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यूपी में महकेगी चन्दन की खुशबू

देश में अभी तक चंदन की खेती केवल कर्नाटक में होती थी लेकिन अब उसकी खुशबू से उत्तर प्रदेश भी महकेगा। हालांकि चन्दन की खेती ऊँचे स्थानों पर होती है , लेकिन रामपुर के एक किसान ने अपनी आय बढ़ाने के लिए चंदन की खेती शुरू कर दी है। यही नहीं वह अपने साथ -साथ दूसरे किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस किसान का नाम रमेश कुमार है।

 

रमेश मूल रूप से रामपुर के शहजाद नगर थाना क्षेत्र के ककरौआ गांव के निवासी हैं। सालों पहले वे शहर में आकर रहने लगे थे। अपने पिता के देहांत के बाद उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन औषधीय खेती करने के विषय में सोचा। जब उन्होंने जानकारी एकत्र करना शुरू की तो चंदन की खेती के बारे में पता लगा। जिसके लिए वह चंदन की खेती की प्रक्रिया की जानकारी लेने व प्रशिक्षण प्राप्त करने बैंगलोर चले गए। वहां इन्होने इंडियन ‘वुड साइंस टेक्नोलॉजी’ से प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे मई के महीने में वहां से बीज लेकर वापस आ गए। फिर आठ बीघा जमीन पर चंदन की खेती के लिए बीज बो दिए।जो अब पौधे के रूप में तैयार हो चुके हैं । रमेश कुमार ने कहा कि कुछ सालों पहले सरकार ने उत्तर प्रदेश में चन्दन की खेती पर प्रतिबंध लगा रखा था जिसे साल 2017 में हटा दिया गया। लेकिन इस शर्त के साथ कि किसानों द्वारा उगाये गए चंदन के पेड़ों के तैयार होने के बाद उन्हें केवल सरकार ही खरीद सकती है और सरकार खुद वही एक्सपोर्ट करेगी।

 

चन्दन की खेती की प्रक्रिया

 

किसी भी प्रकार की खेती को करने के लिए सबसे पहले एक उचित स्थान की जरूरत है। चंदन 2 प्रकार बताए गए हैं लाल और सफ़ेद। लाला चन्दन तो दक्षिण भारत राज्यों में उगाया जाता है लेकिन सफ़ेद चन्दन की खेती उत्तर प्रदेश इलाके में आसानी से की जा सकती है। जिसके लिए मिट्टी का पीएच मान साढ़े सात पर्याप्त होता है। साथ ही इसकी खेती पानी की जरुरत नहीं होती तो इसकी खेती उन निचले स्थान पर नहीं की जानी जमा होता है। चन्दन के पेड़ों की अधिकतम ऊंचाई 18 से 20 मीटर होती है और इसके पेड़ों को पूरी तरह तैयार होने 10 से 12 साल का समय लगता है।

 

क्यों जरूरी है चन्दन की खेती के लिए होस्ट का पौधा

 

चंदन का पौधा परजीवी पौधा है। इसलिए इसके साथ होस्ट का पौधा लगाना जरूरी होता है। जब चन्दन की जड़ें होस्ट के पौधे की जड़ों से मिलती हैं तभी चंदन का विकास अधिक तेजी से होगा।रमेश कुमार ने कहा कि किसान होस्ट के पौधों को चंदन के पौधों से चार-पांच फीट की दूरी पर लगा सकते हैं। चन्दन के पौधे के आसपास सफाई रखना भी महत्वपूर्ण है।

 

क्या है चंदन की कीमत

 

रमेश कुमार के अनुसार चंदन की लकड़ी को सबसे महंगी लकड़ी माना जाता है और बाजार में इसका मूल्य लगभग 25 हजार से 30 हजार रुपये प्रति किलो तक है। एक पेड़ से किसान को 25 से 40 किलो लकड़ी आराम से मिल जाती है। ऐसे में उसे एक पेड़ से पांच से छह लाख रुपये तक आसानी से कमाई हो जाते है।

 

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