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जम्मू -कश्मीर में धीरे -धीरे सामान्य होते हालात 

जम्मू और कश्मीर में आज शनिवार 17अगस्त  से फोन सेवाएं शुरू हो गईं हैं।  जम्मू में जहां टू जी स्पीड के साथ इंटरनेट सेवा शुरू हो गई तो वहीं कश्मीर के श्रीनगर के राजबाग क्षेत्र में लैंडलाइन सेवा शुरू कर दी गई है , हालांकि कश्मीर में इंटरनेट सेवा बहाल होने में अभी वक्त लग सकता है। जम्मू के अलावा साम्बा, कठुआ, उधमपुर में टू जी स्पीड के साथ इंटरनेट सेवाएं शुरू की गई हैं. राजौरी क्षेत्र में भी प्रतिबंधों में ढील दी गई है ,राजौरी में धारा 144 के तहत रात नौ से सुबह पांच तक ही सीमित रहेगा। इस संबंध में राजौरी के डीएम ने आदेश भी जारी किया है।जम्मू क्षेत्र के 10 में से 5 जिलों में 2G सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. राज्य के जम्मू, साम्बा, कठुआ, उधमपुर और रेसाई जिले में सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. हालांकि, राजौरी, पुंछ, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिले में इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक अब भी जारी है।

जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच अगस्त से टेलीफोन सेवा बंद है।  अनुछेद 370 हटाने के बाद एहतियातन सरकार ने फोन और इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार राज्य प्रशासन ने प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों को भी सोमवार 19 अगस्त से खोलने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाला अनुच्छेद 370 मोदी सरकार की ओर से हटाने के मद्देनजर घाटी में धारा 144 लागू कर दिया गया था, जिसके कारण पिछले 12 दिनों से घाटी मे संचार सेवाओं को ठप करने के साथ स्कूल-कॉलेज भी बंद थे. जैसे-जैसे हालात ठीक हो रहे हैं, वैसे ही सख्ती में ढील दी जा रही है। 16 अगस्त को जम्मू कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा था कि अब स्थिति शांतिपूर्ण हैं. घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदियों में भी ढील दी गयी है. अभी तक स्थिति शांतिपूर्ण है. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों की तैनाती पहले की तरह ही है. लोगों को शहर के आसपास और अन्य शहरों में आवाजाही की इजाजत दी गई है।और जम्मू-कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंध को चरणबद्ध तरीके से हटाना शुरू कर दिया है।  कश्मीर घाटी के 17 एक्सचेंज में लैंडलाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। वहीं दक्षिण कश्मीर में काजीगुंड और पहलगाम इलाकों में सेवाएं बहाल की गई हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को कहा कि बीते 12 दिनों से लॉकडाउन के दौरान कश्मीर घाटी में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई है। उन्होंने घोषणा की कि प्रतिबंध हटाए जाएंगे और अगले कुछ दिनों में हालात में सुधार होने के साथ ‘जीवन पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा।’और  प्रतिबंधों में ढील देने के लिए धीरे-धीरे कदम उठाए जा रहे हैं, ऐसा  हालात के साथ-साथ लोगों से शांति के लिए मिल रहे सहयोग के मद्देनजर किया जा रहा है।

सुब्रमण्यम ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा निष्प्रभावी किए जाने के बाद घाटी में प्रदर्शनों के दौरान मौत व गंभीर रूप से घायल होने की बात का खंडन किया। सुब्रमण्यम ने घोषणा की कि सोमवार से ‘क्षेत्रवार’ स्कूल खुलेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं हो। उन्होंने कहा, “आवाजाही पर प्रतिबंंध क्षेत्र वार हटाए गए हैं, इन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन शुरू होंगे।” उन्होंने घोषणा की कि सरकारी कायार्लयों ने  शुक्रवार से ही  पूरी तरह से कामकाज करना शुरू कर दिया है।और मोबाइल कनेक्टिविटी धीरे-धीरे की जाएगी।

ऐसा आतंकी संगठनों द्वारा मोबाइल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल संगठित रूप से आतंकी कार्रवाई करने के लगातार खतरे को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। घाटी में मोबाइल कनेक्टिविटी चार अगस्त से बंद है।

सुब्रमण्यम ने कहा कि 22 जिलों में से 12 में कामकाज सामान्य है। उन्होंने कहा, “ऐसे उपाय किए गए जिससे सुनिश्चित किया गया कि एक भी जान का नुकसान नहीं हो या कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हो। यह इंतजाम शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया। आतंकवादी संगठनों व कट्टरवादी समूहों के पुख्ता प्रयास के बावजूद हमने जनहानि को रोका। पाकिस्तान द्वारा हालात को अस्थिर करने का लगातार प्रयास किया गया।”

राजनेताओं की नजरबंदी पर अधिकारी ने कहा कि प्रिवेंटिव डिटेंशन की लगातार समीक्षा की जा रही है और कानून व व्यवस्था के आकलन के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा। इन राजनेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती व अन्य शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों का सहयोग है, जिससे शांति व सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने में खासा मदद मिली। सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रशासन का फोकस जल्द से जल्द सामान्य हालात बहाल करने पर है।

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