां महिलाओं को देवी का दर्जा प्राप्त है लेकिन आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के बाद भी देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में आए “नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो” (एनसीआरबी) 2021 के आंकड़ों के अनुसार देशभर में साल 2021 में रोजाना महिला दुष्कर्म के 86 मामले सामने आते हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले हर घंटे 49 मामले सामने आए हैं ।

 

रिपोर्ट के अनुसार महिला दुष्कर्म के कुल 3 लाख 16 हजार 773 मामले दर्ज किये गये हैं जिसमें राजस्थान सबसे आगे है। राजस्थान में महिला दुष्कर्म के कुल 6 हजार 337 मामले सामने आये जिसमें से 4 हजार 885 मामले ऐसे हैं जिनमें पीड़ित की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक थी और 1 हजार 452 मामले ऐसे हैं जिसमें पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम थी। दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश है जहाँ दुष्कर्म के कुल 2 हजार 947 मामले दर्ज किये गए। मध्यप्रदेश के बाद महिला दुष्कर्म के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में 2 हजार 845 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई। वहीं नागालैंड को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना गया जहाँ साल 2021 में महिला दुष्कर्म के केवल 4 मामले सामने आए। साल 2021 में आए कुल मामलों की संख्या 2020 के मामलों से अधिक है। 2020 में दुष्कर्म के 28 हजार 46 मामले सामने आए थे। दूसरी और सभी केंद्र प्रशासित राज्यों में महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पहले स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में प्रतिदिन बलात्कार व यौन उत्पीड़न के 2 मामले सामने आते हैं। साल 2021 में दिल्ली में महिलाओं के साथ 1 हजार 250 यौन शोषण के मामले दर्ज किए गए।

देशभर में महिलाओं से दुष्कर्म के अलावा अपराध , अपहरण, घरेलु हिंसा , साइबर क्राइम और आत्महत्या के आंकड़े भी महिलाओं के लिए चिंता का विषय है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध

 

रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की कुल संख्या 4 लाख 28 हजार 278 दर्ज की गई। अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है जहाँ साल 2021 में होने वाले महिला अपराधों की कुल संख्या 56 हजार 83 थी जो साल 2020 में दर्ज किए गए 49 हजार 385 मामलों से अधिक है। दूसरे स्थान पर राजस्थान है जहाँ साल 2021 में अपराध के 40 हजार 738 मामले , महाराष्ट्र में 39 हजार 526, पश्चिम बंगाल 35 हजार 884 मामले और ओडिशा में कुल 31 हजार 352 मामले दर्ज किए गए। वहीं लद्दाख का स्तर इस मामले में सबसे अच्छा रहा जहाँ पिछले साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के केवल 18 मामले सामने आए।

 

हत्या और अपहरण

 

देश में 2021 में हुई हत्याओं के मामलों में 2020 की तुलना में कमी आई है ,लेकिन अपहरण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल प्रतिदिन औसतन 82 लोगों की हत्या की गई, हर एक घंटे में अपहरण के 11 से अधिक मामले सामने आए। आंकड़ों के अनुसार 2021 के दौरान अपहरण के 1 लाख 1 हजार 707 मामले दर्ज किए गए जबकि 2020 में यह संख्या 84 हजार 805 थी। इस तरह ऐसे मामलों में 19.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है । एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रति एक लाख की आबादी पर हत्या की दर झारखंड में सबसे अधिक है, जबकि दिल्ली में अपहरण की दर सबसे ज्यादा है। अधिकतर अपहरण के मामलों का कारण आपसी विवाद था लेकिन इसका एक उद्देश्य यौन शोषण भी था।

 

 

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