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आज लोकसभा में पेश होगा अनुच्छेद 370 हटाने वाला प्रस्ताव

भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में लंबे समय से अयोध्या में राम मंदिर बनानाए अनुच्छेद 370 को हटाना और समान नागरिक संहित लागू करना रहा है। अभी तक लोगों को लगता था कि ये कभी हकीहत में नहीं होगा लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है।कल यानी 5 जुलाई को राज्यसभा में जम्मू.कश्मीर पुर्नगठन बिल पास हो गया है।

सरकार ने यह  ऐतिहासिक कदम तीन तलाक पर हुए बड़े फैसले के महज एक हफ्ते से भी कम समय बाद उठाया है। अयोध्या मामला भी अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इसपर कोई फैसला आ सकता है। आज 6 जुलाई  से सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू है।

सरकार के 370 पर आए फैसले के बाद ये माना जा रहा है कि अगला कदम समान नागरिक संहिता को लागू करना हो सकता है। यानि कॉमन सिविल कोड या फिर यूनिफार्म सिविल कोड। भारत में समान नागरिकता के कानून के लिए बहस लगातार चल रही है। इसकी वकालत करने वाले लोगों का कहना है कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक जैसा नागरिक कानून होना चाहिएए फिर चाहे वो किसी भी धर्म से हो।

यह बहस इसलिए होती है क्योंकि इस तरह के कानून के ना होने से महिलाओं के बीच आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा बढ़ रही है। वहीं सरकारें इस कानून को बनाने की हिमायतें तो करती हैं लेकिन राजनीतिक मजबूरियों की वजह से ऐसा करने में सफल नहीं हो पातीं हैं ।

मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए  अनुच्छेद 370 को हटाने वाले विधेयक को राज्यसभा में पेश किया। जिसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े। विपक्षी पार्टियों ने इसपर काफी हंमागा किया और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया । वहीं सरकार को इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और बहुजम समाज जैसी पार्टियों का साथ मिला। इस तरह 70 साल पुराने इस कानून को खत्म कर दिया गया है। विधेयक में कश्मीर को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में जम्मू.कश्मीर होगा जो विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा। वहीं दूसरा हिस्सा लद्दाख का होगा जिसे बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया है।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य के हालातों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल कल  रात को ही कश्मीर पहुंच चुके हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां किसी तरह का कोई प्रदर्शन न हो और दिक्कतें न आए इसके लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। नए कानून के तहत अब दिल्ली की तरह जम्मू.कश्मीर की पुलिस केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करेगी। घाटी में काफी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं जिन्हें अगले आदेश तक वहीं रहने का आदेश दिया गया है।

जम्मू.कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने वाला विधेयक राज्यसभा से पास हो चुका है लेकिन आज  इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है ऐसे में उसे यहां से विधेयक को पास कराने में कोई परेशानी नहीं होगी। राज्यसभा में कांग्रेसए तृणमूल कांग्रेसए समाजवादी पार्टीए जनता दल यूनाइटेडए राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियों ने विधेयक का विरोध किया था।

धारा 370 के हटने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कॉफ्रेंस विधेयक का विरोध कर रही है। यही वजह है कि उन्हें फिलहाल हिरासत में रखा गया है। उमर अब्दुल्लाए महबूबा मुफ्ती को कल देर रात को हिरासत में लेकर गेस्ट हाउस में रखा गया है। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कर दी गई है।

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