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औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 3100 निफ्टी 950 अंक लुढ़का

औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 3100 निफ्टी 950 अंक लुढ़का

शेयर बाजार में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका कारण कोरोना वायरस बताया जा रहा है। कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद दुनियाभर के बाजारों में हुई भारी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। निवेशकों के आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,864.02 अंक या 5.22 प्रतिशत टूट कर 33,833.38 के स्तर पर आ गया है।

बुधवार को बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे तक घटकर 128 लाख करोड़ रुपये हो गया। व्यापारियों ने कहा कि वैश्विक रुख के अलावा विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने के चलते निवेशकों की भावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को सकल आधार पर 3,515.38 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई में 1,789 शेयरों में गिरावट आई, जबकि सिर्फ 152 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सुबह 11.01 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 2,357.63 अंकों यानी 6.60 फीसदी लुढ़ककर 33,339.77 पर कारोबार कर रहा था, जबकि इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 2,447.34 अंकों की गिरावट के साथ 33,250.06 पर आ गया। कारोबार के आरंभ में सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 1,224.90 अंकों की गिरावट के साथ 34,472.50 पर खुला।

गुरुवार दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 3164 अंक तक लुढ़क गया। दोपहर 2 बजे सेंसेक्स 2350.23 अंक गिरकर 33,347.17 अंकों पर था। 2 बजकर 45 मिनट तक यह 3164.99 अंक गिर चुका था। निफ्टी 933 अंक नीचे गिरकर 9,525.35 अंकों पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 32 महीने पुराने स्तर पर है। बीएसई के 19 सेक्टोरल इंडेक्स में से 16 इंडेक्स एक साल के निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। सेंसेक्स में 2186 कंपनियाें के शेयरों में गिरावट है और 175 कंपनियों के शेयरों में बढ़त है। 1,106 कंपनियों के शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। 500 कंपनियों के शेयरों में लोअर सर्किट लगा।

इससे पहले सुबह 11 बजे सेंसेक्स 2600 अंकों तक नीचे गिर गया था।अभी सेंसेक्स33,202.85 अंकों पर कारोबार कर रहा है। 2600 अंकों की गिरावट इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले सत्र से 61 पैसे फिसलकर 74.25 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। रुपया बीते सत्र में मजबूती के साथ 73.64 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। हालांकि, बाद में देसी करेंसी में पिछले सत्र के मुकाबले 74.12 रुपये प्रति डॉलर पर कारोबार चल रहा था।

वहीं सेंसेक्स इंट्राडे कारोबार में सोमवार को 2467 अंक नीचे गिरा था। निफ्टी भी 701.90 अंक नीचे गिरकर 9746 अंकों पर पहुंच गया। यह निफ्टी का 31 महीनों की सबसे निचला स्तर है। बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है तो स्पाइस जेट, ग्लेनमार्क के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है। बीएसई पर ट्रेड होने वाले 2,087 कंपनियों के शेयरों में से 1873 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है।

बाजार में आई भारी गिरावट के कारण एनएसई में 783 कंपनियों के शेयर इन एक सालों में निचले स्तर पर पहुंच गया है। एक साल के निचले स्तर पर जाने वाली कंपनियों में आईटीसी, बजाज ऑटो, एलएंडटी रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, एचपीसीएल और स्पाइसजेट का नाम शामिल है। गेल, हीरो मोटरकॉर्प, एसीसी, बीईएमएल, जिलेट और ग्लेनमार्क फार्मा का भी नाम इस सूची में है।

धवार को सेंसेक्स मार्केट 137 करोड़ था जोकि अब 128 लाख करोड़ हो गया है। स्टॉक एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने 3,515.38 करोड़ रुपए के शेयरो बेंचे। वहीं अमेरिकी सूचकांक डाउ जोंस में एक बार फिर रिकॉर्ड 1464 अंक की गिरावट देखने को मिली तो नैस्डेक, एफटीएसई, कोस्पी, निक्केई समेत सभी प्रमुख सूचकांक भी नीचे आए। 9 मार्च को सेंसेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई थी। इस दिन शेयर सूचकांक 1941 अंक लुढ़का था। कोरोना का डर और अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में गिरावट की शंका बनी हुई है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी की आशंका बनी हुई है।

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