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पिछले साढ़े चार साल में हमने अपने सांसद को नहीं देखा है। हमारे यहां के सांसद, कोई डाॅक्टर हैं जो अस्पताल चलाते हैं सुना है बड़े अच्छे आदमी हैं। काम तो हमारे गांव में कोई उनका हुआ नहीं हैं, लेकिन वह जेवर में हवाई अड्डा बना रहे हैं। नेता लोग कह रहे हैं कि इस हवाई अड्डे के बनने से हमारी तरक्की हो जाएगी।’ यह कहना है गिरधरपुर निवासी सच्चे सिंह का।
सच्चे ग्रेटर नोएडा के सेंटर खेरली मोड़ पर एक चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। वहां चाय पी रहे चार अन्य लोगों से भी जब यह पूछा गया कि आपका सांसद कैसा है, तो वह बोले कि आज तक किसी भी सांसद ने हमारे क्षेत्र को कोई खास पहचान नहीं दी है। पूर्व के भी कई सांसद हुए हैं। जिनका काम गली-खडंजे बिछाना और अपने नाम के पत्थर लगाना होता था। लेकिन डाॅक्टर महेश शर्मा पहले ऐसे सांसद हैं जिन्होंने हमारे लिए कुछ सोचा है। वह कहते हैं कि दिल्ली का एयरपोर्ट बनाने से गुड़गांव जैसा एक अति आधुनिक शहर निर्मित हुआ। जिसमें लाखों लोगों को रोजगार मिला। नोएडा और ग्रेटर नोएड़ा के साथ ही अब जेवर के पास हवाई अड्डे की स्थापना से उम्मीदों के नए पर उगने लगे हैं।
दुरियाई गांव में सांसद की निधि से सबसे ज्यादा काम हुए हैं। यहां बीडीसी संजय शर्मा के प्रयासों से गांव की गली-गली पक्की करा दी गई है। सांसद डाॅ महंश शर्मा ने इस गांव में 2 करोड़ से अधिक के काम कराए हैं। सजयं शर्मा कहते हैं कि इस क्षेत्र के लिए सांसद किसी अवतार से कम नहीं हैं वह जो कहते हैं वह करते हैं। 2019 में एक बार फिर डाॅ महेश शर्मा ही गौतमबुद्धनगर के सांसद होंगे।
घंघोला निवासी सुभाष सांसद और केंद्रीय मंत्री को एक जातिवादी नेता बताते हैं। यह कहते हैं कि देश  की आजादी के बाद आज तक कितने सांसद हुए, पर हमें यह तक पता नहीं चला कि कौन किस जाति का है। लेकिन डाॅ  महेश शर्मा के सांसद बनते ही एक जाति विशेष के लोगों ने क्षेत्र में जातिवाद का जहर बो दिया। जिसको खाद पानी देने का काम खुद सांसद महेश शर्मा ने किया। प्रत्येक व्यक्ति के पास उनकी एक जाति विशेष को गाली देने वाला आॅडियो पहुंची तो लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि नेताओं का स्तर इतना गिर भी सकता है। लेकिन वह आॅडियो तो फोरेंसिक रिपोर्ट में झूठा  साबित हुआ था। हमारे यह बताने पर महाशय थोड़ा उग्र हो उठे और कहने लगे कि कभी देखा है सांसद जी को किसी के दुख-सुख में शरीक होते हुए। लडपुरा गांव के करतार भाटी के अनुसार क्षेत्र में जब से प्रधानी के चुनाव पर रोक लगी है तब से गांवों में होने वाली छोटी राजनीति बंद हो गई है। लेकिन लोग अब बड़ी राजनीति में फसने लगे हैं उनका सीधा इशारा बहुजन समाज पार्टी द्वारा घोषित लोकसभा के बसपा उम्मीदवार  विरेंद्र डाढ़ा की तरफ था। अपनी बात को वह थोड़ा स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि गांव के नेताओं के पास अब कोई काम नहीं है। डाॅक्टर महेश शर्मा उन्हें भाव नहीं देते हैं। ऐसे में वह बसपा उम्मीदवार की तरफ मुखातिब हो रहे हैं साथ में भाटी यह भी कहते हैं कि बहन जी का कोई भरोसा नहीं कि कब किसे टिकट दे दे और किसका काट दे। हालांकि वह यह भी कहते हैं कि शर्मा के मुकाबले डाढ़ा एक सौम्य व्यक्ति हैं जो देहात मोर्चा के समय से ही जनता से जुड़े हुए हैं।
डाॅ महेश शर्मा की छवि को जातिवाद से जोड़कर राजनीति की शुरूआत तो कई साल पहले हो चुकी थी। लेकिन उसे अमलीजमा पहनाने का काम किया भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अतुल शर्मा ने। उन्होंने दो साल पहले एक आॅडिया सोशल मीडिया पर वायरल किया। जिसमें स्थानीय सांसद का जमकर घेराव किया गया। इस घेरा बंदी  में अकेले अतुल शर्मा ही नहीं बल्कि कपिल गुर्जर, ओमकार भाटी और अनिल पंडित थे। चारों ही भाजपा के सक्रिय नेता है। आॅडियो प्रकरण के बाद डाॅक्टर महेश शर्मा ने इनको पार्टी से निष्कासित करा दिया था। लेकिन गत् वर्ष विधानसभा चुनावों में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह ने इस चारों को अपने साथ ले लिया। पंकज के चुनाव में इन्होंने पार्टी का जमकर प्रचार किया। हालांकि ओमकार भाटी ने जाति सूचक बातों का हवाला देते हुए बाद में डाॅ  महेश शर्मा पर कोर्ट के जरिए मामला दर्ज कराने की कोशिश की थी।
डाॅ महेश शर्मा, सांसद गौतमबुद्धनगर

मैं पिछले तीस साल से नोएडा में रह रहा हूं। तीन चुनाव लड़ चुका हूं और तीन चुनाव लड़ा चुका हूं। यहां की जनता ने मुझे सांसद और विधायक बनाकर इस मुद्दे को खत्म कर दिया है। जहां भी विकास कार्यों की घोषणा हुई है सभी कराए जाएंगे। चाहे वह किसी भी गांव का हो दुजाना में दादी सती का सौन्दर्यीकरण कार्य जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा।

जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। साथ ही न्यायालय ने आॅडियो की फोरेंसिक जांच कराई थी। जिसमें उसके साथ छेड़छाड़ होना पाया गया था। फिलहाल आॅडिया प्रकरण पर चारों की रहस्मय चुप्पी लगी हुई है। चारों को वापस पार्टी में भी ले लिया गया है। लेकिन यह प्रकरण डाॅ महेश शर्मा की छवि पर एक जाति विरोधी का ठप्पा लगा गया। अभी भी शर्मा इस छवि को तोड़ नहीं पाए हैं। कुछ दिनों पूर्व हुए नगर निकाय चुनावों में दादरी नगर पालिका के चुनाव को लेकर यह घाव उस समय और गहरा हो गया जब यहां मनोज गोयल की बजाय गीता शर्मा को टिकट दे दिया गया। नगर पालिका के लिए टिकट आंवटन के पहले दादरी में व्यापारी वर्ग के लोग डाॅ  महेश शर्मा से मिले थे। तब सभी ने एक सुर में मनोज गोपाल को टिकट देने की मं।ग की थी। लेकिन डाॅ महेश शर्मा ने व्यापारी वर्ग को नाराज करते हुए नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन गीता पंडित को पार्टी का उम्मीदवार घोषित करा दिया। यहीं नहीं, बल्कि पंडित की जीत निश्चित कराने के लिए शर्मा ने दादरी में डेरा भी डाल दिया था। गीता पंडित के चुनाव को शर्मा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा गया। हालांकि गीता पंडित की जीत में स्थानीय विधायक मास्टर तेजपाल नागर की मेहनत भी रंग लाई। इसके बाद उनके विरोधियों के अरमानों पर पानी फिर गया। इसके बाद उनके राजनीतिक विरोधियों ने स्थानीय और बाहरी का मुद्दा जिंदा कर दिया। इस मुद्दे में डाॅ  महेश शर्मा को बाहरी बताकर आगामी 2019 में गौतमबुद्धनगर लोकसभा के लिए स्थानीय व्यक्ति को तरजीह देने की बात कही जाने लगी है। इसके लिए जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को आगे किया जा रहा है। इसी के साथ गत दिनों मुजफरनगर की मीरापुर विधानसभा के विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने भी ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान यह कहकर चर्चा शुरू कर दी कि वह भी गौतुबुद्धनगर से लोकसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। इस लोकसभा सीट से गुर्जर और ठाकुरों का बाहुल्य है। लोकसभा की तीनों सीटों पर अगल-अलग समीकरण हैं। दादरी जहां गुर्जर बाहुल्य है तो जेवर ठाकुर बाहुल्य है जबकि नोएडा पर शहरी मतदाताओं का खास प्रभुत्व हैं। जिसमें सभी जाति के लोग शामिल है। हालांकि माना जाता है कि शहरी मतदाता का झुकाव भाजपा की तरफ रहता है। नोएडा के पूर्व विधायक नवाब सिंह नागर और वर्तमान विधायक पंकज सिंह की गलबहियां आजकल गुल खिला रही है। विधानसभा चुनावों में डाॅ महेश शर्मा की पसंद गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह नहीं थे। बावजूद इसके पंकज सिंह को पार्टी का उम्मीदवार बनाकर नोएडा से उनका वर्चस्व खत्म करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा किया गया। शर्मा के द्वारा नोएडा विधानसभा चुनावों में कोई दिलचस्पी नहीं ली गई। जबकि इसके इतर वह अपने खास समर्थक मास्टर तेजपाल नागर की जीत सुनिश्चित कराने के लिए दादरी विधानसभा पर ही पूरा ध्यान केद्रित किए रहे। दूसरी तरफ जेवर विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने कोई खास सक्रियता नहीं दिखाई। यहां से पार्टी के उम्मीदवार ठाकुर धीरेंद्र प्रताप सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। ठाकुर भी शर्मा की लिस्ट में कहीं भी शामिल नहीं थे। लेकिन वह टिकट पाने में कामयाब रहे। हालांकि शर्मा के ड्रीम प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट के लिए ठाकुर फिलहाल किसानों की जमीन अधिग्रहण मामले में सहमति बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। शुरूआत में इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा था। स्थानीय किसान अपनी जमीनों को देने के इच्छुक नहीं थे। तब एकबारगी लगने लगा था कि जेवर से एयरपोर्ट राजस्थान के अलवर में स्थानतरित हो सकता है। 

जेवर एयरपोर्ट के साथ ही शर्मा ने गौतबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र को नो कट जोन बनाने के लिए खुर्जा के अरनिया में महत्वपूर्ण बिजली संयत्र की स्थापना कराई है। टीएचडीसी के इस प्रोजेक्ट से 1300 मेगावाट की बिजली पेदा की जा रही है। 10498 करोड़ की लगात से बने इस विद्युत उपकेंद्र में गौतमबुद्धनगर को 60 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति प्राथमिकता पर देने की शर्त रखी गई थी। इस विद्युत उपकेंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता पर बिजली मिलने की संभावनाएं पूरी होती दिख रही हैं। इसी तरह ग्रेटर नोएडा में गलगोटिया काॅलेज के पास 25 एकड़ जमीन पर भारत का पहला संस्कृति मंत्रालय का प्रोजेक्ट शुरू कराया गया।

दादरी में बाॅयपास और रेलवे ओवर ब्रिज का अधूरा निर्माण भाजपा के सांसद और विधायक के लिए नासूर बना हुआ है। तिलपता से आगे निकलते ही दादरी शहर में जाने वाले लोगों के लिए यह दुविधा हो जाती है कि वह अब किधर से जाएं। बाॅयपास से जाते हैं तो रूपवास गांव पर जाकर गति अवरोध हो जाती है। क्योंकि वहां से लेकर जीटी रोड तक बाॅयपास को जोड़ा ही नहीं गया है। लोग आमका गांव के बीचों बीच से निकलकर आते हैं। पाली गांव में जहां सांसद के प्रयासों से होडा कंपनी ने एक अतिआधुनिक स्कूल की स्थापना की है वहां पड़ोसी  गांव चिटहरा के वाशिंदे इस वजह से नाराज हैं कि सांसद आज तक उनके गांव नहीं आए हैं।
गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव दुजाना और उसके आसपास के ग्रामीणों के लिए श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र दादी सती धाम है। दो साल पूर्व सांसद ने यहां मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 84 लाख की घोषणा की थी। लेकिन वह घोषणा अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। अनिल नागर की माने तो सांसद की घोषणा अगर पूरी नहीं हुई तो दादी सती उन्हें माफ नहीं करेगी। बिस्नूली गांव में गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क को आरसीसी बनाकर रास्ता साफ कर दिया गया है। कचैड़ा गांव को सांसद आदर्श गांव योजना के तहत डाॅ महेश शर्मा ने एक साल पहले गोद लिया था। हालांकि अभी गांव में उनके सौजन्य से महज 60 सोलर लाईट ही लग सकी है।
गत् 13 सितंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गांव में हुई सभी विभागों की बैठक और विकास कार्यों की गति बढ़ाए जाने की घोषणा से ग्रामीणां को उम्मीद हे कि एक दिन कचैड़ा देश का पहला विकसित गांव होगा। गोद लिए गए गांव कचैड़ा सहित दुरियाई, खेड़ा, दुजाना, महावड, बंबावड़ और रसूलपुर एनटीपीसी तक नौ गांवों को जोड़ने वाली एक सड़क बनाई जा रही है। 28 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क को परिवहन का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बनाने का कार्य चल रहा है। फिलहाल पहली बनी सड़क तोड़कर नए सिरे से सड़क बनाने का काम जोरों पर है। प्रथम फेंस के तौर पर जीटी रोड से हरिश्चंद का बाग (छपरौला) से कचैड़ा तक रोड़ी आदि डाली जा रही है। इस विकास कार्य की गति शिथिल है।
गुर्जरों की राजधानी कहे जाने वाली दादरी में स्थानीय विधायक मास्टर तेजपाल नागर एक तरह से देखा जाए तो सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के मजबूत स्तंभ हैं। नागर अभी से आगामी 2019 में शर्मा के चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं। उनका अगला लक्ष्य डाॅक्टर महेश शर्मा की दादरी विधानसभा में मजबूत पैठ बनाना है। जिसमें वह कुछ हद तक कामयाब होते भी नजर आ रहे हैं। सांसद के प्रति इसी प्रतिबद्धता से चलते भाजपा विधायक तेजपाल नागर को लोग तेजपाल शर्मा कहने लगे हैं। नागर का शर्मा के प्रति यह समर्पण 2019 में जरूर गुल खिलाएगा। कभी प्रदेश के पूर्व मंत्री रवि गौतम का खास होने के चलते तेजपाल नागर को तेजपाल गौतम कहा जाता था। तेजपाल नागर को दादरी विधानसभा क्षेत्र में फायदा यह मिल रहा है कि यहां नवाब सिंह नागर को छोड़कर उनका कोई राजनीतिक प्रतिबंद्वी नहीं है। निश्चित तौर पर नवाब सिंह नागर जब से प्रदेश में पार्टी के उपाध्यक्ष बने हैं जब से उनका कद बढ़ गया है। लेकिन इसी के साथ पहले जहां वह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दादरी में सक्रिय रहते थे वहीं अब उनका दायरा विस्तृत हो चुका है। अवसर क्षेत्र से बाहर रहकर पार्टी के लिए काम कर रहे नवाब की दिलचस्पी अभी भी गौतमबुद्धनगर लोकसभा को लेकर जगजाहिर है। नवाब सिंह नगर के साथ ही जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र प्रताप सिंह मिशन 2019 में डाॅ  महेश शर्मा की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
 

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