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यूपी : राज्य के सबसे बड़े चीनी मिल में किसानों का करोड़ों बकाया,सरकार से खफ़ा हैं किसान 

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले  में सभी चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत होने से पहले सभी गन्ना किसानों का पिछला भुगतान कर दिया गया है तो वहीं राज्य की सबसे बड़ी चीनी मिल बजाज कुंदरकी अभी तक किसानों का पिछला गन्ना भुगतान नहीं कर पाई है।लगभग 146 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं।

नए किसान कानून के बाद से ही देश भर के लगभग सभी किसानों में सरकार के प्रति काफी रोष है। एक तरफ किसान एमएसपी(न्यूनतम सहयोग राशि) की गारंटी की मांग कर रहे हैं और कानून को निरस्त करने की मांग कर सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार इस बात पर अड़ी हुई है कि कानून को वह किसी भी हालत में वापस नहीं लेगी।

 

बजाज ग्रुप के लगभग सभी 14 शुगर मिलें उत्तर प्रदेश में ही स्थित

ऐसे में देश के किसी भी कोने से अगर किसान के शोषित और पीड़ित होने की खबर आती है तो वह निश्चित तौर पर राष्ट्रीय बहस का मुद्दा होता है।इसी बीच उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसी खबर आयी है जो केंद्र सरकार द्वारा किसान को सही समय पर भुगतान देने के दावों को झूठा साबित करती है। बजाज ग्रुप के लगभग सभी 14 शुगर मिलें उत्तर प्रदेश के ही विभिन्न जिलों में स्थित है। पर इन दिनों गोंडा स्थित बजाज शुगर मिल लिमिटेड चर्चा में है।

उसकी वजह यह है कि पिछले दो वर्षों से इस चीनी मिल ने गन्ना किसानों के लगभग 146 करोड़ रूपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है।आपको बता दें कि गोंडा के कुंदरखी स्थित यह चीनी मिल यूपी की सबसे बड़ी चीनी मिल है।बजाज कुंदरखी में पिछले वर्ष का 146 करोड़ गन्ना भुगतान ना होने के चलते किसान आंदोलित हो मिल का घेराव कर रहे हैं।किसान मिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध कर रहे हैं।

अपनी मांगों पर अड़े किसान

बीते रविवार (10 जनवरी 2021) को क्षेत्रीय नेताओं की अगुवाई में हजारों की संख्या में किसान बजाज चीनी मिल का घेराव कर अपनी मांगों पर अड़े रहे।  सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की पुलिस फोर्स सहित क्षेत्राधिकारी मनकापुर मौके पर पहुंचीं लेकिन किसानों में बजाज चीनी मिल के जीएम आक्रोशित किसानों को समझाने में लगातार जुटे हुए हैं।  किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द किसानों के गन्ना बिल का भुगतान किया जाए।  जीएम जेबी सिंह ने आक्रोशित किसानों को आश्वासन दिया है इस वर्ष का भुगतान बकाया 20 फरवरी तक कर दिया जाएगा और पिछले का भुगतान 28 फरवरी तक हो जायेगा।

स्थानीय किसान नेता नीरज सिंह का कहना है की भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाकर किसान भाइयों को रोका जा रहा है।  चीनी मिल के जीएम ने आश्वासन दिया है कि फरवरी माह के आखिरी सप्ताह तक किसानों का पिछला गन्ना भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन हम उनके लिखित आश्वासन पर ही मानेंगे।  जब तक लिखित में नहीं मिलेगा हम लोग आंदोलन करते रहेंगे। अब सवाल यह है कि केंद्र सरकार का यह दावा कि किसानों को अधिकतम 14 दिनों में भुगतान कर दिया जाता है वह खोखला साबित होता नजर क्यों आ रहा है।

भाजपा सरकार में नहीं मिल रहा गन्ने का भुगतान! : समाजवादी पार्टी

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से भी एक ट्वीट किया गया है जिसमें कहा गया है कि , “भाजपा सरकार में नहीं मिल रहा गन्ने का भुगतान! गोंडा की बजाज चीनी मिल पर पिछले वर्ष का किसानों का 146 करोड़ बकाया है। अबतक भुगतान नहीं हुआ। 14 दिनों में गन्ने के भुगतान का दावा करती है भाजपा सरकार ।अबतक क्यों नहीं हुआ भुगतान? जवाब दें मुख्यमंत्री। तत्काल हो भुगतान।”
समाजवादी पार्टी के इस ट्वीट के बाद इस मामले ने राज्य में एक सियासी रंग भी ले लिया है। अब देखना यह होगा कि बजाज ग्रुप फरवरी तक यह सभी बकाया निपटा देती है या नहीं।

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