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जहरीली शराब कांड : थम नही रहा मौतों का सिलसिला, अब तक 22 मरे

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रामनगर में सरकारी शराब ठेके से शराब के रूप में खरीदी गई जहरीले नशे से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है । जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा 22 तक पहुंच गया है ।अभी भी कई लोग लखनऊ के केजीएमयू एवं लोहिया हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं । हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस घटना से क्षुब्ध होकर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं । उन्होने 48 घंटे में जांच रिपोर्ट भी मांगी है । लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है । वहीं दूसरी तरफ सवाल यह खड़े हो रहे हैं की सरकारी ठेके पर जहरीली शराब की सप्लाई कहां से हुई ? शराब की आपूर्ति करने वाली कंपनी का नाम अभी तक सरकार ने उजागर क्यो नहीं किया है ?
जहरीली शराब कांड के प्रभाव में आए क्षेत्र के 17 गांव में हाहाकार मचा हुआ है। जिन लोगों ने इस ठेके से शराब पी वह भी सहमे हुए हैं । बहुत से लोग निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं । जिनका ब्यौरा सरकार के पास नहीं है । माना जा रहा है कि आबकारी विभाग और प्रशासन सही आंकड़ों को पेश करने में लापरवाही कर रहा है । हालाकि इस मामले की गाज बाराबंकी के जिला आबकारी निरिक्षक समेत 15 लोगो पर पड़ चुकी है।
लेकिन चर्चा यह है कि इस मामले में कुछ सफेदपोश नेताओं का भी हाथ बताया जा रहा है । चुनाव के दौरान इस सरकारी ठेके से बड़ी मात्रा में शराब की खरीद-फरोख्त हुई थी ।तब कहा जा रहा था कि इस ठेके में शराब हरियाणा से बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई । गौरतलब है कि हरियाणा की शराब उत्तर प्रदेश की शराब से बहुत सस्ती है । जिसे सरकारी ठेकों पर गुपचुप तरीके से बेचा जाता है ।
इसी के साथ – साथ सुनने में यह भी आ रहा है कि सरकारी ठेकों में कुछ अवैध शराब विक्रेताओं की भी लेवल लगाकर शराब बेची जा रही है । यह विक्रेता बोतल पर शराब का लेवल चिपकाते हैं और अपनी फैक्ट्री में सील बंद करने के बाद बहुत कम दामों में ठेको पर पहुंचा देते हैं । यह सब आबकारी विभाग की मिलीभगत से हो रहा है ।
 याद रहे कि बाराबंकी में पिछले साल भी शराब ने कहर मचाया था । तब 12 जनवरी को जहरीली शराब ने 9 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था । इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने  इस बाबत कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की । जिसके चलते 27 मई की रात एक बार फिर बाराबंकी के लोगों पर कहर बनकर टूटी ।
गौरतलब है कि चपेट में आए 17 गांवों के सभी लोगों ने रामनगर थाना क्षेत्र के रानीगंज में स्थित सरकारी ठेके से 27 मई को शराब खरीदकर पी थी। शराब पीने के बाद 27 मई की रात से ही एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त के साथ ही आंखों की रोशनी जाने लगी। उसके बाद लोग असमय काल का ग्रास बनने लगे । 27 मई की रात से शुरु हुआ मौतो का सिलसिला अभी थमने का नाम नही ले रहा है ।

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