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कोरोना वैक्सीन के सहारे नाराज पड़ोसी देशों को साधने की कवायद शुरु 

कोरोना महामारी  से बचने के लिए दुनिया भर में वैक्सीन के लिए परीक्षण हो रहे हैं।  कई देशों में कोरोना टीकाकरण  शुरू हो गया है। भारत में भी 16 जनवरी से  टीकाकरण शुरू हो गया  है। इसके अलावा इसे हर शख्स के पास पहुंचाने को लेकर नीतियां तैयार की जा रही हैं।  ऐसे में एक नई डिप्लोमेसी सामने आई है।  भारत अपने करीबी मुल्कों को फ्री में कोरोना वैक्सीन देने की शुरुआत का चुका है। यह देश की ‘पहले पड़ोसी’ और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को बढ़ावा देगी। विदेशी मामलों के मंत्रालय (MEA) से शीर्ष अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने बांग्लादेश और म्यामांर की सरकार के साथ वैक्सीन के संयुक्त उत्पादन, वितरण और आपूर्ति पर बातचीत की है।

भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल से दोस्ती निभाते हुए उन्हें कोरोना  से बचाव के लिए वैक्सीन की 20 लाख और 10 लाख खुराकें भेजीं। महामारी से निपटने के लिए दोनों मित्र देशों को वैक्सीन की ये खुराकें मुफ्त दी गई हैं। भारत आज 22 जनवरी को  म्यांमार और सेशेल्स को भी वैक्सीन की आपूर्ति करेगा। म्यांमार के लिए कोविशील्ड की 15 लाख खुराक भेजी जाएंगी। इससे पहले 20 जनवरी  को वैक्सीन की डेढ़ लाख खुराक भूटान को और एक लाख खुराक मालदीव को भेजी गई थीं।

भारत वैक्सीन कूटनीति के जरिए  मुश्किल वक्त में पड़ोसी देशों के लोगों का दिल जीतने की कोशिश में जुटा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा है कि  नेपाल ने भारतीय वैक्सीन सबसे पहले पाई। हम पड़ोसियों की मदद सबसे पहले कर रहे हैं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने बांग्लादेश के साथ वैक्सीन मैत्री को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमिन ने वैक्सीन  की पहली खेप मिलने पर कहा कि भारत वर्ष 1971 में तब बांग्लादेश के साथ खड़ा हुआ था जब वह आजादी की लड़ाई लड़ रहा था।  अब जबकि देश कोरोना  महामारी से लड़ रहा है, तब भारत ने हमारे लिए वैक्सीन की सौगात भेजी है।

इससे पहले भारत ने घोषणा की थी कि वह अपने पड़ोसी देशों भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को बहुत जल्द वैक्सीन की आपूर्ति करेगा जबकि श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस में वैक्सीन की आपूर्ति तब की जाएगी जब वहां की नियामक संस्थाएं भारतीय वैक्सीन को स्वीकृति प्रदान कर देंगी।

दुनियाभर में भारत के टीकों की मांग 

उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े दवा और वैक्सीन निर्माता देशों में से एक है। इसके चलते भारतीय वैक्सीन की दुनिया भर के देशों में मांग है। इस समय भारतीय कंपनियां कोविशील्ड और कोवैक्सीन नाम की वैक्सीन बना रही हैं। दोनों वैक्सीन से भारत में टीकाकरण अभियान चल रहा है। साथ ही इनकी आपूर्ति फिलहाल पड़ोसी देशों को हो रही है। जल्द ही दोनों वैक्सीन के मंगोलिया, बहरीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को और ओमान भेजे जाने की उम्मीद है।

दक्षिण अफ्रीका और कोविशील्ड वैक्सीन बना रही भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के बीच 15 लाख खुराक की आपूर्ति का करार हुआ है। इस करार के तहत दक्षिण अफ्रीका सीरम इंस्टीट्यूट को प्रति खुराक 5.25 डॉलर (385 रुपये) चुकाएगा।

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