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प्रधानमंत्री ने की राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, राज्यों ने मांगी आर्थिक मदद

प्रधानमंत्री ने की राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, राज्यों ने मांगी आर्थिक मदद

देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने जहां एक तरफ इस दौरान विभिन्न राज्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली वहीं राज्यों ने केंद्र से आर्थिक मदद की मांग की। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ। इस दौरान कोविड-19 के स्थितियों की समीक्षा की गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इससे पहले बुधवार को राज्य में मौजूदा कोरोना वायरस की स्थिति पर टेलीफोन पर बातचीत की थी। कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए उपायों पर भी चर्चा की।

उन्होंने संक्रमण रोकने के लिए सभी राज्यों को सुझाव दिए। उन्होंने राज्य सरकारों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने राज्यों को हरसंभव सहायता की देने का भी आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतरीन समन्वय की जरूरत है। केंद्र सरकार हर राज्य के साथ खड़ी है और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने मेडिकल सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों में भी सिम्टम्स दिखे उन्हें आइसोलेट किया जाए। साथ ही संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारेंटिन किया जाए। अगर क्वारनटीन वार्ड बढ़ाने की जरूरत पड़े तो बढ़ाया जाए।

मजदूरों के पलायन पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने राज्यों से अपील किय कि हमें हर हाल में पलायन को रोकना होगा। इसके लिए हर राज्य अपने तरफ से प्रबन्ध किया जाए। मजदूरों के लिए शेल्टर होम के साथ उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मजदूरों से अपील की जाए कि वे सड़कों पर न निकलें।

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 376 नए मामले देश में सामने आए। इसके साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 1,637 हो गई है। जबकि अब तक 55 लोगों इससे हो चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 38 बताया है। वहीं विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से घोषित किए गए आंकड़ों में संक्रमितों की कुल संख्या 1965 और 55 मौतों की बात कही गई है।

मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि तब्लीगी जमात के कार्यक्रम के कारण मामलों में काफी वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने कोरोना वायरस मामलों की संख्या में उछाल का मुख्य वजह तब्लीगी जमात को बताया है। अधिकारियों के अनुसार, मरकज में भाग लेने वाले 5,000 से अधिक लोगों की पहचान करने के बाद उन्हें विभिन्न राज्यों के अस्पतालों में रखा गया है। जबकि गुजरात, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में 2,000 अन्य का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। विदेशियों के साथ-साथ इस सूची में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिन्हें दिल्ली से उनके मूल स्थानों पर लौटना बाकी है।

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