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होने जा रही है तृणमूल में बड़ी सेंधमारी 

पश्चिम बंगाल में इसी साल अप्रैल -मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अब  जैसे – जैसे  विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे – वैसे  राज्यों के साथ – साथ देश की राजनीति भी गरमाने लगी है। राज्य होने वाले विधानसभा चुनाव  का भले ही औपचारिक ऐलान न हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता से सूबे की सियासी  सरगर्मी  को बढ़ा दिया है। राज्य में इस बार सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। इस बार भाजपा सत्ताधारी पार्टी तृणमूल को हर हालत में पटखनी देने के लिए श्याम दाम दंड भेद की राजनीति पर उतर गई है। और पश्चिम बंगाल में अपने पक्ष में माहौल गरमाए रखने के लिए तृणमूल कांग्रेस में धीरे-धीरे सेंध लगाकर आगे बढ़ रही है। भाजपा  का दावा है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक उसके संपर्क में है, लेकिन वह किसी जल्दबाजी में नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 23 जनवरी और  गृह मंत्री अमित शाह  30 जनवरी को राज्य के  दौरों  से भाजपा के मिशन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भाजपा महासचिव व राज्य के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय चालीस से ज्यादा तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करेगी, बल्कि धीरे धीरे तृणमूल को झटका देगी। पार्टी में लगभग एक दर्जन नेता शामिल हो सकते हैं, लेकिन उनको एक-दो कर लिया जाएगा। इसके पीछे का मकसद चुनाव तक विरोधी खेमे में भगदड़ की स्थिति बनाए रखना है।

 हाल में एक मीडिया सर्वे को लेकर भी भाजपा उत्साहित है। पार्टी का कहना है कि इसके विश्लेषण से साफ है कि राज्य में सत्ता विरोधी माहौल है। इस सर्वे में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को भाजपा से आगे दिखाया गया है, लेकिन राज्य सरकार से नाराजगी को बहुत ज्यादा दिखाया गया है। हालांकि लोग मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी को काफी पसंद करते हैं। भाजपा का मानना है कि जब लोग सरकार से नाराज हैं तो वोट भी खिलाफ ही करेंगे। चूंकि भाजपा से मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार नहीं है, इसलिए ममता बनर्जी की पसंद ज्यादा है।

 भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि इस माह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों व उसके बाद गृह मंत्री अमित शाह के दौरों के बाद स्थिति और बदलेगी। चुनाव में अभी समय है और भाजपा तेजी से आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि भाजपा ने राज्य में दो सौ पार का नारा दिया है। भाजपा ने पिछले चुनाव में महज तीन सीटें जीती थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में उसने 18 सीटें जीतकर बड़ी छलांग लगाई थी, जिसके बाद वह राज्य में सत्ता की मजबूत दावेदार बनकर उभरी है।

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