[gtranslate]
Country

तीन साल पहले किया था जिस बेटे का अंतिम संस्कार वह लॉकडाउन में लौट आया घर

तीन साल पहले किया था जिस बेटे का अंतिम संस्कार वह लॉकडाउन में लौट आया घर

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विश्व भर में इस महामारी से अबतक 2 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं अब संक्रमितों की संख्या 78 हजार पार कर चुकी है। जबकि 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

covid19india.org के मुताबिक, भारत में अब तक कुल 78,055 मामलों की पुष्टि हुई है। जबकि 2551 लोग दम तोड़ चुके हैं। वहीं सक्रिय मामलों की संख्या 49,099 है। इसके अलावा 26,400 लोग ठीक भी हुए हैं।

इसी संकट के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर के एक मां-बाप का बेटा तीन साल पहले मर गया था जो अचानक लॉकडाउन के दौरान घर लौट आया।

यह देख मां-बाप और रिश्तेदार हक्के-बक्के रह गए। लोग हैरान परेशान थे कि जिस बेटे के शव का तीन साल पहले अंतिम संस्कार कर चुके थे अचानक वो कैसे प्रकट कैसे हो गया। मां-बाप भौचक्के रह गए।

दरअसल, मध्य प्रदेश के छतरपुर के बिजावर इलाके में तीन साल पहले बिजावर के मौनासइया जंगल में एक कंकाल मिला था जिसकी पहचान भगोला आदिवासी ने अपने बेटे के रूप में की थी।

कंकाल का अंतिम संस्कार भी परिजनों ने अपने बेटे की तरह कर दिया था। अब कोरोना संकट के चलते कई राज्यों से मजदूर घर वापसी कर रहे हैं।

डिलारी गांव में ऐसे में अचानक एक युवक उदय आदिवासी अपने घर पहुंचा तो लोग हक्के-बक्के रह गए। जो पिता अपने बेटे को मरा समझकर अंतिम संस्कार कर चुका था वह अचानक सामने जिंदा खड़ा था।

पिता ने पुलिस के पास युवक को ले जाकर जो हकीकत बताई, उससे अब पुलिस भी हैरान है। तीन साल पहले अपने परिवार से नाराज होकर उदय हरियाणा के गुरुग्राम चला गया। वहीं एक फैक्ट्री में काम करता रहा। लॉकडाउन हुआ तो वह घर वापस आया।

इस मामले में बिजावर एसडीओपी सीताराम अवाश्या का कहना है कि जिस युवक को मरा हुआ समझा जा रहा था, वह वापिस जिंदा हो गया तो परिजनों ने जिस कंकाल का अंतिम संस्कार किया था, आखिर वह किसका था? अब पुलिस बंद कर चुकी फाइलों को फिर से खोलने जा रही है।

You may also like