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जहां – जहां कचरा वहां -वहां पार्क

केद्र सरकार द्वारा कराए गए स्वछता सर्वेक्षण में गजियाबाद सफाई के मामले में 18वे स्थान से 12 वे स्थान पर है । वहीं पूरे प्रेदश में यह पहले स्थान पर है। सफाई के संदर्भ में गाजियाबाद कई सराहनीय कदम बढ़ा रहा है। कचरा मुक्त अभियान को बढ़ावा देने के लिए, गाजियाबाद के महापौर द्वारा राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में एक पार्क का उद्घाटन किया गया है । यहां एक अज्ञात कचरा डंपिंग स्पॉट को साफ करके पार्क के तौर पर बनाया गया है। इसी कड़ी में गाजियाबाद नगरनिगम ने अन्य 122 अनिर्धारित कूड़े वाली जगहों को सुंदर पार्क में बदलने का फैसला किया है। इस शहर ने पिछले कुछ सालों में कचरा संग्रहण को लेकर काफी प्रगति की है। यहां अलग- अलग कचरा संग्रह की निगरानी के लिए हर एक वार्ड में टीम होगी। जो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखेंगी, नियम न मानने वालों पर 5 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपयों के बीच का जुर्माना लगाया जाएगा।

गाजियाबाद में हर दिन 1,200 मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकलता है।घरों से निकलने वाला कूड़ा निगम के लिए सिरदर्द बना हुआ था. इसे डंप करने के लिए जगह की समस्या आ रही थी, लेकिन गाजियाबाद नगर निगम ने इस कूड़े का समाधान खोज लिया है. इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया, सबसे पहले गाजियाबाद में दो गार्बेज फैक्ट्री चालू कराई गई | इसके बाद गाजियाबाद नगर निगम ने गीले और सूखे कचरे को अलग- अलग करने का लक्ष्य बनाया। हर महीने घरों से सूखे कूड़े के रूप में इकट्ठा होने वाले एल्‍यूमिनियम के कैन, कांच की बोतल, गत्ता और कई तरह की अन्य प्लास्टिक और पॉलीथिन समेत 750 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है जिसको बेचकर नगर निगम लगभग 22 लाख रूपए की हर माह कमाई करता हैं | इसके बाद गीले कूड़े से भी खाद बनाना शुरू किया जिससे खेतों में खाद के रूप में उपयोग लाया जाता हैं

इस प्रॉजेक्ट के कामयाब होने के बाद अब निगम ने योजना को बाजार में सूखा कूड़ा बेचे जाने की योजना को खुली प्रतिस्पर्धा में उतारने का निर्णय लेते हुए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया में जिस रकम का टेंडर छूटेगा हर साल उसमें 10% की बढ़ोतरी भी की जाएगी। इसके अलावा 750 मेट्रिक टन से अधिक कूड़ा निकलने पर कंपनी को टेंडर की रकम के अनुपात में ही अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। कूड़ा बेचकर आय प्राप्त करने वाला गाजियाबाद निगम उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 अगले साल की शुरुआत में आयोजित होने की संभावना है। ऐसे में जीएमसी ने अपने स्वच्छता अभियान को तेज कर दिया है। नगर आयुक्त डॉ नितिन गौर के अनुसार अगले कुछ दिनों में जहाँ भी कूड़े का ढेर दिखाई देगा वहा पर पार्क बनाया जायेगा| 122 कूड़े के ढेर की पहचान कर ली गयी हैं और जगह को भी तलाश की जा रही हैं |

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