[gtranslate]
Country

राकेश टिकैत की सुरक्षा पर बेपरवाह सरकार,2 बार हमले,3 बार मिल चुकी जान से मारने की धमकी

पिछले 6 महीने से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन को लीड कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता और प्रवक्ता राकेश टिकैत की जान को खतरा बना हुआ है । इस दौरान उन पर राजस्थान और उडीसा में जानलेवा हमला भी हुआ तो दूसरी तरफ सिंधु बॉर्डर कुछ संदेहास्पद लोगों को उस समय पकड़ा गया, उन्होंने कहा था कि उन्हें टिकैत सहित तीन नेताओं को मारने की सुपारी मिली हुई थी ।

तब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है जब से अब तक टिकैत को तीन बार फोन पर जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। हालांकि भारतीय किसान यूनियन के गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष नरेश खटाना ने कई माह पूर्व सरकार से टिकैत की जान को खतरा बताते हुए जेड प्लस सिक्योरिटी की मांग की थी। साथ ही उन्होंने सुरक्षा न देने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दे दी थी। लेकिन तब पुलिस की तरफ से सुरक्षा देने का वादा कर मामला शांत कर दिया गया ।

इसके बाद टिकैत का काफिला जब भी कहीं गया तो किसान ही उनकी सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें ले गए हैं। फिलहाल एक बार फिर उन्हें जान से मारने की धमकी के साथ ही फिरौती भी मांगी गई है। भारतीय किसान यूनियन के संगठन जिला प्रभारी जय कुमार की ओर से राकेश टिकैत को दी जा रही धमकी के बाबत गाजियाबाद के कौशांबी थाने में तहरीर दे दी गई है। इस बाबत गाजियाबाद पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सर्विलांस टीम भी इसको लेकर अपना काम कर रही है।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अर्जुन बालियान ने बताया कि 26 दिसंबर 2020 को पहली बार टिकैत के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी। उसने अपने आप को बिहार का रहने वाला बताया और कहा कि आप लोग धरने पर बैठे हैं, तो आपको कितने हथियार भेजे जाएं। इस फोन के जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि यहां किसान धरने पर बैठे हैं। इसलिए हथियार की कोई आवश्यकता नहीं है ,तो फिर आप हथियार बेचने की बात किस लिए कर रहे हैं? इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे और तुम्हारे लिए हथियार लेकर आ रहे हैं। इसके लिए तमाम मंदिरों से उन्होंने चंदा एकत्र किया है। राकेश टिकैत ने कहा कि इसकी तहरीर थाना कौशांबी में दे दी गई है।

इसके बाद 23 अप्रैल 2021 को भारतीय किसान यूनियन के सदस्य लोनी निवासी विपिन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब एक माह से भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत को एक मोबाइल नंबर से कॉल आ रही है। कॉल करने वाला गाली-गलौज कर रहा है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसके साथ ही व्हाट्सएप पर भी मेसेज भेजकर अभद्रता कर रहा है। काफी समय से भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने समझाया और नजरअंदाज भी किया, लेकिन वह लगातार कॉल कर अभद्रता और धमकी दे रहा है। इसके बाद कोसांबी थाने में मामला दर्ज करा दिया गया ।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में टिकैत पर उस समय हमला किया गया था जब वह बानसूर में एक जन सभा को संबोधित करने जा रहे थे। राकेश टिकैत के काफिले पर 33 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में 16 लोग गिरफ्तार किए गए। एफआईआर के मुताबिक, स्वागत करने के बहाने पहले टिकैत की गाड़ी रुकवाई गई। उसके बाद लाठी से कार का शीशा तोड़ दिया। इसके अलावा टिकैत पर काली स्याही भी फेंकी गई। इस हमले में राकेश टिकैत और राजस्थान के डीजीपी एमएल लाठर के ससुर राजाराम मील के सुरक्षाकर्मी से हथियार भी छिनने की कोशिश की गई। पूर्व में भी 19 फरवरी को राकेश टिकैत की गाड़ी पर उस समय हमला हो चुका है जब वह उड़ीसा में एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे।

इस बाबत राकेश टिकैत के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक से बात हुई तो उन्होंने कहा कि अब तक टिकैत जी पर दो बार हमले हो चुके हैं तथा तीन बार जान से मारने की धमकी आ चुकी है । इसके बावजूद भी सरकार टिकैत जी की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है । यह देश का दुर्भाग्य है कि यहां कंगना रनौत को जेड प्लस सुरक्षा दे दी जाती है लेकिन राकेश टिकैत जैसे जमीनी किसान नेता को राम भरोसे छोड़ दिया जाता है। मलिक कहते हैं कि जो भी सरकार के विरोध में बोलेगा उस पर हमले होते रहेंगे और सरकार देखती रहेगी । साथ ही उन्होंने कहा कि इन हमलों में और धमकियों में ज्यादातर भाजपा के लोग हैं होते हैं। राजस्थान में हुए हमले में एबीवीपी के लोग थे तथा उड़ीसा में भी गाड़ी पर पत्थर फेंकने वाले भाजपा के ही लोग थे। सरकार में ने एक गनर दिया हुआ है लेकिन वह सुरक्षा के लिहाज से नाकाफी है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD