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‘तेजस’ में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बने राजनाथ सिंह  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 सितम्बर को बेंगलुरु स्थित एचएएल एयरपोर्ट में स्वदेशी तकनीक पर विकसित  लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में उड़ान भरी। राजनाथ सिंह ने उड़ान भरने के बाद कहा कि ‘उड़ान बहुत ही आरामदायक रही और मैंने आनंद के साथ उड़ान भरी और कहा कि यह मेरा विशेष अनुभव रहा पहली बार मुझे तेजस में बैठने का अवसर मिला और साथ ही कहा की मैंने तेजस के कुछ करतब ऊपर देखे। राजनाथ सिंह ने कहा की आज तेजस की डिमांड दूसरे देशों से आ रही है। साथ ही उन्होंने फाइटर प्लेन के पायलट को सैल्यूट के साथ धन्यवाद भी दिया। राजनाथ सिंह ने बताया कि मैंने तेजस में उड़ान भरने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि यह स्वदेश में निर्मित है। राजनाथ के साथ ‘एयर वाइस मार्सल’ एन तिवारी भी थे। उड़ान भरने के बाद तेजस के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले संगठन डीआरडीओ के प्रमुख डॉ जी सतीश रेड्डी ने कहा,’रक्षा मंत्री ने कुछ देर के लिए तेजस को कंट्रोल में किया और उसे उड़ाया भी’। इस पर जब रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया ली गई तो उनका कहना था कि कोई प्रोब्लम नहीं हुई  जैसे -जैसे एन तिवारी बताते गए वैसे -वैसे मैं करता रहा। मेरा तेजस में उड़ान भरना एक अदभुद और शानदार अनुभव था। तेजस में उड़ान भरकर राजनाथ सिंह ने नया इतिहास बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 20 सितम्बर को भारतीय नौसेना के साथ एक दिन के लिए मुंबई में रहेंगें। बतौर किसी लड़ाकू विमान में राजनाथ सिंह की यह पहली उड़ान है। इसके अलावा राजनाथ सिंह 28 सितम्बर को नौसेना के लिए तीन परियोजनाओं का शुभारम्भ भी करेंगें।
तेजस की विशेष बातें 
तेजस एक लाइट कांबैट एयरक्राफ्ट है इसकी सर्वाधिक स्पीड 1.6 मैक है। एक लड़ाकू विमान को बनाने में 300 करोड़ रुपये व्यय होते हैं। तेजस का वजन 12 टन है,लम्बाई 13.2 मीटर है इसके पंख का फैलाव 8.2 मीटर है और इसकी रफ़्तार 1350 किमी प्रति घंटा है। ज्यादातर भारतीय तकनीकी होने के बावजूद भी इस लड़ाकू विमान का इंजन अमेरिकी है। रडार और वेपन सिस्टम इजरायल का और इजेक्शन सीट ब्रिटेन का है। तेजस का इस्तेमाल नौसेना और वायुसेना दोनों सेनाओं के लिए किया जायेगा। मिग-21 फाइटर को ज्यादा पुराना होने की वजह से तेजस का निर्माण किया गया।

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