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कॉलेज का तुगलकी फरमान, ‘लंबी कुर्ती पहनोगी-अच्छे रिश्ते पाओगी’ 

 

 एक तरफ हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं।  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते है।  महिलाओ को सम्मान दिलाने के दावे के साथ बड़े बड़े सेमीनार आयोजित करते है।  लेकिन दूसरी तरफ ऐसे ऐसे फरमान जारी करते है, जिससे सिद्ध होता है की हमारी मानसिकता आज भी 16 वी शताब्दी की है। यह तुगलकी फरमान अगर शिक्षा संस्थानों में जारी किये जाते है तो आज की शिक्षा पद्धति के सच भी सामने आता है। जिसमे हम छात्रों को छोटे कपडे पहनने तक पर प्रतिबंद लगा देते है। तो स्वाभाविक है कि इस तरह के फरमान पूरे कैंपेन के खिलाफ हैं। 
शिक्षा संस्थानों में ऐसा ही एक तुगलकी फरमान जारी हुआ है हैदराबाद केसेंट फ्रांसिस कॉलेज में। कॉलेज की एक  पूर्व छात्रा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया है कि छात्राओं के प्रतिनिधियों से कहा गया कि लंबी कुर्ती पहनने से अच्छे शादी के रिश्ते आएंगे। उन्होंने दावा किया है कि छात्राओं को कुर्ती पहनने के लिए लगातार अपमानित किया गया था जबकि उनकी कुर्ती घुटने से सिर्फ एक इंच कम या एक इंच ऊपर थी। उन्हें बाहर खड़े रहने के लिए कहा गया। जिसके चलते वह कक्षाओं और टेस्ट में शामिल नहीं हो सकीं है।

सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वूमेन ने घुटनों से ऊपर पहनी जाने वाली कुर्ती पर बैन लगा दिया है। यह नया नियम एक अगस्त से लागू किया गया है।  कॉलेज का कहना है कि लंबी कुर्ती पहनने से शादी के रिश्ते ज्यादा आएंगे।  इस पूरे मामले में कॉलेज के स्टूडेंट्स ने हैदराबाद में प्रदर्शन किया है। 

 दरअसल, कॉलेज ने अपने कॉलिज की छात्राओं के लिए एक ड्रेस कोड तय किया है। जिसमे छात्राओं को आदेश दिया गया है कि वह घुटनों के नीचे तक की कुर्ती, स्लीव के साथ पहनें। इसके अलावा शार्ट्स, स्लीवलेस और इस तरह की बाकी ड्रेसों पर भी बैन लगा दिया गया है।  इस वजह से कई छात्राओं को कक्षाओं तक में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि उनके कपड़े नियमों के मुताबिक नहीं थे।  फ़िलहाल इस मामले पर कॉलिज की छात्राए आंदोलन करने को मजबूर हुई है।

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