[gtranslate]
Country

संदेशखाली केस पर बीजेपी ने बनाई डॉक्यूमेंट्री

 

पश्चिम बंगाल के छोटे से गांव संदेशखाली में महिलाएं पिछले 10 दिन से धरना प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं ने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके साथियों पर यौनशोषण करने का आरोप लगाया है। इन महिलाओं का कहना है कि पिछले कई सालों से टीएमसी नेता द्वारा उन पर अत्याचार किये गए उनके साथ तमाम गलत काम किये गए हैं। जिसको लेकर संदेशखाली में लगातार धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति शासन की मांग की जा रही है। पश्चिम बंगाल का यह गांव पिछले एक हफ्ता से काफी सुर्खियों में चल रहा है। इस मामले ने कुछ ही समय में इतना तूल पकड़ा की अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पंहुचा है। इस मामले को लेकर प्रिविलेज कमेटी का गठन किया गया है। इसी के साथ इस मामले पर बीजेपी के द्वारा डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई है।

संदेशखाली मामले को लेकर बनाई गई प्रिविलेज कमेटी पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगा दी गई है। इस पर रोक ममता बनर्जी के सांसदों द्वारा रोक लगाने के लिए याचिका डाली गई है। इसी के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में तेज हलचल होने लगी है। यह विरोध प्रदर्शन 8 फरवरी से शुरू किये गए थे। इन महिलाओं ने यौन शोषण के साथ-साथ घरवालों के साथ मारपीट और प्रतारणा के भी काफी किस्से बयान किये हैं।

बीजेपी डॉक्यूमेंट्री में महिलाओं ने कहीं ये बातें

संदेशखाली गांव पर बनाई गई बीजेपी ककी डॉक्यूमेंट्री में महिलाओं ने अपनी आप बीते बयान करते हुए टीएमसी सांसदों के द्वारा की गई प्रतारणा बयान की है। संदेशखाली की महिलाओं ने दावा करते हुए कहा है कि शेख शाहजहां और उसके “गिरोह” ने उनके क्षेत्र में न केवल यौन शोषण किया है बल्कि उनके हिस्से की जमीनों पर जबरदस्ती कब्ज़ा कर लिया है। इस डॉक्यूमेंट्री में एक महिला के द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि ‘तृणमूल पार्टी के लोग आकर पुरे गांव में सर्वे करते थे, जिसके जरिये घर में जाते और किसी भी खूबसूरत महिला, बीवी हो या बेटी उसे अपने कार्यालय में जाया करते थे और कई रातों तक उन्हें वहां रखा जाता था, जब तक की उन्हें उसके शरीर से संतुष्टि न मिले। इसके बाद उन्हें घर छोड़ दिया जाता और मुँह बंद रखने के लिए जोर दिया जाता। ककई महिलाओं का तो यह भी कहना है कि गांव के पुरुषों को टीएमसी पार्टी की बैठकों में शामिल होने के लिए विवश किया जाता था। यदि क्कोई इस बात से इंकार करता तो उनके घरवालों को मारने की धमकी दी जाती थी। इसका विरोध करने वालों को बहुत मारा-पीटा जाता था।

शेख शाहजहां

शेख शाहजहां संदेशखाली गांव में टीएमसी के नेता और स्थानीय जिला परिषद के सदस्य हैं। पिछले महीने जनवरी में ईडी टीम के द्वारा उनके घर पर राइड डाली गई तो उनके कुछ अधिकारियों ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया। ईडी की यह राइड शाहजहां पर कथित राशन घोटाले के आरोप थे।

इस मामले की पड़ताल और लोगों से बात करने पर मालूम होता है कि महिलाओं के शोषण में शाहजहां के साथ-साथ उनके साथी शिबू हाजरा और उत्तम सरदार भी शामिल हैं। लेकिन चल रहे मामले के चलते यह फरार हो गए हैं। इन दोनों के साथ-साथ शेख शाजहाँ भी ईडी वाले हमले के बाद से गायब है। नेताओं का राज्य से गायब हो जाने के कारण ही वहां के लोग राष्ट्रपति शासन की मांग आकर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार का एक्शन

पश्चिम बंगाल के राजयपाल सीवी आनंद बोस के द्वारा संदेशखाली के अशांत क्षेत्रों का दौरा किया गया, और सभी महिलाओं से बात भी की। जिसके बाद उन्होंने एक बयान में कहा कि ‘आपराधिक तत्वों की कथित सांठगांठ की जांच करने और किए गए अपराधों की गहराई और सीमा निर्धारित करने और सभी दोषियों को कानून के सामने लाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाना चाहिए।’ इस बयान के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी जिस रिपोर्ट में कहा गया कि संदेशखाली में महिलाओं का यौन उत्पीड़न हुआ है।

बीजेपी नेताओं ने क्या कहा

इसी के साथ बीजेपी के कुछ नेताओं ने भी इस मामले की गंभीरता को बताते हुए इसककी जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और हिंसा की घटना को हृदय विदारक बताते हुए कहा है कि राज्य में महिला उत्पीड़न और गुंडागर्दी की घटनाएं लगातार हो रही हैं और प्रशासन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। इस पुरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था खराब हो चुकी है। हमारे द्वारा बनाई गई कमेटी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाकर आरोपियों को मोहलत दी है।

 

You may also like

MERA DDDD DDD DD