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कौन बचा रहा है ‘लेडी सिंघम’ लक्ष्मी सिंह चौहान को ?

एक सप्ताह पहले गाजियाबाद के थाना लिंक रोड की प्रभारी अधिकारी लेडी सिंघम लक्ष्मी सिंह चौहान ने खाकी वर्दी को शर्मशार करने का काम कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए थे। एटीएम के एक करोड़ से अधिक राशि में से 70 लाख लूटकांड के पैसे थाना प्रभारी ने खुद ही हड़प कर लिए थे।

पुलिस ने शुक्रवार देर रात महिला इंस्पेक्टर के सरकारी घर पर गाजियाबाद एसपी सिटी श्लोक कुमार ने छापा मारा था।  इस दौरान महिला इंस्पेक्टर के घर से 1 लाख 25 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस जब लक्ष्मी चौहान के सरकारी आवास पहुंची थी तो घर का ताला बंद था। पुलिस ने घर का ताला तोड़ा और रकम बरामद की। इसे पुलिस की औपचारिकता कहा जा रहा है।

 

लक्ष्मी सिंह चौहान एक रसुखदार इंस्पेक्टर रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खाकी लूटकांड को एक सप्ताह हो गए। लेकिन अभी तक भी पुलिस ने आरोपी अधिकारी लक्ष्मी सिंह चौहान को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस की जाँच में वह फरार है। ऐसे में सवाल यह उठ रहे है कि लेडी सिंघम को कौन बचा रहा है ?

 

गौरतलब है कि पैसों के गबन का ये मामला एटीएम में पैसे डालने वाली कंपनी सीएमएस के 2 कर्मचारियों से जुड़ा है। कर्मचारियों ने एटीएम में डालने के लिए आए पैसों में गड़बड़ी की थी। मामला गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पहुंचा था और जांच लक्ष्मी चौहान के पास थी। लक्ष्मी चौहान ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुछ लाख रुपये बरामद करने का दावा किया था। लेकिन बरामद की हुई उस रकम में से 70 लाख रुपए उसने खुद ही गबन कर लिए।

याद रहे कि एक सप्ताह पहले गाजियाबाद के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल इलाके में गबन का एक मामला सामने आया था, जिसमें एटीएम में रुपए डालने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों पर ही गबन का आरोप था। इस मामले की जांच लिंक रोड थाने की इंचार्ज लक्ष्मी सिंह चौहान को सौंपी गई थी। रुपए डालने वाली कंपनी ‘सीएमएस इन्फो सिस्टम’ का क्षेत्रीय कार्यालय साहिबाबाद के साइट-4 इंडस्ट्रियल इलाके में स्थित है। कंपनी को जब रुपयों में हेराफेरी का पता चला तो बीते 22 अप्रैल को कैश कस्टोडियन राजीव सचान के ऊपर केस दर्ज कराया गया था। लिंक रोड थाना पुलिस ने बीते मंगलवार की रात को मुख्य आरोपी राजीव सचान को उसके साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर लिया।

 

  फर्द में बरामदगी के रुपयों में से 70 लाख रुपए कम दिखाने से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई है। आरोप साबित होने पर लिंक रोड एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।आरोपियों के ठिकानो से कुछ रकम बरामद कर ली गई है। उनकी गिरफ़्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

सुधीर कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद

 

यहां से थाना अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह चौहान ने रुपए गायब करने का खेल शुरू किया। बरामद हुए 1.15 करोड़, दिखाए 45 लाख पुलिस ने मंगलवार को जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके पास से 1.15 करोड़ रुपए बरामद किए गए। लिंक रोड थाना पुलिस ने इसमें 70 लाख रुपए गायब करते हुए केवल 45 लाख, 81 हजार रुपए की बरामदगी दिखाई और फर्द तैयार कर दी।

इसके बाद जब मामले में सीओ राकेश कुमार मिश्र ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि राजीव सचान से करीब 55 लाख रुपए और आमिर से 60 लाख रुपये बरामद किए गए थे। बरामद की गई रकम में हेरफेर की खबर सुनकर वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया और सीओ राकेश कुमार मिश्र को पूरे मामले की तहकीकात करने के लिए कहा गया।


सीओ राकेश कुमार ने मामले की जांच के लिए महाराजपुर चौकी की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो लिंक रोड़ थाना पुलिस बेनकाब हो गई। दरअसल सीसीटीवी फुटेज में नजर आया कि आरोपियों के पास से रुपयों से भरे दो बैग बरामद किए गए, जिनमें से एक बैग पुलिसकर्मियों ने एक प्राइवेट गाड़ी में रख दिया। फुटेज को गौर से देखा गया तो यह बैग कोई और नहीं, बल्कि खुद एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान गाड़ी में रखती हुई दिखाई दी।

इस पूरे खेल में एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान के अलावा, सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार पचौरी, कांस्टेबल बच्चू सिंह, फराज, धीरज भारद्वाज, सौरभ कुमार और सचिन कुमार शामिल थे। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।  आपको बता दें कि एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती थीं। लक्ष्मी सिंह चौहान छोटी-छोटी घटनाओं का खुलासा करने के बाद उन्हें अपने फेसबुक पेज पर शेयर करती थीं और लोग उन्हें लेडी सिंघम के नाम से पुकारते थे।

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