[gtranslate]
Country

सुप्रीम कोर्ट : बोर्ड परीक्षा के दौरान एक भी मौत हुई तो सरकार जिम्मेदार 

कोरोना वायरस ने करीब डेढ़ साल से दहशत फैला रखी है। यह हर दिन अपने नए – नए रूप धारण कर रहा है जिससे ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर से पिछले कुछ हफ्तों से थोड़ी राहत मिलती दिख रही है, लेकिन यह पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुई है। इस बीच अब देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के साथ कोरोना वायरस का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है इसकी  बढ़ती रफ्तार के चलते सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश और केरल से कहा है कि 12वीं की परीक्षा कराए जाने के इंतजाम से जब तक वह संतुष्ट नहीं होगा तब तक वह इसकी अनुमति नहीं देगा। कोरोना संकट पर चिंता जाहिर करते हुए शीर्ष कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं पता कि कोरोना के डेल्टा वायरस का नया वैरिएंट किस तरह से प्रभाव डालेगा। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश से कहा कि ‘परीक्षा कराए जाने के दौरान यदि एक भी मौत हुई तो हम आपको जिम्मेदार ठहराएंगे।’

आंध्र प्रदेश और केरल कराना चाह रहे हैं बोर्ड परीक्षा  

आंध्र प्रदेश ने कहा है कि वह 12वीं बोर्ड की परीक्षा अपने यहां कराएगा। इसके लिए उसने विशेष इंतजाम करने की बात कही है। आंध्र प्रदेश का कहना है कि वह एक कक्षा में 15 छात्रों को बैठने की अनुमति देगा। इस पर कोर्ट ने पूछा कि 12वीं की परीक्षा संपन्न कराने के लिए क्या वह 34 हजार 500 कमरों की व्यवस्था कर पाएगा।

परीक्षा के लिए बहुत ठोस तर्क देना होगा कोर्ट 

जस्टिस एएम खनविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ को बताया गया कि आंध्र प्रदेश और केरल ऐसे दो राज्य हैं जो 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराना चाहते हैं। इस पर पीठ ने आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील से कहा, ’12वीं की परीक्षा कराने के लिए आपको बहुत ही ठोस तर्क देना होगा। परीक्षा के दौरान यदि किसी छात्र की मौत हो जाती है तो हम राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराएंगे।’ राज्य सरकार की ओर से पेश वकील महफूज नाज्की ने कहा कि राज्य सरकार का अब तक का निर्णय है कि वह 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराएगी लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला जुलाई के पहले सप्ताह में लिया जाएगा।

छह राज्य करा चुके हैं बोर्ड परीक्षा

 

बीते सोमवार 21 जून  को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि असम और त्रिपुरा सरकारों ने महामारी के संकट को देखते हुए 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है। गत 17 जून को कोर्ट को जानकारी दी गई कि 28 राज्यों में से छह राज्य पहले ही अपनी बोर्ड परीक्षा करा चुके हैं लेकिन चार राज्यों असम, पंजाब, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश ने अपनी बोर्ड परीक्षाएं अभी तक रद्द नहीं की हैं।

मौजूदा समय में कोरोना का नया स्वरूप डेल्टा प्लस से बीते सात दिनों में 32 और मरीजों में यह नया वायरस मिला है। इसी के साथ ही देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कुल मामले बढ़कर 40 हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें :डेल्टा प्लस वैरियंट ने बढ़ाई देश में तीसरी लहर की आशंका 

बीते 16 जून तक देश में आठ सैंपल की सीक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस मिला था। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कि महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस के 40 मामले सामने आए हैं। हालांकि जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में भी एक से तीन सैंपल में इसकी पुष्टि हो चुकी है।  मंत्रालय का कहना है कि महाराष्ट्र, केरल और मध्यप्रदेश को सतर्कता बढ़ाने और जन स्वास्थ्य संबंधी उचित कदम उठाने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान में कहा है कि डेल्टा प्लस समेत डेल्टा के सभी उप-वंशों को गंभीर श्रेणी में रखा है। देश में अब तक 45 हजार से अधिक सैंपलों  की सीक्वेंसिंग हो चुकी है। बीते पांच अप्रैल से 15 मई के बीच लैब में पहुंचे आठ सैंपल में इसकी पहचान हुई थी। इंग्लैंड के जन स्वास्थ्य (पीएचआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि इस स्वरूप के संक्रमण का पहला मामला महाराष्ट्र से एकत्र किए गए नमूने में मिला। यह नमूना पांच अप्रैल को एकत्र किया था। 18 जून तक दुनिया भर में डेल्टा प्लस की मौजूदगी 205 सैंपल की सीक्वेंसिंग में हो चुकी है जिनमें 50 फीसदी मामले अमेरिका और ब्रिटेन में हैं।

You may also like

MERA DDDD DDD DD