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महाराष्ट्र में सीट बटवारे पर शिवसेना की विवादास्पद बयानबाजी से नाराज शाह,दौरा रद्द 

 

दो दिन पूर्व महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया था कि इतना बड़ा महाराष्ट्र  है, ये जो 288 सीटों का बंटवारा है ये भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से भी भयंकर है। अगर हम पहले से ही विपक्ष में रहते तो आज हालात कुछ और होते। शिवसेना की इस कंटोवर्सी बयानबाजी से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह नाराज हो गए है। बहरहाल अमित शाह ने आज का अपना प्रस्तावित मुंबई दौरा रद्द कर दिया है। शाह का यह दौरा ऐसे वक्त रद्द हुआ है जब राज्य में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए इस दौरान बीजेपी-शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे की घोषणा होने की उम्मीद की जा रही थी। याद रहे कि यह वही संजय राउत है जिन्होंने भाजपा और शिवसेना के सीट बटवारे को लेकर पूर्व में एक विवादस्पद बयान दिया था। जिसमे उन्होंने कहा था कि शाह उनके पीछे रोमियो की तरह पीछे पड़े है

बीजेपी की राज्य इकाई के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि गृह मंत्री शाह का गुरुवार को होने वाला मुंबई दौरा रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे भगवा पार्टियों के बीच सीट बंटवारे की घोषणा में और देरी होगी। बीजेपी के एक नेता ने कहा था कि उम्मीद की जा रही थी कि शाह गुरुवार को अपनी यात्रा के दौरान सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप देंगे और इसकी घोषणा करेंगे । उनकी यात्रा रद्द होने के साथ ही इस बात की कोई निश्चितता नहीं है कि गठबंधन की घोषणा जल्द ही की जाएगी। 

बता दें कि शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दिवाकर राउत के बयान का पार्टी के कद्दावर नेता संजय राउत ने समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि अगर अमित शाह जी और सीएम के सामने 50-50 सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया था, तो उनका बयान गलत नहीं है। दरअसल मंत्री दिवाकर राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर बीजेपी शिवसेना को आधी सीटें नहीं देती है तो गठबंधन टूट सकता है।

वहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे पेंच को सुलझाने के लिए जल्द ही दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत हो सकती है। उधर एनडीए के एक और सहयोगी आरपीआई (ए) ने 10 सीटों की मांग कर इस मुद्दे पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं।  शिवसेना महाराष्ट्र में आसन्न विधानसभा चुनाव में उतनी ही सीट पर लड़ना चाहती है जितनी पर बीजेपी अपने प्रत्याशी उतारेगी। वहीं, बीजेपी  शिवसेना को बराबर संख्या में सीट नहीं देना चाहती है।

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