[gtranslate]
Country

नये जोश में सोनिया ,विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटी 

कांग्रेस के बीच नेतृत्व को लेकर बेशक घमासान चल रहा हो ,पार्टी नेता बगावती तेवर दिखा रहे हों ,लेकिन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अहसास कराया है कि वे कहीं से भी कमजोर नहीं पड़ी हैं। अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल छह माह के लिए विस्तारित करना पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास और समर्थन से उनमें एक नया जोश दिखाई दे रहा है। अब वे देशभर में विपक्षी दलों को गोलबंद करने की कोशिश में जुट गई हैं। फिलहाल उन्होंने नीट (NEET) और जेईई (JEE) परीक्षाओं को मुद्दा बनाकर विपक्षी दलों को केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध खड़ा कर दिया है।

सोनिया की कोशिश ही है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) टलवाने के लिए अब कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल साथ आ गए हैं। इस बीच, नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के इन परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी शुरू करने की खबरों के बाद देशभर के छात्र इसका विरोध करने वाले हैं और कल से देशव्यापी धरने पर बैठेंगे। बढ़ते विरोध के बीच सरकार परीक्षा की तारीखों पर विचार कर सकती है।

NEET और JEE परीक्षा रुकवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी  और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  ने आज विपक्षी पार्टियों की सीएम की बैठक बुलाई ।

ममता ने  पीएम नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था कि केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। बता दें कि शीर्ष अदालत ने कोरोना महामारी के दौरान NEET और JEE परीक्षा करवाने का आदेश दिया है।

वहीं  सत्ताधारी पार्टी की एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) भी कोरोना महामारी के बीच परीक्षा कराए जाने के खिलाफ है। पार्टी के नेता चिराग पासवान ने शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर परीक्षा टलवाने की मांग की थी। दिल्ली सरकार ने भी सरकार से इस परीक्षा को महामारी के दौरान नहीं करवाने का आग्रह किया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने NEET और JEE की परीक्षा स्थगित करने वाली याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि कोरोना के कारण छात्रों का कीमती साल बर्बाद नहीं होने दे सकते हैं।

एक तरफ कांग्रेस NEET और JEE पर विपक्षी दलों को गोलबंद कर चुकी है ,वहीँ दूसरी तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कोरोना महामारी के बीच इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए ऑल इंडिया लेवल पर एग्जाम कराने का बचाव किया है। निशंक ने कहा कि पैरेंट्स और स्टूडेंट्स लगातार दबाव बना रहे हैं। उनके परिवार परीक्षाएं चाहते हैं। जेईई एग्जाम के लिए 80% छात्र पहले ही एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘बच्चों के माता-पिता लगातार पूछ रहे थे कि जेईई और नीट एग्जाम की मंजूरी क्यों नहीं दे रहे हैं। स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे। वे कह रहे थे कि कितने समय तक सिर्फ तैयारी जारी रखेंगे।’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि जेईई के लिए रजिस्टर 8.58 लाख छात्रों में से 7.25 लाख उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं। हम छात्रों के साथ हैं। उनकी सुरक्षा पहले हो, फिर उनकी शिक्षा। स्कूल खोलने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक ही लिया जाएगा।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जेईई-मेन और नीट एग्जाम कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जेईई मेन एग्जाम 1 से 6 सितंबर तक कराई जाएगी, जबकि NEET 13 सितंबर को होगी।एग्जाम सेंटर पर सभी छात्र, फैकल्टी और स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। छह  फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी।स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर और स्टाफ का एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले टेम्परेचर चेक किया जाएगा। बुखार होने पर छात्रों को अलग कमरे में बैठाया जाएगा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD