[gtranslate]
Country Uttarakhand

प्रीतम- इंदिरा के पाले में गैंद डाल एकला चलो की नीति पर हरदा 

“प्रीतम सिंह सेनापति हैं तो उनको मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जाए। मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में इंदिरा हृदयेश का भी स्वागत है। कुछ समय के लिए व्यक्ति को उन्मुक्त रहना चाहिए। कभी-कभी कुछ नाम बोझ बन जाते हैं। 2017 में कुछ ऐसी ही स्याही से मेरा नाम लिखा गया जो कांग्रेस के ऊपर बोझ बन गया। मैं, कांग्रेस को पापार्जित धन की स्याही से लिखे गए नाम के बोझ से भी मुक्त कर देना चाहता हूं, संयुक्त नेतृत्व में भी ऐसे नाम का बोझ पार्टी पर बना रहेगा।”  सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह लिखकर एक बार फिर गैंद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष  इंदिरा ह्रदेश के पाले में डाल दी है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुद को कांग्रेस की सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की रणनीति से भी अलग कर लिया। नई रणनीति के तहत अब हरीश रावत एकला चलो की नीति पर चलेंगे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासिचव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत चाहते थे कि पार्टी में चुनावी चेहरे पर चर्चा हो। यह चर्चा हुई और खूब हुई। चर्चा को बल उस समय मिला जब उन्होंने प्रदेश प्रभारी देवेंद्र  चार दिवसीय दौरे के बाद एक ट्वीट किया और कांग्रेस की सियासत में भूचाल ला दिया। ट्वीट में उन्होंने बिना किसी का नाम का उल्लेख किए ही कह गए कि पार्टी में चुनाव के बाद नेता तय करने की परंपरा रही है पर ऐसा हर राज्य में नहीं हुआ है। पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, केरल, दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों में पार्टी ने स्पष्ट चेहरा घोषित किया और चुनाव लड़ा।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड, वैचारिक रूप से परिपक्व राज्य है। लोग जानते हैं, राज्य के विकास में मुख्यमंत्री की क्षमता व नीतियों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। हम चुनाव में यदि अस्पष्ट स्थिति के साथ जाएंगे तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा। इससे गुटबाजी भी थमेगी और इस समय अनावश्यक कयासबाजियों तथा मेरा-तेरा के चक्कर में कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी गुटबाजी पहुंच रही है। मुझको लेकर पार्टी को कोई असमंजस नहीं होना चाहिए, पार्टी जिसे भी सेनापति घोषित कर देगी मैं उसके पीछे खड़ा रहूंगा और यथा आवश्यकता सहयोग करूँगा। राज्य में कांग्रेस को विशालतम अनुभवी व अति ऊर्जावान लोगों की सेवाएं उपलब्ध हैं, उनमें से एक नाम की घोषणा करिये व हमें आगे ले चलिए।

उत्तराखंड के कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव के चार दिवसीय दौरा पूरा होने के दूसरे दिन किए गए ट्वीट में हरीश रावत ने कहा कि पार्टी को बिना लाग लपेट के 2022 के चुनावी रण का सेनापति घोषित कर देना चाहिए। पार्टी को यह भी घोषित कर देना चाहिए कि कांग्रेस के विजयी होने की स्थिति में वही व्यक्ति प्रदेश का मुख्यमंत्री भी होगा। हालाँकि उनका यह इशारा किस और था वह सब समझ गए। इसको इंदिरा ह्रदेश ने बड़ा मुद्दा बना दिया।  जिसके फलसवरूप हरीश रावत ने चुनावी चेहरे की गैंद प्रीतम सिंह और इंदिरा ह्रदेश के पाले में डाल दी है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD