Country Uttarakhand

ड्रीम प्रोजेक्ट में घोटाले की घुन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट कौशल विकास पर उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार का घुन लग चुका है। खुद राज्य के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को इसमें बड़े घोटाले की बू आ रही है। प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की जो शिकायतें आ रही हैं वे उनके कार्यकाल से पहले की हैं। उनसे पहले एक साल तक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों में कौशल विकास की कमान थी तो जाहिर है कि घोटाले को लेकर उठते सवालों का जवाब भी उन्हें ही देना पड़ेगा। बहरहाल घोटाले की शिकायतों की जांच में कौशल विकास के नए मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत जो तत्परता दिखा रहे हैं उससे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं
प्रदेश में नौकरशाहों के बेलगाम होने की खबरें कई बार सामने आती रही हैं। विकास कार्यों में लापरवाही और मनमर्जी के आदी हो चुके ये नौकरशाह अब विभागीय मंत्रियों को जरा भी तबज्जो नहीं देते। विभागीय कामकाज में मंत्रियों को बाईपास करते हैं। हाल ही में कौशल विकास मंत्री हरक सिंह रावत को उनके विभाग के सचिव ने कौशल विकास मिशन कार्यक्रम में जिस तरह से बाईपास किया उससे नाराज मंत्री ने अपर मुख्य सचिव को कड़ा पत्र लिखा है। मंत्री के इस पत्र से ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट कौशल विकास मिशन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य में इस मिशन को एक साजिश के तहत पलीता लगाया जा रहा है। इसमें जमकर भ्रष्टाचार और करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने का काम शुरू हो चुका है। वह भी तब जबकि राज्य में एक वर्ष तक कौशल विकास योजना की कमान खुद मुख्यमंत्री के हाथों में थी। ऐसे में मुख्यमंत्री भी सवालों के घेरे में हैं।
सरकार के वन, श्रम तथा कौशल विकास मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने 21 जून 2018 को अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश जिनके पास कौशल विकास मिशन विभाग भी है, को एक कड़ा पत्र लिखा है। इसमें रावत ने विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई है कि विभागीय मंत्री होने के बावजूद उन्हें कौशल विकास के संचालन संबंधी जानकारी नहीं दी जाती। राज्यों के कौशल विकास मंत्रियों के सम्मेलन में उनके साथ विभाग के बड़े अधिकारी भाग नहीं लेते, बल्कि जिला स्तरर के छोटे अधिकारी भेज दिए जाते हैं। इससे भी बढ़कर एक और अहम बात जो उन्होंने पत्र में लिखी है, उससे लगता है कि कौशल विकास संस्थाओं के चयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और योजनाओं में भारी गड़बड़झाला है। जिसकी जांच होनी चाहिए।
केंद्र सरकार कौशल विकास योजना से काफी उत्साहित है। स्वयं प्रधानमंत्री इसका देश-विदेश में प्रचार करते हैं, लेकिन उत्तराखण्ड में मोदी के हुए ड्रीम प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और गोलमाल की आशंका खुद विभागीय मंत्री ने जताई है।स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। कौशल विकास कार्यक्रम के संचालन के लिए राज्य में एक प्रशासनिक ढांचा बनाया गया है। राज्य के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश कौशल विकास विभाग का इस कार्यक्रम के प्रमुख सचिव तो सूचना महानिदेशक पंकज कुमार पाण्डे को इस प्रोजेक्ट का निदेशक बनाया गया।
अब राज्य में स्किल डेवलपमेंट मिशन की बात करें तो महाराष्ट्र, पंजाब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में प्रदेश के कौशल विकास कार्यों को लेकर जमकर प्रचार-प्रसार किया। करोड़ों के विज्ञापनों के जरिए बाहरी प्रदेशों की कंपनियां को उत्तराखण्ड में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सरकार जहां एक ओर दूसरे राज्यों की कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए करोड़ों रुपए के विज्ञापन जारी करने चर्चा में रही, वहीं इन कंपनियों के हित में अपने राज्य की कंपनियों को हतोत्साहित करने वाली उसकी शर्तें भी खूब चर्चा में रही।
मंत्री ने मांगी आरटीआई से जानकारी

कौशल विकास केंद्रों के संचालन के लिए कंपनियों के चयन में जो शर्तें रखी गई उनमें पांच बिंदु निर्धारित किए गए। इन बिंदुओं के अनुसार कंपनियों के आकलन के लिए कुल 40 अंक रखे गए। सबसे पहला बिंदु वार्षिक टर्नओवर का था, जिसमें प्रति 20 लाख पर 1 नंबर दिए जाने की व्यवस्था की गई। इसके तहत बाहरी राज्यों की कंपनियां जिनका करोड़ों में टर्न ओवर था उन्हें आसानी से 20 में से 20 नंबर दे दिए गए, जबकि उत्तराखण्ड की कंपनियों को इस बिंदु के कारण बुरी तरह मात खानी पड़ी। इसमें राज्य की अधिकतर कंपनियों को एक या दो नंबर ही मिल पाए। दूसरा बिंदु कौशल विकास कार्य अनुभव का था। जिसके लिए 5 अंक रखे गए। तीसरा बिंदु प्रदेश में कार्य करने पर पांच अंक मिलने और चौथा बिंदु स्वयं का केंद्र होने से संबंधित था। इसके अनुसार मिशन के संचालन के लिए कंपनियों के पास स्वयं के ऐसे केंद्र होने चाहिए जहां वे कार्यक्रम संचालित कर सकें। कंपनियों के ये केंद्र सुविधाओं से संपन्न जैसे कि भूमि आहाता, सीटों के अनुपात में भवन, जलपान, शैचालय और पार्किंग की सुविधाओं से युक्त होने चाहिए। जिसके लिए कुल नंबर पांच रखे गए। पांचवा और अंतिम बिंदु सेवा योजन यानी प्लेसमेंट की सुविधा का रखा गया। जिसमें कौशल विकास के कामों के बाद अभ्यर्थी को नौकरी दिए जाने का विषय था इसके लिए भी पांच नंबर रखे गए।

इन शर्तों के अधिकतर बिंदुआें में तो प्रदेश की कंपनियां को नंबर मिल गए, लेकिन टर्नओवर के बिंदु पर राज्य की कंपनियां मात खा गई और बाहरी राज्यों की कम्पनियां जिनको कि तीसरे और चौथे बिंदु के आधार पर चयन प्रक्रिया में शून्य नंबर मिलने चाहिये थे उनको प्रथम और दूसरे बिंदु से बड़ी राहत दी गईं। इसके चलते बाहरी राज्यों की कई कंपनियां को राज्य में काम करने में आसानी हो गई। सूत्रों के मुताबिक उत्तराखण्ड की कंपनियों को बाहरी राज्यों की कंपनियां से कमतर करने के लिए ऐसी शर्तें लगाई गई जिससे उन्हें काम न मिल सके।
प्रदेश की कम्पनियों को प्लेसमेंट की शर्त में यह भी जोड़ा गया कि अभ्यर्थी को नौकरी मिलने या प्लेसमेंट में वेतन स्लिप पीएफ और अन्य सुविधाएं जो कि सरकार द्वारा एक कर्मचारी को दिए जाने का प्रावधान है, उनका होना जरूरी है। तीन वर्ष की आयकर रिटर्न जो कि पूरी तरह से सत्यापित हो। राज्य की कंपनियों के लिए जरूरी की गई। लेकिन बड़ी कंपनियों जो कि तकरीबन बाहरी प्रदेशों की हैं, उन्हें इन सभी शर्तों से मुक्त रखा गया।
अब चयन प्रक्रिया की बात करें तो राज्य कौशल विकास एसोशिएसन का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पूरी तरह से धांधली की गई है। चयन कमेटी में शामिल कई अधिकारी प्रस्ताव के निरीक्षण में आते ही नहीं हैं। लेकिन ऊपर से मिले आदेशां के चलते आसानी से बाहरी कंपनियों के प्रस्तावां को पास कर दिया जाता है। यही नहीं एक ही व्यक्ति के परिजनों की कई कंपनियों को काम दिया गया है। बाहरी राज्यों की कंपनियों को सरकारी सुविधाएं तक दी गई हैं। जिनमें महाराष्ट्र की रूस्तम जी स्किल एकेडमी ऑफ कैटियर्स मुंबई को 500 सीटें, हरियाणा की अजाईल स्किल डेवलपमेंट लिमिटेड कुरूक्षेत्र को 300 सीटें, उत्तर प्रदेश की श्यादबाद जैन एजुकेशन बागपत को 700 सीटें कौशल विकास कार्यक्रम के लिए दी गई हैं। हैरानी इस बात की है कि इन तीनां ही कंपनियां को न तो उत्तराखण्ड में काम करने का अनुभव है और न ही इनके पास केंद्र संचालित करने के लिए प्रदेश में अपने कोई भवन हैं। बावजूद इसके तीनों की बाहरी कंपनियों को तकरीबन 13 करोड़ का काम दिया गया है। इसके अलावा इन तीनों ही कंपनियों को देहरादून के ईसी रोड स्थित राजकीय महिला आईटीआई के परिसर में बगैर किसी शुल्क के भवन दिए गए हैं। जबकि नियमानुसर इन कंपनियों का अपना भवन होना जरूरी है।
फजीवाड़े की ओर इशारा करता मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का पत्र

दरअसल, कौशल विकास मिशन में सरकार द्वारा 580 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है जिसके लिए सरकार द्वारा प्रति घंटा 42 रुपए प्रति अभ्यर्थी के लिए दिया जाता है। इसके अनुसार इन तीन कंपनियों को विगत एक वर्ष में कई कई बैच दिए गए हैं और आने वाले समय में अन्य बैच भी इनको ही मिलने वाले हैं। इसी तरह से ‘धान्या’ और ‘भाव्या’ नाम की कंपनियां जो कि एक ही व्यक्ति के परिवार की कंपनियां हैं, उन्हें सबसे ज्यादा 1830 सीटें दी गई हैं। एक अनुमान के अनुसार महज 15 सौ सीटें जो कि इन तीनां ही कंपनियों को दी गई हैं, उसमें सरकार द्वारा इन कंपनियों को तकरीबन 13 करोड़ का काम दिया गया है। राज्य सरकार की शर्तों के चलते बाहरी कंपनियां काम पाने में सफल रही तो राज्य की कंपनियां उनकी साझीदार होकर रह गईं। कौशल विकास संचालन के लिए चयनित कंपनियों की सूची पर नजर डालें तो एक ही कंपनी को दर्जनों केंद्र आवंटित किए गए।

आंकड़ों के अनुसार गलैक्सी कम्प्यूटर्स को हरिद्वार में 8 केंद्र, रामगंगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर को अल्मोड़ा में 4 केंद्र, भव्या स्किल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट को हरिद्वार में 10 केंद्र, यूजेआरके स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट को ऊधमसिंह नगर में 6 केंद्र, जीवाईएसएस स्किल सेंटर को उत्तरकाशी में 8, बीएम एनोवेशन स्किल फाउंडेशन सोसायटी को ऊधमसिंह नगर में 8 और अल्मोड़ा में 2 केंद्र, सोफडाट स्किल डेवलपमेंट सेंटर को ऊधमसिंह नगर में 5 केंद्र तथा पौड़ी गढ़वाल में 6 केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसी तरह से डी यूनिक स्किल सेंटर को नैनीताल में 4 और देहरादून में 9 केंद्र आवंटित किए गए हैं। सबसे ज्यादा धान्या इंफोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड को 48 केंद्र आंवटित किए गए हैं जिनमें 24 केंद्र देहरादून में और ऊधमसिंह नगर में 16 तथा टिहरी में 8 केंद्र आंवटित किए गए हैं। इन केंद्रों के आवंटन में एक बात यह भी गौर करने वाली है कि आवंटित कंपनियों की साझीदार कंपनी महादेव एजुकेशनल सोसायटी को कई कंपनियों का काम मिला है। जिनमें रामा स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के 6 केंद्रों की साझीदार हैं तो वहीं सोसायटी ऑफ केनेडियन कम्प्यूटर्स के 4 केंद्रों की भी साझीदार है।
सूची में यह भी उल्लेख है कि महादेव के नाम से तीन कंपनियां संचालित हो रही हैं। जिनमें महादेव एजुकेशनल सोसायटी, महादेव एजुकेशन ट्रेनिंग सेंटर और महादेव स्किल प्राइवेट लिमिटेड है। इनमें से महादेव स्किल प्राइवेट लिमिटेड को देहरादून में 6 केंद्र तथा महादेव एजुकेशन ट्रेनिंग सेंटर को ऊधमसिंह नगर में 4 केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा महादेव स्किल प्राइवेट लिमिटेड, आस्थान आईसेट कंपनी के नैनीताल के दो केंद्रों का भी साझीदार है। कहा जा रहा है कि महादेव के नाम से पंजीकृत तीनों ही कंपनियां एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग नाम से संचालित की जा रही हैं।
ऐसा नहीं है कि इस मामले में कोई हलचल नहीं हुई है। राज्य कौशल विकास एसोसिएशन ने इस पूरे मामले में अपना विरोध श्रम मंत्री हरक सिंह रावत के सम्मुख जताया है। मंत्री हरक सिंह ने इस पूरे प्रकरण में जांच करने और जानकारी मांगने के लिए पत्र लिखा लेकिन सरकार और शासन में बैठे उच्च पदस्थ इस पर चुप्पी साधे बैठे हैं। माना जा रहा है कि शासन स्तर पर चुपचाप इस मामले को दबाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। यहां तक कि स्किल डेवलपमेंट के नाम पर लाखों खर्च करके विदेश दौरे करने के मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
आश्चर्यजनक है कि राज्य कौशल विकास मिशन कंसल्टेंट के नाम पर एक गैर सरकारी संस्था चलाने वाले सावेज बक्श को सचिव द्वारा प्रदेश में लाया गया है। यह सावेज बक्श तीन बार सचिव के साथ विदेश दौरा भी कर चुके हैं। यही नहीं एक विदेश दौरे पर तो सावेज बक्श के परिजनों को भी विदेश में घुमाए जाने की चर्चाएं हैं। सूत्रां की मानें तो कुछ माह पूर्व सचिव अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे में अपने साथ सावेज बक्श को ले जाने के लिए तमाम तरह के जुगत लगा चुके थे। लेकिन मुख्य सचिव द्वारा सावेज बक्श को अनुमति नहीं दी गई। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि एक कंसल्टेंट जो कि अधिकारियों के साथ विदेश दौरे पर जाने के लिए उपयुक्त ही नहीं है, उसे किस नियम और कानून के तहत सरकारी खर्च पर विदेश दौरा करवाया गया।
जानकारों की मानें तो राज्य में कौशल विकास मिशन के नाम पर एक बड़ा खेल रचा गया है और यह सारा खेल विश्व बैंक से उत्तराखण्ड को मिलने वाली 600 करोड़ की मदद के लिए ही रचा गया है। विश्व बैंक से मिलने वाली मदद पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार के समय दिए गए प्रस्ताव के आधार पर स्वीकृत हो चुकी है। उस प्रस्ताव में राज्य के पॉलीटेक्निक, आईटीआई भवनों और उपकरणों के अपग्रेड का जिक्र था। जल्द ही राज्य को 450 करोड़ उच्चीकरण के लिए और 150 करोड़ कौशल विकास के लिए मिलने वाले हैं। इसी करोड़ां की मदद पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।
(डॉ. हरक सिंह रावत का सनसनीखेज खुलासा)
बात अपनी-अपनी
अगर कोई आरोप लगा रहा है तो मैं वाहियात आरोपों पर कोई जवाब नहीं देना चाहता। अगर आपके पास कोई प्रमाण है तो मेरे पास आइये, मैं देखूंगा। तब कोई जबाब दूंगा। मुझे नहीं पता कि आपके पास कौन सी लिस्ट है।
पंकज कुमार पांडे, सचिव एवं निदेशक कौशल विकास योजना उत्तराखण्ड
स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जबरदस्त भ्रष्टाचार हो रहा है। बाहरी प्रदेशों की बड़ी कंपनियों को काम दिया जा रहा है। आज उत्तराखण्ड की कंपनियां बाहरी कंपनियां के काम को सबलेट में कर रही हैं। स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के बजट से विदेश यात्राएं की जा रही हैं। अपने परिवार को भी विदेशों में घुमाया जा रहा है।
एमएम जोशी, अध्यक्ष उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एसोसिएशन
उत्तराखण्ड की कंपनियों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जानबूझ कर शर्तें लगाई गई हैं, जबकि बाहरी कंपनियों को हर शर्त से मुक्त रखा गया है। इससे साफ है कि इस मामले में कोई न कोई बड़ा खेल रचा गया है।
सुदेश शर्मा, कोषाध्यक्ष उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एसोसिएशन
21 Comments
  1. 樓宇或私人 … 按揭計劃. 星展為您提供一站式置業及財務方案. 有關住宅按揭貸款產品資料 … 貸款額高達物業買入價或估值60,以較低者為準; 按揭年期長達30年 …

  2. 關于Ion Magnum技術: 它的作用是加快脂肪代謝而轉化成肌肉。專業設計的微電流模擬大腦到肌肉的正常神經傳導。乙醯膽鹼及ATP(産生能量的物質)都是由神經末梢釋放的。神經元共振導致神經末梢持續不斷的釋放ATP,甚至能達到正常釋放量的500。 Ion Magnum應用的是世界定級的神經生理學技術,它加快脂肪燃燒的速度,增强肌肉收縮,提高基礎代謝率(指的是你靜息狀態下消耗卡路里的速率)。複雜的微電流包含2000次與正常生理過程的相互作用,由此達到人體自然狀態下所不能達到的效果。它可以加快能量的轉化,增强體力和運動能力。 Ion Magnum目前由位於英國的創新科學研究中心開發、製造,該中心是由歐盟提供資金支持的。該設備及其組件均是由英國頂級的科學家手工製作的。該産品有CE標志,CE標志是歐洲共同市場的安全標志。 Ion Magnum基於最新的起搏器技術。

  3. [購物] 日本旅遊10大優惠整理。去日本買小香吧 ♡♡ @ ❤ Bonjour.Amanda 愛曼達購物。旅遊日誌♫ :: 痞客邦 :: [購物] 日本旅遊10大優惠整理。去日本買小香吧 ♡♡ @ ❤ Bonjour.Amanda 愛曼達購物。旅遊日誌♫ :: 痞客邦 ::

  4. 想一筆過用現金買樓? 網上申請簡單,貸款額以物業估值計算,可高達1000萬,24小時過數. 15分鐘初步審批. 24小時過數. 簡單、特快程序.

  5. 令肌膚由內至外徹底煥然一新 – 美玳麗化妝品公司New Times Cosmetics Company 令肌膚由內至外徹底煥然一新 – 美玳麗化妝品公司New Times Cosmetics Company

  6. 活力飛揚水療之選 活力飛揚水療之選

  7. 青春雖然一去不返,但如果有機會,你又會唔會重新捉緊青春嘅尾巴?CLEVIEL 高濃度透明質酸 就為你打開人生新一頁,令你嘅肌膚重新充滿光澤,回復年輕彈性! 同惱人皺紋等老化現象Says Goodbye!CLEVIEL Prime 功能: 提升 ◆ 結構提升◆ 改善臉部輪廓◆ 新加入無痛配方 最佳適用範圍: ✔前額 ✔太陽穴 ✔顴骨 ✔面頰 ✔虎紋 CLEVIEL Contour+ 最佳適用範圍:✔鼻 ✔下巴 ✔虎紋

  8. 神經醯胺修護霜 – 產品介紹 – 皮醫師診所 神經醯胺修護霜 – 產品介紹 – 皮醫師診所

  9. Germany will wait before deciding whether to withdraw Munich’s rival bid against Wembley to stage the Euro 2020 final. The Germans are considering a bid to host the entire 2024 tournament. Germany ponder withdrawing Euro 2020 final bid to stage entire tournament in 2024

  10. Damien Duff spent three glittering seasons at Chelsea from 2003-2006, winning two Premier League titles and one League Cup after signing from Blackburn for £17million. Former Chelsea favourite Damien Duff reveals: ‘I cried when I left Stamford Bridge, that’s why I couldn’t join Spurs’

  11. SammyHog 3 months ago
    Reply

    Read our in-depth iPhone XS Max review
    Read our hands-on iPhone XR review
    link
    Read our hands-on Apple Watch 4 review
    iPhone XS price and release date
    iPhone XS

  12. AnthonyEnvem 3 months ago
    Reply

    Inter Rapid Wien live score (and video online live stream*) starts on 21.2.2019. at 20:00 UTC time at San Siro/Giuseppe Meazza stadium, Milan, Italy in UEFA Europa League, Knockout stage – Europe. Here on SofaScore livescore you can find all Inter vs Rapid Wien previous results sorted by their H2H matches. Links to Inter vs. Rapid Wien video highlights are collected in the Media tab for the most popular matches as soon as video appear on video hosting sites like Youtube or Dailymotion. We’re not responsible for any video content, please contact video file owners or hosters for any legal complaints tinyurl.

  13. HenryKes 3 months ago
    Reply

    Theresa May says she has secured “legally binding” changes to her Brexit deal, a day ahead of MPs voting on it.

    But European Commission President Jean-Claude Juncker” warned if the deal was voted down there was “no third chance”.

    They spoke at a joint press conference in Strasbourg after a late meeting.

  14. Jessewed 2 months ago
    Reply

    On how she landed on her direction in life:

    “I always knew I was meant to be working in art, I just never knew how. In school, was so confused and always switched my majors around. In 2015, I decided to take a break from school to help out at home and that’s when I discovered my passion for fashion illustration. I drew/a> an illustration of Jhene Aiko and she liked it on Instagram. It kind of grew from there.”

  15. CharlesArona 2 months ago
    Reply

    Ryska militarfartyg kommer till Filippinerna samtidigt som spanningen okar kring Sydkinesiska sjon. Men framfor allt expanderar nu Kina langt us i Stilla havet. Det vacker oro i USA eftersom Kina anses hota de amerikanska ubatar som ar helt avgorande vid en konflikt.

  16. BarryPauts 1 month ago
    Reply

    The series of conversations with the Warsaw Ghetto survivors was conducted to commemorate the 76 th anniversary of the outbreak of the Warsaw Ghetto Uprising that falls on the 19th of April.

  17. ArnoldNug 1 month ago
    Reply

    Check out Motherfucka feat. Ricardo … Motherfucka

  18. gamefly 3 weeks ago
    Reply

    Hello everyone, it’s my first pay a visit at this site, and paragraph is really fruitful in support of me,
    keep up posting such posts.

  19. g 2 weeks ago
    Reply

    It’s amazing to pay a visit this web site and reading the views of all mates
    regarding this paragraph, while I am also zealous of getting experience.

  20. g 2 weeks ago
    Reply

    Hi there! This is my first visit to your blog! We are a team of volunteers and starting a new initiative in a community
    in the same niche. Your blog provided us useful information to work on.
    You have done a marvellous job!

  21. RobertBub 2 weeks ago
    Reply

    El hooligan del Liverpool que avergonzo Barcelona la vuelve a liar con un ‘Steward
    El mismo personaje que se dedico a empujar gente a la fuente de Barcelona la ha vuelto a liar esta vez bajandole los pantalones a un steward.

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like