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बागी बनी अदिति जाएगी भाजपा में,कांग्रेस की रायबरेली रियासत खतरे में 

 

उत्तर प्रदेश की रायबरेली सदर सीट से विधायक अदिति सिंह बुधवार को कांग्रेस को झटका देते हुए न केवल विधानसभा के विशेष सत्र में पहुंचीं, वरन उन्होंने सदन में अपने विचार भी रखे। कांग्रेस ने विधानसभा के विशेष सत्र के बहिष्कार का ऐलान किया था। इसके बावजूद अदिति सिंह का विधानसभा में पहुंचना उनके बागी होने का संकेत दे रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि अदिति सिंह जल्द ही भाजपा में जा सकती है। अगर अदिति भाजपा में जाती है तो यह कांग्रेस मुखिया सोनिया गांधी के राजनितिक क्षेत्र रायबरेली के कांग्रेस के हाथ से निकलने के भी संकेत है। क्योकि जिस तरह अदिति सिंह और उनके सर्वगीय पिता अखिलेष सिंह का रायबरेली में जनाधार रहा है वह कांग्रेस से खिसककर भाजपा के हाथों में जा सकता है।

अदिति सिंह को राजनीति में लाने का श्रेय प्रियंका गांधी को जाता है। लेकिन अब अदिति सिंह ने उन्हीं से खुली बगावत का ऐलान कर दिया है।  2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन लखनऊ में प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का मार्च था।  जिसको लेकर कांग्रेस ने ह्विप भी जारी किया था।  वहीं दूसरी ओर योगी सरकार की ओर से 36 घंटे तक चलने वाला विधानसभा सत्र बुलाया गया जिसका समूचे विपक्ष ने बायकॉट किया। लेकिन अदिति सिंह ने अपनी पार्टी की ह्विप को नजरंदाज कर विधानसभा सत्र में हिस्सा लिया।  जब इस पर उनसे सवाल किया गया तो सीधा कोई जवाब देने के बजाए उन्होंने कहा कि मुझे जो ठीक लगा वो मैंने किया। पार्टी का क्या निर्णय होगा मुझे नहीं मालूम।  मैं पढ़ी-लिखी युवा एमएलए हूं। विकास का मुद्दा बड़ा मुद्दा है। यही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।


जब अदिति से पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की, यह मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है। अदिति सिंह से जब पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय होगा और पार्टी जो भी निर्णय लेगी मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। इसके साथ ही अदिति सिंह ने कहा कि भाजपा को साफ सफाई और गरीबी को लेकर कई समस्याओं पर काम करने की जरूरत हैं। जिससे प्रदेश से गरीबी दूर हो सके और पूरा प्रदेश साफ सुथरा रहे। बता दें कि जैसे ही अदिति सिंह का यह बयान सामने आया वैसे ही सभी पार्टियों में खलबली मच गई। खुद कांग्रेस भी असमंजस की स्थिति में आ गई।

खुद कांग्रेस ने भी इस विधानसभा सत्र का बहिष्कार किया था।  लेकिन विधायक अदिति सिंह के इस बयान से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया हो। वहीं विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के कामकाजों का गुणगान किया। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।

यहां यह भी बताना जरुरी है कि रायबरेली की राजनीति के बेताज बादशाह रहे अखिलेश सिंह स्वर्ग सिधार चुके है।  फिलहाल उनकी राजनीतिक विरासत अदिति सिंह संभाल रही हैं।  अदिति सिंह 2017 में रिकॉर्ड मतों से विधानसभा चुनाव जीतकर वह विधायक बनी थी।अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह रायबरेली सीट से पांच बार विधायक रहे हैं।  उन्होंने अपना सियासी सफर कांग्रेस से ही शुरू किया था।  राकेश पांडेय हत्याकांड के बाद अखिलेश सिंह को कांग्रेस से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद भी कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे

उन्होंने साल 2012 के चुनावों से पहले पीस पार्टी जॉइन की थी। इस दौरान वह गांधी परिवार को जमकर कोसते थे। कहा जाता है कि अखिलेश सिंह का खौफ ऐसा था कि कांग्रेसी उनके डर से पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे। हलाकि बाद में अखिलेश कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

लेकिन अखिलेश सिंह के गुजरने के बाद प्रतिद्वंदी उनकी बेटी अदिति पर हमलावर हो गए है। गत 13 मई को कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के काफिले पर लोगों ने पीछा कर हमला कर दिया। इस हमले में विधायक अदिति सिंह की कार पलट गई। विधायक की कार समेत उनके काफिले की तीन अन्य गाड़ियां भी पलट गई। इससे अदिति सिंह समेत कई नेताओं को चोटें आई थी। इसके बाद अदिति सिंह को भय सताने लगा था। यही डर शायद अदिति कोप अब भाजपा की और जाने को मजबूर कर रहा है।    

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