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शगुन पोर्टल से जुड़ेंगे देश के 15 लाख स्कूल

वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में समय के साथ-साथ टेक्नोलॉजी की भी जरूरत बढ़ गई हैं जिससे शिक्षा को एडवांस बनाया जा सकें। इसके लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम समय-समय पर उठायें जा रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा ‘शगुन’ नामक एक स्कूल एजुकेशन पोर्टल लॉन्च किया गया हैं जिससे देशभर के 15 लाख स्कूलों को जोड़कर स्कूल की शिक्षा की जानकारी देने की कवायद की जा रही हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा देश भर के स्कूलों के हालात, शिक्षा, स्कूलों में पढ़ाई के स्तर और किसी भी तरह की अन्य जानकारी को प्राप्त करने के लिए शगुन नाम के पोर्टल को लॉन्च किया गया है। अब से देश में स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षकों और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की तमाम जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी। इसके जरिए अभिभावक, शिक्षक, विद्यार्थी या आम लोग शिक्षा में खामियों की अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। केंद्र सरकार ने देश के स्कूलों की निगरानी के काम को आगे बढ़ाने की मंशा से इसे शुरू किया है।  इसके तहत 15 लाख स्कूलों और उनके शिक्षकों व छात्रों को ‘शगुन’ पोर्टल से जोड़ा गया है। शगुन पोर्टल के माध्यम से 15 लाख स्कूलों, 90 लाख शिक्षकों और 25 करोड़ छात्रों को जोड़ा गया है।

 रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, ”सभी स्कूलों  की जानकारी अब एक जगह शगुन पोर्टल में मिलेगी। यह पोर्टल बच्चों के विकास में भी सहयोग करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ”130 करोड़ लोगों को शुभकामना देना चाहता हूं क्योंकि शिक्षा से ही मज़बूती मिलती है।” रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि दुनिया का सबसे बड़ा स्कूली अभियान ‘शगुन’ से शुरू हो रहा है। शगुन पोर्टल से देश भर के 25 करोड़ छात्र जुड़े हैं, इसमें सीबीएसई के 2 करोड़ छात्र शामिल हैं। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पोर्टल से देश के सभी स्कूलों और विद्याॢथयों को यूनिफाइड डिस्ट्रिक इन्फारमेशन ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूडीआईएसई) से एक स्पेशल नंबर के माध्यम से जोड़ा गया है।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत शगुन पोर्टल के माध्यम से देशभर के सरकारी स्कूलों  में पढ़ाई से लेकर विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी मिल सकेगी। इससे एक-दूसरे की अच्छी योजनाएं छात्रों समेत शिक्षकों को साझा करने का मौका मिलेगा। इससे राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर स्कूलों की ग्रेडिंग 70 मानकों पर की जाएगी। शगुन पर स्कूल या छात्र वीडियो यूट्यूब चैनल पर अपलोड भी कर सकेंगे। देश की प्रगति शिक्षा पर निर्भर है और शिक्षा की नींव ठोस होनी चाहिए। ‘शगुन’ एक महत्वपूर्ण पहल और पोर्टल के माध्यम से 2.3 लाख से अधिक एजुकेशनल वेबसाइट को एकीकृत किया जा सकता है।एचआरडी अधिकारियों के अनुसार, स्कूलों द्वारा उपलब्ध कराई जानकारी की सत्यता थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन से जांची जाएगी। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पोर्टल से देश के सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को यूनिफाइड डिस्ट्रिक इन्फारमेशन ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूडीआईएसई) से एक विशिष्ठ नंबर के माध्यम से जोड़ा गया है।

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