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सर्वे: CAA को 75 फीसद ने ठहराया सही, सिर्फ 19 प्रतिशत हैं खिलाफ

सीएए और एनआरसी को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश की राजधानी के शाहीन बाग में भी महिलाएं पिछले 51 दिन से धरने पर बैठी हैं। देश के और भी कई हिस्सों में विरोध जताया जा रहा है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि देश में बड़े स्तर पर सीएए और एनआरसी का विरोध किया जा रहा है।

इसी बीच बीते शुक्रवार को IPSOS -TIMES NOW ने पोल में आए नतीजों को सार्वजनिक किया है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, देश में 19% लोग ही सीएए के खिलाफ है और 75% लोगों ने मोदी सरकार की ओर से लाए गए इस कानून को सही ठहराया है। वही 6% लोगों ने बताया कि वे इसके बारे में कुछ कह नहीं सकते।

दिल्ली में चुनाव से पहले हुए इस सर्वे में लोगों से कुछ सवाल भी पूछे गए। जिसमें एक प्रश्न यह रहा कि क्या आप सीएए के बारे में जानते हैं? इसके उत्तर में 27 % लोगों ने कहा कि वो इसके बारे में बहुत अच्छे से और गहराई से जानते हैं। 22% लोगों ने कहा कि उन्हें इस बारे में ठीक-ठाक जानकारी है। वहीं 12 प्रतिशत जनता ऐसी रही जिन्हें इसके बारे में कुछ ही चीजें पता थी। 11% लोग ऐसे थे जिन्हें इसके बारे में थोड़ी बहुत जानकारी थी। 28% लोग तो इसके बारे में थोड़ा बहुत भी नहीं जानते थे।

सर्वे में एक सवाल यह भी पूछा गया कि क्या सरकार की ओर से इस कानून को लेकर सही जानकारी मुहैया कराई गई है? 56% लोगों ने इसका जवाब हां में दिया वहीं 26% लोगों ने कहा कि सरकार की ओर से इसके बारे में थोड़ी जानकारी दी गई । 13% लोगों ने कहा कि सरकार की ओर से कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई। 5% लोगों को इस विषय में कुछ मालूम ही नहीं है।

देशभर में शाहीन बाग का प्रदर्शन अब चुनावी मुद्दा बन चुका है। ऐसे में इस सर्वे में दिल्ली के शाहीन बाग के निवासियों से भी एक प्रश्न पूछा गया। सर्वे में शाहीन बाग प्रदर्शन पर में उनकी राय पूछी गई। जिसमें 21% लोगों को कहना है कि वो जो कर रहें हैं वो न्यायोचित है। वहीं 55 % लोगों ने इसे गलत ठहराया और 24 % लोगों ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता।

एक तरफ दिल्ली में 8 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। वहीं दूसरी तरफ देश भर में सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी जारी है। इस विरोध में दिल्ली का शाहीन बाग भी चर्चा में है। बीते सप्ताह से ही दिल्ली की राजनीति शाहीन बाग पर आकर केंद्रित हो गई है। साथ ही शाहीन बाग में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे को बीजेपी ने भी भुनाना शुरू कर दिया है। साथ ही पक्ष-विपक्ष दोनों में सियासी बयानबाजी भी जारी है।

बीजेपी की शाहीन बाग पर सक्रिय बयानबाजी से ये बात अब स्पष्ट होने लगी है कि बीजेपी दिल्ली की सत्ता का रास्ता शाहीन बाग से होकर तय करनी की तैयारी में है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी इसी तैयारी में है कि चुनाव में केजरीवाल को कैसे हराया जाए?

इस सबके बीच केजरीवाल को 5 सालों में किए गए कामों के कारण विश्वास है कि दिल्ली की जनता उनके काम पर भरोसा कर उन्हें एक बार फिर से प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता में बैठाएगी। लेकिन अब ये देखना दिलचस्प होगा कि शाहीन बाग के मुद्दे को भुना कर दिल्ली में बीजेपी को कितना लाभ होता है।

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