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एक सप्ताह बाद भी अनसुलझा चंदेल हत्याकांड, विपक्ष हुआ हमलावर 

एक सप्ताह बाद भी अनसुलझा चंदेल हत्याकांड, विपक्ष हुआ हमलावर 

गौरव चंदेल की हत्या के एक सप्ताह बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस की लापरवाही इस मामले में पहले ही उजागर हो चुकी है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ गौरव चंदेल हत्याकांड पर उत्तर प्रदेश सरकार घिरती नजर आ रही है।

प्रदेश के दो बड़े दल कांग्रेस और बसपा के नेताओं ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बकायदा ट्वीट करके कहा है कि जब नोएडा जैसे शहर में हत्या जैसी संगीन वारदात हो सकती है तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रह सकता है।

कांग्रेस यूपी की बिगड़ती कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बना योगी सरकार पर हमलावर हो गई है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू मृतक के परिजनों को ढाढ़स बढ़ाने आए थे। आज पार्टी इस मामले पर एसएसपी ऑफिस का घेराव कर रही है।

इस मुद्दे पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लोग जुलूस निकाल रहे हैं, धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

सभी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। जबकि सत्तारूढ पार्टी के स्थानीय भाजपा विधायक कहते हैं कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही रही है जिसपर कार्यवाई की गई है।

ग्रेटर नोएडा के नये बसे शहर गौड़ सिटी-1 सोसायटी में 6 जनवरी को गौरव चंदेल की मौत के तीन दिन बाद ढाढस बंधाने पहुंचे सांसद डॉ. महेश शर्मा के सामने मृतक की पत्नी प्रीति बिफर अपने आंसू रोक नहीं पाई। प्रीति ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस शहर में आने के बाद पति की हत्या हुई है।

अगर वह यहां नहीं आते तो उन्हें आज यह दिन देखने नहीं पड़ते। प्रीति चंदेल ने सांसद को बताया कि वह जब बिसरख कोतवाली में पति के लापता होने और मोबाइल स्विच ऑफ होने की सूचना देने पहुंची थीं तो उनसे कहा गया कि सर्विलांस देखने वाला पुलिसकर्मी चला गया है। वह सुबह दस बजे आएगा, आप भी दस बजे आना।

गौरव परिवार को लेकर साढ़े तीन साल पहले शहर में आए थे और यहां आने के बाद पति की जान गई है। डॉ. महेश शर्मा ने गौरव के बेटे की नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की और पत्नी को नौकरी का आश्वासन दिया।

परिवार से मिलने के तुरंत बाद सांसद ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को पत्र लिखकर ग्रेनो वेस्ट में पुलिस बल और सुरक्षा बढ़ाने वगैरह की मांग की है। जबकि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पीड़ित परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता भेजी। साथ ही परिवार के सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया है।

मैंने इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी को पत्र लिखा। मृतका को आर्थिक सहायता देने तथा  सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। 20 लाख आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही हमने मृतक गौरव चंदेल के बच्चे को नि:शुल्क शिक्षा देने का भी आश्वासन दिया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब एक लाख परिवार बस चुके हैं। ऐसे में यहां एक थाने की सख्त जरूरत है। हमने थाने खुलवाने की मांग की है। अपराधी जल्द ही पकड़े जाएंगे। – तेजपाल नागर , विधायक दादरी विधानसभा

गौरतलब है कि 6 जनवरी की रात सेल्स मैनेजर गौरव चंदेल की गुरुग्राम स्थित कंपनी से घर लौटने के दौरान अज्ञात बदमाशों ने कार और दूसरे सामान लूटकर हत्या कर दी थी। गौरव ने ऑफिस से निकलते समय दस मिनट में घर आने के लिए पत्नी को फोन पर जानकारी दी थी। उसके बाद गौरव का फोन बंद हो गया।

गौरव का मोबाइल बंद होने पर पत्नी प्रीति को अनहोनी की आशंका होने लगी। वह पड़ोसियों व  सोसायटी के अन्य लोगों के साथ रात में बिसरख कोतवाली पहुंची। प्रीति का आरोप था कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसे अगले दिन सुबह 10 बजे आने के लिए कहा था।

उत्तर प्रदेश अपराध प्रदेश बन गया है। यहां की सरकार खुद अपराधियों को शह देने का काम कर रही है। चिन्यमानन्द और सेंगर का मामला सबके सामने है। जिसमें पुलिस ने पीड़ितों पर ही कार्यवाही कर दी थी। पुलिस बैलगाम हो गई है। वह आरोपियों को गिरफ्तार करने की बजाय छूट दे रही है। गौरव चंदेल हत्याकांड इसका जीता-जगता उदहारण है। आज हमारी पार्टी इस मामले पर एसएसपी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे है। – वीरेंद्र सिंह गुड्डू, प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश कांग्रेस

इसके बाद प्रीति और अन्य लोगों ने रात में ही गौरव को तलाश किया । इसी दौरान पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। फलस्वरूप 7 जनवरी की सुबह साढ़े चार बजे उनका शव फेज-3 थाना क्षेत्र से बरामद हुआ।

परिजन रात भर बिसरख और फेज-3 थाना क्षेत्र में भटकते रहे। घटना के बाद से परिजन और ग्रेनो वेस्ट के लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूट रहा है। नेफोमा ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

शुक्रवार को भी आईजी और मंडलायुक्त के सामने परिजनों और दूसरे लोगों ने पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। इसके बाद आईजी ने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की। इस मामले में बिसरख थाना प्रभारी मनोज पाठक समेत 6 पुलिसकर्मियो को निलंबित कर दिया गया है।

साथ ही तीन जांच टीम गठित कर दी है। इस कार्रवाई के बाद जिले के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी के अलावा पुलिस कर्मियों को भी किसी भी पीड़ित की सूचना देने पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

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