[gtranslate]
Country

गोपालगंज में एक और जहरीले शराब कांड को दोहराने की तैयारी,भारी मात्रा में जब्ती से हड़कंप

मनोज चौधरी –
बिहार के गोपालगंज में शराबबंदी के बावजूद बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी तो हो ही रही है। यहां पर बड़े पैमाने पर देसी शराब भी बनाई जा रही है, इसे जहरीली शराब भी कहें तो गलत न होगा। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब उत्पाद विभाग की टीम ने बैकुंठपुर के दियारा इलाके में छापेमारी की। उत्पाद विभाग की सघन जांच के दौरान बैकुंठपुर के फैजुल्लापुर पंचायत के प्यारेपुर गांव में बड़े पैमाने पर देशी शराब तैयार की जा रही थी।
उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि कि प्यारेपुर गांव में करीब 10 हजार लीटर देशी शराब को ध्वस्त किया गया। बरामद सामान को आग के हवाले कर दिया गया है। इस मामले में पश्चिम चंपारण के शराब तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। बहरहाल अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बिहारा के गोपालगंज में नगर थाना के खजुरबानी में हुए जहरीली शराब कांड (Khajurbani Liquor Scandal) में 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद बिहार सरकार ने नगर थाना के 23 पुलिस पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था ।अब इस पूरे मामले में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) का एक अहम और बड़ा फैसला आया है. पटना हाईकोर्ट ने बर्खास्त किए गए पांच पुलिस अधिकारियों और जवानों की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी है और दोबारा बहाल करने का आदेश जारी किया है । इसके साथ ही बर्खास्त किए गए तिथि से लेकर अब तक उनके तनख्वाह को भी जारी करने का आदेश जारी किया है । यह आदेश पटना हाई कोर्ट के जज चक्रधारी शरण सिंह के कोर्ट ने दिया है।
पटना हाईकोर्ट ने नगर थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर अमित कुमार, मुंशी गुलाम हसन, कांस्टेबल अनंज्य कुमार सहित कुल 5 पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। उन्हें नियमित तौर पर बहाल करने और उनके तनख्वाह को जारी करने का आदेश जारी किया है. बता दें कि खजुरबानी कांड के बाद ही यहां एक दर्जन अरोपियों के घरों को सील कर दिया गया था. सील करने के साथ यहां होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया था ताकि खजुरबानी जैसी घटना दोबारा न हो. इसके अलावा सील किये गए अरोपियों के घरों में दोबारा किसी का कब्ज़ा न हो. ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के जवान रामप्रवेश सिंह ने बताया कि वे यहां तीन शिफ्ट में ड्यूटी करते है. यहां दोबारा शराब की बिक्री न हो और इसके आलवा जिनके घरों को सील किया गया वहां किसी का कब्ज़ा न हो इसके लिए वे तैनात है. बहरहाल, पटना हाईकोर्ट के इस अहम फैसले से बर्खास्त किये गए पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को बड़ी राहत मिली है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD