[gtranslate]
Country

योगी सरकार के नए फरमान ने बढ़ाया गन्ना किसानों की मुसीबत, विपक्ष हुआ हमलावर

योगी सरकार के नए फरमान ने बढ़ाया लाखों गन्ना किसानों की मुसीबत, विपक्ष हुआ हमलावर

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने का दावा करती रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की गन्ना विभाग एक फरमान जारी कर किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। विभाग ने अपने नए फरमान के तहत प्रदेश में अब SMS पर्ची जारी होने के 72 घंटे के बाद गन्ना खरीद पर रोक लगा दी है। किसानों को अब 72 घंटे के भीतर गन्ने की कटाई कर मिल तक पहुंचाना होगा। इसके अलावा विभाग ने सूखा गन्ना मिलने पर किसान का सट्टा भी बंद किए जाने का फरमान जारी किया है।

फरमान के जारी होने के बाद गरीब गन्ना किसानों के साथ आरएलडी, भाकियू और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लूस ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह किसान विरोधी है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया, “गन्ना विभाग ने गन्ना माफियाओं को लाभ पहुंचाने की सोची-समझी रणनीति के तहत ऐसा निर्देश जारी किया है। उन्हें पता है कि सभी किसानों के पास न मोबाइल है और न ही हर किसान पढ़ा-लिखा है। न ही हर किसान के पास खुद का ट्राली-ट्रैक्टर है या इतने लोग हर वक्त मौजूद है कि वे SMS पर्ची मिलते ही अपने गन्ने की कटाई कर उसे 72 घंटे में गन्ना क्रय केन्द्र पर पहुंचा सके।

कांग्रेस नेता अजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही गन्ना किसानों के इन मुद्दों को लेकर योगी सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरेगी। वहीं भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बताया कि इस सरकार ने न तो बीते वर्षों से गन्ने का मूल्य बढ़ाया। अपने वायदे के मुताबिक गन्ने का भुगतान 14 दिन छोड़ पिछले 3 वर्ष का भी बकाया भुगतान अब तक नहीं करा पाई।

गन्ना विभाग अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए SMS पर्ची जारी होने के 72 घंटे बाद गन्ना न खरीदने का निर्देश जारी कर किसानों का शोषण शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दूबे ने बताया कि गन्ना विभाग ने पहले तो लाखों खर्च कर ई-गन्ना ऐप बनाकर उसे सीएम योगी से लांच कराया। फिर ई-गन्ना ऐप में किसानों के गन्ने से जुड़ी समस्त जानकारी होने का दावा कर किसानों से ऐप का प्रयोग करने की बात कही।

You may also like

MERA DDDD DDD DD