Country

चिन्मयानंद मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश एसआईटी जाँच कराए, छात्रा को दे सुरक्षा

 

चिन्मयानंद मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिये है।

भा जपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर शोषण के आरोपों के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज उत्तर प्रदेश सरकार को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह पीड़िता को किसी अन्य कॉलेज में  स्थानान्तरित करें।

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर लॉ कॉलेज की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिये कि वह शाहजहांपुर की एलएलएम छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिये आईजी-रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित करे।

साथ ही कोर्ट ने कहा कि एसआईटी में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी होंगे और वह महिला की शिकायतों को देखेगी। इसके अलावा हाईकोर्ट को निर्देश दिए गए हैं कि वह मामले की मॉनिटरिंग के लिए एक बेंच का गठन करे।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वह  छात्रा और  उसके भाई का दाखिला दूसरे संस्थान में कराए । क्योंकि उन्हें चिन्मयानंद के ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज में पढ़ने में डर है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि मामले में दर्ज की गईं दो क्रॉस एफआईआर की जांच की निगरानी के लिए एक पीठ गठित करें। अदालत ने उत्तर प्रदेश  के मुख्य सचिव को निर्देश दिए किए अगले आदेश तक छात्रा और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

बता दें कि शाहजहांपुर के एसएस लॉ कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही छात्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी।

इस वीडियो में पीड़िता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे । वीडियो में उसने कहा था कि संत समाज के एक बहुत बड़े नेता ने मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है । वो कहता है कि वो पुलिस, डीएम को अपनी जेब में रखता है । मेरे पास उस संन्यासी के खिलाफ साक्ष्य हैं । उसने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी है ।

छात्रा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था ।छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ पुलिस में तहरीर देते हुए लड़कियों से शारीरिक शोषण, रेप और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोप लगाए थे । साथ ही लडकी के अपहरण भी लगाया था ।

इस वीडियो के बाद आरोप लगाने वाली छात्रा अचानक लापता हो गई थी । लड़की की तलाश में यूपी पुलिस की सात टीमें जुटी थीं । बाद में छात्रा और उसके एक दोस्त संजय सिंह को पुलिस ने राजस्थान के एक होटल से बरामद किया । इसके बाद छात्रा को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दिया था।

You may also like