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राजस्थान हाई कोर्ट ने BSP के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय मामले की याचिका को किया खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने आज एक फैसले में बसपा से कांग्रेस में आए 6 विधायकों को राहत दे दी है। इस मामले में की गई याचिका को आज हाईकोर्ट ना खारिज कर दिया है। इस मामले में बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की तरफ से दो याचिकाएं की गई थी।

राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले मे फैसला लेने का अधिकार राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष का है। इस तरह से देखा जाए तो एक बार फिर बसपा से कांग्रेस में आए सभी छह विधायकों की सदस्यता का मामला विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के पाले में आ गया है। याद रहे कि भाजपा के विधायक दिलावर सिंह ने 1 साल पहले भी इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष सीपी के समक्ष मांग की थी। तब भी विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भाजपा विधायक दिलावर सिंह की मांग को खारिज कर दिया था।

फिलहाल 4 अगस्त के दिन भाजपा विधायक दिलावर सिंह और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सतीश मिश्रा ने हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी । जिसमें बसपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले 6 विधायकों की सदस्यता को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की थी। इसमें बसपा के राष्ट्रीय सचिव की ओर से कहा गया था कि जब तक किसी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष फैसला ना ले ले तब तक विधायकों का दूसरी पार्टी में शामिल होना अयोग्यता के दायरे में आता है। फिलहाल हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बसपा नेता और भाजपा के विधायक की इस दलील को खारिज कर बसपा से कांग्रेस में आए सभी 6 विधायकों को राहत दे दी हैं

गौरतलब है कि कांग्रेस में बसपा के छह विधायक गत वर्ष शामिल हो चुके हैं। बसपा के वह विधायक संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लाखन मीणा, जोगेन्द्र अवाना और राजेन्द्र गुधा आदि है। यह सभी पिछले वर्ष सितम्बर में पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे और कांग्रेस में उनके शामिल होने से 200 सदस्यीय सदन में सत्तारूढ़ दल के विधायकों की संख्या 107 हो गई थी।

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