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वी.जी सिद्धार्थ की आत्महत्या से उद्योगजगत में भारी निराशा

नोटेबंदी और जीएसटी के बाद से ही भारी वित्तीय दवाब झेल रहे भारतीय अर्थजगत के कैफ़े कॉफी डे के सीईओ की आत्महत्या ने बड़ा झटका देने का काम किया है।भारतीय मशहूर कॉफी चेन सीसीडी (सीसीडी ओनर) के मालिक और पूर्व मुख्‍यमंत्री एसएम कृष्‍णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ के सोमवार शाम से लापता होने की खबर आ रही थी उनके अचानक लापता होने से पूरा परिवार परेशान था। दक्षिण कन्‍नड़ पुलिस उनकी खोजबीन में जुटी हुई थी सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ कारोबार के सिलसिले में इनोवा कार से सोमवार को चिकमगलूर गए थे। उसके बाद वह केरल जा रहे थे लेकिन मंगलुरू के एक निकट एक नेशनल हाईवे पर उन्‍होंने ड्राइवर से कार रोकने के लिए कहा और गाड़ी से उतर गए थे अब हाल ही में सोमवार से लापता Cafe Coffee Day (सीसीडी) के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव होयगे बाजार के नजदीक मुलिहितलु द्वीप के पास से मिला है। जिससे पूरा उद्योग जगत सकते में है। सीसीडी के फाउंडर सिद्धार्थ सोमवार से लापता थे और उनके आत्महत्या करने की आशंका  पहले से ही जताई जा रही थी। सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व सीएम एस एम कृष्णा के दामाद थे। राज्य सरकार उनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चला रही थी। लापता होने के पहले सिद्धार्थ द्वारा अपने आखिरी खत में कई समस्याओं का जिक्र किया था। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल द्वारा बताया कि उन्हें आज सुबह ही एक शव मिला है। अभी इसकी पहचान होना बाकी है। पुलिस ने वीजी सिद्धार्थ के परिजनों को इसकी सूचना दे दी है।

   गौरतलब है की  शुरुआत के कुछ सालों में सीसीडी ने चुनिंदा कॉफी कैफे खोले और अब यह देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन बन गई थी  आज देश ही नहीं विदेश में भी सीसीडी कैफे है। देश के 247 शहरों में सीसीडी के 1,758 कैफे मौजूद है। सीसीडी के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के परिवार के पास कॉफी के बागान थे।  उनके बागानों में महंगी कॉफी उगाई जाती थी यहां से ही उन्हें सीसीडी का आइडिया आया था। 90 के दशक में जो कॉफी दक्षिण भारत और पांच सितारा होटल्स में चलन में थी, उसे उन्होंने आम लोगों तक पहुंचाने का मन बना लिया था। परिवार में कॉफी के प्रति गहरी समझ के कारण ही उनके द्वारा सीसीडी की शुरुआत की गयी थी।  सिद्धार्थ के पिता ने शुरुआत में उन्हें बिजनेस के लिए 5 लाख रुपये दिए थे। साथ ही उन्होंने बेटे सिद्धार्थ से यह भी कहा  था की यदि वह इसमें कामयाब नहीं हो पाए तो उन्हें अपने फैमिली बिजनेस में वापस लौटना पड़ेगा।  लेकिन सिद्धार्थ के जुनून और बिजनेस में गहरी समझ के कारण आज सीसीडी 4000 करोड़ से भी ज्यादा नेटवर्क वाली कंपनी बन गई है। भारतीय उद्योग के बढ़ते कदम देश के लिए गर्व की बात होती है परन्तु हाल ही में हुयी घटना से उद्योग जगत निराश प्रतीत होता नज़र आ रहा है। यहाँ यह भी गौरतलब है कि वी.जी सिद्वार्थ ने अपने बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर को भेजे एक पत्र में इनकम टैक्स विभाग द्वारा उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के बात भी कही थी। कुल मिलाकर सिद्धार्थ की आत्महत्या भारतीय उद्योगजगत में पिछले कुछ अरसे से व्याप्त बेचैनी और निराशा का एक बड़ा संकेत है।

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