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कब होगी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी की वतन वापसी

कब होगी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी की वतन वापसी

गत वर्ष विग कमांडर अभिनंदन की जब गुमशुदगी हो गई थी तो पूरे देश में उन्हें वतन वापस लाने के लिए मुहिम शुरू हो गई थी। लेकिन वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के आर्मी के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी हैं जिनके गायब हो जाने के बाद उनके परिजन उन्हें वतन वापस लाने के लिए सरकार के दरवाजे पर दस्तक दे रहे है। जबकि सोशल मीडिया पर जो मुहिम विग कमांडर अभिनंदन के लिए शुरू हुई थी वह राजेंद्र सिंह नेगी के लिए दिखाई नहीं दे रही है। आज नेगी को गायब हुए 6 दिन बीत गए है। लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें सीमा पार से वापस लाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नही दिखाई दे रही है।

जानकारी के अनुसार भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात राजेंद्र सिंह नेगी के घरवालों का इस समय रो-रोकर बुरा हाल है। हवलदार नेगी के घरवालों को पिछले दिनों उनकी यूनिट की तरफ से खबर मिली थी कि वह लापता है। इसके बाद जो नई जानकारी उनके बारे में आई वह दिल तोड़ने वाली थी। नेगी गलती से पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) पहुंच गए हैं। अब घरवालों ने सरकार से उनकी वापसी की अपील की है। घरवाले कह रहे हैं कि जिस तरह से सरकार ने पिछले वर्ष फरवरी में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की वापसी की कोशिशे की थी, वैसी ही कोशिशे उन्‍हें भी देश वापस लाने के लिए की जाएं।

यह घटना आठ जनवरी की है और हवलदार नेगी कश्‍मीर के गुलमर्ग में ड्यूटी पर तैनात थे। इस दिन ही उनकी पत्‍नी राजेश्‍वरी के पास उनकी यूनिट से फोन आया। इस कॉल में उन्‍हें बताया गया था कि उनके पति बर्फबारी के बाद से गायब हैं। कई घंटों बाद पता चल सका कि हवलदार नेगी का पैर फिसल गया था और वह एलओसी के दूसरी तरफ यानी पाकिस्‍तान में गिर गए। यह बात सुनते ही उनकी पत्‍नी और परिवार के दूसरे सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हवलदार नेगी के परिवार ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह उनकी पाकिस्‍तान से सुरक्षित और जल्‍द रिहाई सुनिश्चित करे। सेना के सूत्रों की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार सर्च एंड रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन जारी है। नेगी को पाक से सुरक्षित वापस लाने के सभी प्रयास जारी हैं। याद रहे कि हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी उत्तराखंड के देहरादनू के अंबीवाला सैनिक कॉलोनी के रहने वाले हैं।

उन्‍होंने साल 2002 में गढ़वाल राइफल्‍स को ज्‍वॉइन किया था। वह एक माह की छुट्टी के बाद अक्‍टूबर में यूनिट में वापस आए थे और फिर उनकी पोस्टिंग नवंबर में गुलमर्ग में हो गई थी। बताया जा रहा है कि नेगी का पैर बर्फ से फिसलने के दो दिन बाद उनकी यूनिट से संपर्क किया गया था। जब से उनकी यूनिट की तरफ से परिवार को जानकारी दी गई है, तब से फोन की हर घंटी पर घरवालों को लगता है कि उनकी कई नई खबर आई है। लेकिन हर बार उन्हें मायूस होना पड़ रहा है।

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