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राजस्थान का रण , अब मुख्यमंत्री – राज्यपाल, आमने – सामने

एक पखवाड़ा पूर्व राजस्थान की राजनीति में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन डिप्टी सीएम पीसीसी प्रमुख सचिन पायलट में राजनीति का ‘शीत युद्ध’ शुरू हुआ था, जो बाद में ‘ताप युद्ध’ में बदल गया । देखते ही देखते राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के 2 ध्रुव आमने सामने हो गए। सचिन पायलट को डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया।

शुरू में कहा गया कि सचिन पायलट भाजपा के इशारों पर बागी हुए हैं । लेकिन जब सचिन पायलट ने यह कहा कि वह ना तो भाजपा में जाएंगे और ना गद्दार कहलाएंगे तो कांग्रेस का रुख अचानक राजभवन की तरफ मुड़ गया। भाजपा और पायलट गुट के विधानसभा सदस्यों को छोडकर सभी सदस्यो ने राजभवन में धरना तक दे दिया। यही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि जनता राजभवन का घेराव कर सकती है।

फिलहाल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट को निकम्मा कहने के बाद अब राज्यपाल कलराज मिश्र से भिड़े हुए हैं । जबकि दूसरी तरफ सचिन पायलट अपने तथा अपने 18 विधायक साथियों की सदस्यता को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में है । बहरहाल, राजनीति के सूरमाओ में शामिल रहे अशोक गहलोत राजस्थान में अपने विधायकों को साथ लेकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं । आज गहलोत के समर्थन में देश के सभी राजभवनो पर कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर रही है।

2 दिन पूर्व वह अपने सभी विधायकों को साथ लेकर राजभवन जा पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री राज्यपाल कलराज मिश्र से मिले । तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र से कहा कि वह विधान सभा सत्र की अनुमति दे। लेकिन तब कलराज मिश्र ने उन्हें दो टूक कह दिया कि कोरोना काल के चलते प्रदेश में विधानसभा सत्र की स्वीकृति नहीं दी जा सकती। लेकिन गहलोत अड़े हुए हैं।

गहलोत चाहते हैं कि विधानसभा सत्र आयोजित करके वह अपना बहुमत साबित कर दें । जिससे उनकी सरकार पर अस्थिरता की लटक रही तलवार हट जाए। गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के बगावत करते ही अपनी सरकार को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर राजनीति शुरू कर दी है।

जिसमें वह येन – केन – प्रकारेण अपनी सरकार को बचाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका में है । फिलहाल गहलोत ने दावा किया है कि उनके पास 107 विधायकों का समर्थन हासिल है । जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के बागी सचिन पायलट ने पहले 30 विधायकों का दावा किया था। लेकिन बाद में उनके खेमे की तरफ से कहा जाने लगा कि 25 विधायक उनके साथ हैं।

फिलहाल कांग्रेस ने सचिन पायलट सहित उनकी पार्टी के 19 विधायकों की सदस्यता खत्म करने के लिए नोटिस भेजा था। जिसे पायलट ने हाई कोर्ट में चुनौती दे दी । जहां से सचिन पायलट सहित उनके सभी समर्थक विधायकों को स्टे मिला हुआ है । जिससे पायलट और उनके समर्थक विधायक अभी राहत महसूस कर रहे हैं।

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