[gtranslate]
Country

बंगाल में एनआरसी को लेकर बवाल ,ज़ुबानी जंग हुई तेज़

एनआरसी पर पश्चिम बंगाल में बीते कई दिनों से राजनीतिक दलों में गहमा-गहमी जारी है। दोनों दलों के बीच इस मामले में अब ज़ुबानी जंग तेज़ हो गई है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने 25 सितंबर को कहा कि एनआरसी को पश्चिम बंगाल में शत प्रतिशत लागू किया जाएगा और एक भी हिंदू को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। साथ ही भाजपा के रणनीतिकार विजयवर्गीय ने टीएमसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ राजनीतिक दल और नेता एनआरसी पर भ्रम फैला कर आम लोगों के बीच डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने बंगाल में एक कार्यक्रम में कहा, बंगाल में एनआरसी लागू होने को लेकर 100 फीसदी आश्वस्त रहें। लेकिन हिंदुओं को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम बहुत जल्द संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पेश करने वाले हैं। उन्होंने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि एनआरसी को लागू किया जाएगा लेकिन किसी भी हिंदू को देश नहीं छोड़ना होगा। प्रत्येक हिंदू को नागरिकता दी जाएगी।विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने टीएमसी की ओर इशारा करते हुए कहा, कुछ लोग हैं जो असत्य फैलाने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा, भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान बहुसंख्यक समुदाय के लोग घुसपैठ करें, आतंक फैलाएं और हमारे नागरिकों की आजीविका छीन लें। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें तब तक चिंता करने की जरूरत नहीं है जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री और अमित शाह गृहमंत्री हैं।

तो वही भाजपा पर अक्सर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वेस्ट मिदना ज़िले में स्थित डेबरा में एक प्रसाशनिक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि “यह बहुत हैरानी भरा है कि एनआरसी को लेकर लोगो में डर इस कदर फ़ैल चुका है कि वह आत्महत्या जैसा गंभीर कदम कदम उठा रहे हैं। ममता ने दावा किया कि एनआरसी लागू होने के डर से 11 लोगों ने आत्महत्या कर ली। लोगो में डर है कि पश्चिम बंगाल में भी एनआरसी लागू न कर दी जाए। लेकिन मैं साफ़ कह देना चाहती हूँ कि बंगाल में एनआरसी कभी लागू नहीं होगा।” इससे पहले भी ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह एनआरसी को लेकर राज्य में भ्रम का माहौल बना रही है। उनका आरोप है कि स्थानीय भाजपा नेता एनआरसी लागू करने की संभावना को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। साथ ही ममता ने पश्चिम मिदनापुर के डेबरा में अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि प्रखंड जिला अधिकारियों (बीडीओ) और जनता के प्रतिनिधियों को आदेश दिया है कि वह घर-घर जाकर एनआरसी लागू होने पर राष्ट्रीयता छिनने के डर पर लोगों की शंकाओं को शांत करें। इस दौरान मुखयमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से कहा कि वे अपने नाम मतदाता सूची में अंकित कराएं। क्योंकि इसे अपडेट करने के प्रक्रिया जारी है। एक रैली के दौरान जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि अपने राजनीतिक प्रोपोगेंडा के तहत ‘फर्जी अभियान के माध्यम से कह रही है कि वह बंगाल में भी एनआरसी सूची लेकर आएगी।

“बंगाल छोड़ो ,एनआरसी किसी और राज्य में भी नहीं आ सकता। एनआरसी 1985 के असम समझौते के कारण अनिवार्य थी। सिर्फ किसी ने कह दिया कि ऐसा होगा ,तो इसका मतलब यह नहीं है की ऐसा होगा ही। भाजपा को एनआरसी की जरुरत अपने प्रोपोगेंडा के लिए है।”-ममता बनर्जी

एनआरसी को लेकर सियासत इस कदर बढ़ चुकी है कि एनआरसी के विरोध पर विहिप ने भी ममता को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके बयान से देश की सुरक्षा को खतरा है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में बंगाल ‘लव जिहाद’ का गढ़ बन गया है। उन्होंने ममता बनर्जी से अपील की वह राज्य में एनआरसी का विरोध न करे, क्योंकि देश की सुरक्षा और मुस्लिम घुसपैठियों को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये के कारण राज्य में हिंदू समाज की स्थिति अत्यधिक खतरनाक हो गई है। उन्होंने कहा, कि मुख्यमंत्री का सार्वजनिक तौर पर दिया गया बयान जिसमें वह लोगों को उनके व्यक्तिगत दस्तावेजों को खोने के बारे में नजदीकी पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करने के लिए कह रही हैं। यह बयान बहुत ही आश्चर्यजनक है। यह दर्शाता है कि भले ही एक दस्तावेज खोया न हो, मगर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसका फायदा घुसपैठियों को होगा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD