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बुलडोजर के साइड इफेक्ट: नहीं टूटा सपा नेता का अस्पताल

यूपी में बुलडोजर के साइड इफेक्ट आने शुरू हो गए हैं। पूर्व में जब अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो मीडिया से लेकर तमाम जनमानस तक बाबा के बुलडोजर की तारीफ करते नहीं रुक रहे थे। लेकिन अब यही बुलडोजर राजनेताओं की आपसी रंजिश का शिकार होता नजर आ रहा है।
शाहजहांपुर के तिलहट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है । जहां भाजपा की विधायक सलोना कुशवाहा बुलडोजर के सहारे सपा नेता के अस्पताल को ध्वस्त करने का मन बना बैठे थी।
 बताया तो यहां तक जा रहा है कि जब सपा नेता के अस्पताल के अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया जा रहा था तो भाजपा की विधायक ने पूरे हॉस्पिटल को ही गिराने की बात कही थी। भाजपा विधायक के इस फरमान को नहीं मानने पर अधिकारियों को ट्रांसफर की सजा मिली।
यह मामला तिलहट विधानसभा क्षेत्र का है । यहां के साईं अस्पताल पर आरोप था कि वह जिस जमीन पर बना है उसमें 25 स्क्वायर मीटर जमीन ग्राम समाज की है। 25 स्क्वायर मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए साईं अस्पताल पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान तिलहट के एसडीएम हिमांशु उपाध्याय और तहसीलदार तृप्ति गुप्ता वहां मौजूद थे।
 लेकिन बताया जाता है कि दोनों ही अधिकारियों ने पूरे हॉस्पिटल को गिराने की बजाए सिर्फ उतने ही अतिक्रमण को हटाया जो ग्राम समाज की जमीन पर था। यह अस्पताल समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा का है।
बताया जाता है कि दिन में बुलडोजर चला और रात में बिना कोई कारण तिलहट के एसडीएम और तहसीलदार के स्थानांतरण करा दिया गये। जिसके चलते एसडीएम हिमांशु उपाध्याय को डिप्टी कलेक्टर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय बनाया गया। जबकि उनकी जगह राशि कृष्ण को एसडीएम बनाया गया। इसी तरह तहसीलदार तृप्ति गुप्ता को हटाकर तहसीलदार न्यायिक तहसील सदर भेज दिया गया। उनकी जगह युवाया के तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ को तहसीलदार बनाया गया।

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