नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी बेशक लोकसभा चुनाव हार गई है। लोकसभा में पार्टी को विपक्ष के नेता का पद मिले या न मिले, लेकिन उन्होंने लड़ाई का मैदान नहीं छोड़ा है। जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाकर वे सरकार से लड़ते रहेंगे।
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सभी सदस्यों को एक बात याद रखनी चाहिए कि हम सभी संविधान और हर भारतीय के लिए लड़ रहे हैं। हमारे पास अभी भी 52 सांसद हैं। हम हर दिन बीजेपी से लड़ेंगे। पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि वह संविधान एवं देश के हर नागरिक के लिए लड़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव में मेहनत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया। 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश करने के बाद गांधी पहली बार पार्टी की किसी बैठक में शामिल हुए।
गौरतलब है कि राहुल कांग्रेस को इस चुनाव में कुल 52 सीटें हासिल हुई हैं जिस वजह से सदन में उसके नेता को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी एक बार फिर नहीं मिलेगी। कांग्रेस के सामने इस बार लोकसभा में नेता चुनने के समय एक बड़ी मुश्किल और आएगी कि उसके पास बहुत सारे विकल्प नहीं हैं। पार्टी नेताओं के एक धड़े के बीच यह चर्चा भी है कि पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गांधी को लोकसभा में पार्टी की नेता की जिम्मेदारी दी जा सकती हैं, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे फिलहाल अटकलबाजी ही करार दे रहे है। इससे पहले 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य सचेतक थे।

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