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पुण्यतिथि पर विशेष : जाने वाले जरा होशियार, यहां के हम हैं राजकुमार….

शम्मी कपूर एक अनोखे स्टार जिसने खुद को कभी  ‘जानवर’ कहा तो कभी कहा ‘जंगली’ पर जब-जब लोगों ने इनका अभिनय देखा तो सब ने कहा ‘तुम सा नहीं देखा’। आज दिग्गज कलाकार शम्मी कपूर की पुण्यतिथि है।
60 के दशक के शम्मी कपूर के कुछ अलग ही जलवे थे। वह अपनी फिल्मों से लोगों को हंसाते तो थे ही लेकिन वह अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों को इमोशनल भी कर दे थे। उनकी नीली आखें और स्टाइल पर करोड़ों लड़कियां फिदा थी।
एक्टर पृथ्वी राज कपूर के घर जन्में शम्मी एक राजा की तरह जिंदगी जीते थे। इस दौर में पृथ्वी राज कपूर सबसे बहेतरीन फिल्ममेकर में एक माने जाते थें। वहीं शम्मी कपूर पहले बेटे थे जिसके पालन -पोषण में प्रथ्वी राज कपूर ने कोई कमी नहीं आने दी थी। इतना ही नहीं शम्मी कपूर भी अपनी मां की पहली संतान थे जिनका जन्म एक अस्पताल में हुआ था।  शम्मी का पूरा नाम शमशेर राज कपूर था, लेकिन फिल्मों के जरिए हम उन्हें शम्मी के रूप में ही जानते हैं। वह पर्दे पर आते ही गजब की एनर्जी ला देते थे। आज भी जब शम्मी कपूर के गाने बजते है तो दिल मस्तमौला हो जाता है।
पर्दे पर हमेशा खुशमिजाज और बेफिक्र दिखने वाले इस शख्स की जिंदगी में एक समय ऐसा तूफान आया था, जिसने उसे बुरी तरह तोड़ दिया था। शम्मी अपनी पत्नी गीता बाली से बेहद प्यार करते थे। इन दोनों का प्रेम 1955 में आई ‘रंगीन रातें’ नाम की फिल्म के दौरान परवान चढ़ा था। इस फिल्म में शम्मी लीड रोल में थे, जबकि गीता का कैमियो था।
फिल्म की रिलीज के कुछ ही महीने बाद दोनों ने मुंबई के एक मंदिर में शादी कर ली। 1 जुलाई 1956 को दोनों के बेटे आदित्य राज कपूर का जन्म हुआ। बेटे के जन्म के लगभग 5 साल बाद दोनों के एक बेटी भी हुई जिसका नाम कंचन रखा गया। बेटी के जन्म के लगभग 4 साल बाद गीता का देहांत हो गया।
वह पत्नी के निधन से इतने ज्यादा दुखी हो गए थे कि उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। उधर उनके बच्चे छोटे थे और परिवार दूसरी शादी के लिए दबाव बना रहा था। परिवार वाले चाहते थे कि शम्मी नीला देवी से शादी कर लें।
काफी मान-मनौव्वल के बाद शम्मी शादी के लिए तैयार हो गए, लेकिन कहते हैं कि उन्होंने इसके लिए एक अजीब-सी शर्त रख दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शम्मी ने नीला से कहा था कि वह इसी शर्त पर शादी करेंगे जब वह उनसे वादा करेंगी कि वह कभी मां नहीं बनेंगी और गीता से जन्मे बच्चों को ही उनकी मां बनकर पालेंगी। नीला ने शम्मी की यह शर्त मान ली, और फिर दोनों ने शादी कर ली।
शम्मी कपूर जहां एक्टिंग विरासत में मिली थी। जो अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों के दिलों में राज़ करते थे। वहीं दूसरी ओर 60 के दशक में  इंटरनेट चलाते थे। वह भारत के इंटरनेट यूजर कम्यूनिटी के संस्थापन और चैयरमैन थे। इतना ही नहीं उन्होंने कपूर खानादान की एक वेबसाइट भी बनाई थी। जिसमें वह सभी के बारे में जानकारी देते थे और अपने फैंस से बातें करते थे।
 शम्मी जी की पुण्यतिथि पर शम्मी के भतीजे और बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ने उन्हें याद किया है और बताया की उन जैसा कोई स्टार कभी नहीं होगा।
ऋषि कपूर ने शम्मी कपूर का फोटो शेयर करते हुए बताया कि उनके जैसा दूसरा स्टार आया ही नहीं।ऋषि कपूर ने लिखा,
‘Remembering Shammi Kapoor. Left us 14th August 2011. Never a star like him!’
शम्मी कपूर ने साल 1948 में सिनेमा की दुनिया में एक जूनियर आर्टिस्ट के रूप में कदम रखा था। साल 1953 में शम्मी कपूर ने ‘जीवन ज्योति’ फिल्म के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया था।
हिंदी सिनेमा के ‘एल्विस प्रेस्ली’ कहे जाने वाले शम्मी कपूर ने फिल्म ‘तुमसा नहीं देखा’, ‘दिल देकर देखो’, ‘सिंगापुर’, ‘जंगली’, ‘कॉलेज गर्ल’, ‘प्रोफेसर’, ‘चाइना टाउन’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘कश्मीर की कली’, ‘जानवर’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘अंदाज’ और ‘सच्चाई’ जैसी कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है। 14 अगस्त 2011 को उनका निधन हो गया था।

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