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आज होगी वार्ता, निकल सकता है शाहीन बाग पर बीच का रास्ता

आज होगी वार्ता, निकल सकता है शाहीन बाग पर बीच का रास्ता

दो माह पूर्व शुरू हुए शाहीन बाग के आंदोलनकारियों के सीएए के विरोध और रास्ते बंद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाए दायर हुई। जिसके मद्देनजर दो दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के तहत एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया। आज पैनल के लोग प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने धरना स्थल पर जाएंगे।

हालांकि, कल मंगलवार के दिन प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का पैनल ने सुझाव रखा था। लेकिन वरिष्ठ एडवोकेट साधना रामचंद्रन मंगलवार को शहर में मौजूद नहीं थी। जिसके चलते चैनल के सभी सदस्यों के उपस्थित न रहने पर आन्दोलनकारियों से बातचीत संभव नहीं हो सकी। आज यह प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारियों से मिलकर कोई बीच का रास्ता निकालेगा।

दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों की अभी तक भी इस मामले को लेकर एक राय नहीं हो पाई है। कुछ प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि प्रदर्शन खत्म कर देना चाहिए। जबकि कुछ लोग कह रहे हैं कि जब तक प्रदर्शन अंजाम तक नहीं पहुंचता तब तक इसको खत्म नहीं किया जा सकता है।

 

बहरहाल, प्रदर्शनकारियों ने यह भी मन बनाया है कि यह प्रदर्शन चलता रहेगा और रास्ता इस तरह खाली कर दिया जाएगा कि आवागमन हो सके। इस तरह लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। अगर प्रदर्शनकारियों ने इस मामले पर अपनी हठधर्मिता दिखाई तो यह सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना भी हो सकती है।

क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने खुद निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शनकारियों से वार्ता करके बीच का रास्ता निकाला जाए। इसके लिए बकायदा पैनल भी बनाया गया है। पैनल में वरिष्ठ एडवोकेट संजय हेगडे, वजाहत हबीबुल्ला और साधना रामचंद्रन का पैनल बनाया गया है। जिसमें इस मुद्दे को सर्वसम्मति से सुलझाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जाना संभव है।

जानकारी के अनुसार, आज पैनल के लोग प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता करने पहुंचेंगे। लेकिन। जो सूचना मिल रही है उसके मुताबिक, प्रदर्शनकारी अभी भी सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून वापस लिए जाने से पहले धरना खत्म करने के पक्षधर नहीं हैं।

सूत्र यहां तक भी बता रहे हैं कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी इस मुद्दे पर कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों को अपने पक्ष में लेने के लिए उनसे संपर्क में है। इसके लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी संपर्क किया जा रहा है।

इसी के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी बातचीत चल रही है। कमलनाथ और अशोक गहलोत से मिलकर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि उनका प्रदर्शन बदस्तूर जारी रहे। वे दोनों मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर कोई स्टैंड जरूर लें और सरकार को सीएए कानून वापस लेने पर गंभीरता से विचार करें।

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