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सोनभद्र: मृतकों के परिजनों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया

17 जुलाई सोनभद्र उम्भा गांव में 112 बीघा खेत जोतने के लिए गांव का प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर 32 ट्रैक्टर लेकर पहुंचा था। इन ट्रैक्टरों पर लगभग 60 से 70 लोग सवार थे। यह लोग अपने साथ लाठी-डंडा, भाला-बल्लम और राइफल और बंदूक लेकर आए थे। गांव में पहुंचते ही इन लोगों ने ट्रैक्टरों से खेत जोतना शुरू कर दिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो यज्ञदत्त और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडा, भाला-बल्लम के साथ ही राइफल और बंदूक से भी गोलियां चलानी शुरू कर दी। लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे। दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था

इसके बाद  प्रियंका गांधी सोनभद्र गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए वाराणसी के एक अस्पताल पहुंची थीं। जब उन्होंने सोनभद्र जाने की कोशिश की तो प्रशासन ने उन्हें अदलहाट क्षेत्र में रोक लिया। अदलहाट क्षेत्र के नारायनपुर में खुद को रोके जाने के विरोध में प्रियंका धरना पर बैठ गयीं। बाद में उन्हें हिरासत में लेकर  चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया और वहां पर भी प्रियंका गांधी ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। उनका कहना है कि वे पीड़ित परिवार वालों से मिले बिना नहीं जाएंगी। इस बीच जगह-जगह कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी को  हिरासत में लिए जाने की घटना पर राहुल गांधी ने अपने प्रतिक्रिया दी है और उनके हिरासत को परेशान करने वाला बताया है। प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने और पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिए जाने की घटना पर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भड़क उठे हैं। जगह-जगह कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता प्रदर्शऩ कर रहे हैं और योगी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सोनभद्र में जिन लोगों पर गोलियां बरसायी गयीं, उनका क्या कुसूर था। उन्होंने अपने अधिकारों के लिये लड़ाई लड़ी बस, अपनी जमीन जो पुश्तों से वे जोत रहे थे, उसको हड़पा जा रहा है। प्रियंका ने कहा कि सोनभद्र मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की नाकामी खुलकर सामने आयी है। रोज हत्याएं हो रही हैं। ऐसा लगता ही नहीं कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।

कांग्रेस ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, ‘यूपी की अजय सिंह बिष्ट सरकार द्वारा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से जबरन रोकना लोकशाही का अपमान है. बगैर लिखित आदेश और संविधान की मूल भावना के विपरीत अजय सिंह बिष्ट सरकार का यह कदम तानाशाही को दर्शाता है.’ इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में लिखा है, ‘सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी अजय सिंह बिष्ट सरकार की तानाशाही का निकृष्टतम उदाहरण है. हम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दृढ संकल्पित हैं और भाजपा सरकार के इन ओछे हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं.

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