[gtranslate]
Country

फिर साधा वरुण ने भाजपा पर निशाना

कोरोनाकाल के बीच अगले साल यानी कुछ ही महीनों के भीतर होने वाले पांच महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर एक ओर जहां सभी राजनीतिक पार्टियां  रैलियों और जनसभा के जरिए चुनावी तैयारियों में जुटी हैं वहीं दूसरी तरफ भाजपा सांसद वरुण गांधी अपनी ही पार्टी के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। अब उन्होंने राज्यों में ओमिक्रॉन से निपटने के लिए लागू नाइट कर्फ्यू को लेकर भी सवाल उठाया है।

 


नाइट कर्फ्यू को लेकर वरुण गांधी ने उठाया
सवाल

 

वरुण गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि एक तरफ रात में कर्फ्यू लगा रहे हैं और दिन में रैलियों में लाखों लोगों की भीड़ जुट रही है। यह घटनाक्रम सामान्य जनमानस की समझ से परे है। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश की सीमित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के मद्देनजर हमें ईमानदारी से यह तय करना पड़ेगा कि हमारी प्राथमिकता भयावह ओमीक्रोन के प्रसार को रोकना है अथवा चुनावी शक्ति प्रदर्शन।’ उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं को सामने से नेतृत्व करना चाहिए ताकि आम जनता को घरों में रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। गांधी ने उल्लेख किया कि अधिकतम संक्रमण आमतौर पर दिन के दौरान होता है, क्योंकि रात में सड़कों पर कम लोग होते हैं। उन्होंने सामाजिक समारोहों में सख्ती से कटौती करने का आह्वान किया, जो कोविड के फैलने का कारण बन सकते हैं। उन्होंने मार्च 2021 में महाराष्ट्र सरकार को केंद्र की ओर से भेजे गए नोट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि रात्रि कर्फ्यू, सप्ताहांत लॉकडाउन जैसे उपायों का संक्रमण का प्रसार रोकने या कम करने पर बहुत सीमित प्रभाव पड़ता है।

नोट में कहा गया था कि प्रशासन को कठोर तथा प्रभावी रोकथाम रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। गांधी ने समग्र रणनीति का आह्वान किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने देश के विभिन्‍न राज्‍यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए  25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू किए जाने के निर्देश दिए। रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रदेश में रात्रि 11 बजे से सुबह पांच बजे तक के लिए लागू किया गया है। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की जन विश्वास यात्रा की जनसभाओं में भीड़ जुट रही है और पार्टी के प्रमुख नेताओं की जनसभाओं का आयोजन राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है। भाजपा ने राज्य के छह क्षेत्रों से पिछले दिनों जन विश्वास यात्रा शुरू की, जो प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।

 

पहले भी कर चुके हैं वार

 

कुछ दिन पहले वरुण ने सीएम योगी को संविदा कर्मियों की मांगों को लेकर घेरा था। उन्होंने सीएम को एक पत्र लिखकर कहा था कि आपने संविदा कर्मियों को उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया था। इसके ढाई महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

वरुण 19 दिसंबर को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे संविदा कर्मियों के कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां उनके बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनी थीं।

UPTET पेपर लीक मामले में वरुण ने सरकार से पूछा था कि आखिर रसूखदारों पर एक्शन कब होगा? उन्होंने कहा था कि ज्यादातर शिक्षण संस्थानों के मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं।

 

कृषि कानून पर भी निशाना साध चुके हैं

 

कृषि कानून और किसानों के मुद्दे पर भी वरुण सरकार के लिए कई बार असहज स्थिति उत्‍पन्‍न कर चुके हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को कई बार लेटर लिखा था। इसमें किसानों की मांग को पूरा करने की बात कही थी।

वरुण गांधी ने एक किसान के फसल जलाने पर भी भाजपा  को घेरा था। उन्होंने लिखा था कि यूपी के किसान श्री समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी।

 

केंद्र के निजीकरण प्रस्ताव का भी कर चुके हैं विरोध

 

वरुण ने केंद्र सरकार के बैंकों के निजीकरण का भी विरोध किया था। वहीं अमेजन, फ्लिपकार्ट पर भी हमला किया था। उन्होंने कहा था कि किसानों के हित में केवल मैं खड़ा हुआ था। इसके विरोध करने की बाकी किसी भी सांसद की हिम्मत नहीं हुई थी।

गन्ना मूल्य को लेकर परोक्ष रूप से राजनीतिक दलों पर कटाक्ष करते हुए वरुण ने कहा कि टिकट कटने के डर से पार्टी के नेता ऐसे मुद्दे नहीं उठाते। उन्हें इसका कोई डर नहीं है, क्योंकि उनके परिवार ने निर्दलीय भी चुनाव जीता है

You may also like

MERA DDDD DDD DD