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क्या महाराष्ट्र को राजनीतिक संकट से उबार पाएंगे भगत दा

महाराष्ट्र में राजनीतिक  उलझन को सुलझाने  का जिम्मा अब उत्तराखंड के पूर्व   मुख्यमंत्री  और खाटी नेता रहे  भगत सिंह कोश्यारी के  कंधो पर है।  महाराष्ट्र के वकील जनरल आशुतोष कुंभकोणी मुंबई में राजभवन पहुंच गए हैं। गवर्नर भगतसिंह कोशियारी ने उन्हें कानून हिदायत लेने के लिए बुलाया है। महाराष्ट्र में सत्ता के पेंच उलझे हुए हैं। शिवसेना 50-50 फॉर्मूले की जिद पर अड़ी हुई है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को 40 विधायकों की जरूरत है। बीजेपी के पास निर्दलीय व छोटे दलों को मिलाकर 121 विधायकों का समर्थन है। महाराष्ट्र विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है।

भाजपा के नेता जैसे ही गवर्नर से मुलाकात करके राजभवन से बाहर आए, उसके फ़ौरन बाद वकील जनरल राजभवन पहुंचे। एक उच्च ऑफिसर ने बताया कि, “हो सकता है कि वकील जनरल गवर्नर को कानूनी व संवैधानिक विकल्पों के बाए में हिदायत दें। संवैधानिक प्रावधानों के तहत प्रदेश में स्थायी सरकार के गठन के विषय में भी वकील जनरल सलाह दे सकते हैं। ”

गवर्नर वर्तमान में जारी राजनितिक संकट पर महाराष्ट्र के एडवकेट जनरल आशुतोष कुंभकोणी से सलाह लेंगे। गवर्नर सबस बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए भी कह सकते हैं व बहुमत परीक्षण का वक़्त निर्धारित कर सकते हैं। कोई पार्टी बहुमत सिद्ध नहीं कर पाई तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है। पूरे देश की नजर फिलहाल  राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर टिकी हुई है  । देखना यही होगा कि आखिर वह महाराष्ट्र को इस राजनीतिक संकट को उबार पाने में कितना सफल होंगे

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