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सत्ता गई, दुश्मनी शुरू

अननेचुरल एलाइंस यानी गैरस्वभाविक मित्रता ज्यादा समय तक टिकती नहीं। ऐसी मित्रता स्वार्थ की बुनियाद पर खड़ी तो होती है लेकिन कुछ अर्सा मात्र के लिए। राजनीति में ऐसा अक्सर होता देखा गया है। चाहे उत्तर प्रदेश में किसी भी कीमत पर सरकार बनाने को आतुर बहुजन समाज पार्टी का सपा संग 1993 में हुआ गठबंधन हो या फिर मुलायम संग चंद माह की दोस्ती बाद भाजपा के साथ मायावती का जाना हो, ऐसे गठबंधन बनने के साथ ही बिखरने लगते हैं। कर्नाटक में मई, 2018 के दिन कांग्रेस विधानसभा चुनाव हारने के बाद सरकार से बाहर हो गई लेकिन फिर भी सरकार में बनी रही। कारण भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की नीयत चलते कांग्रेस आलाकमान ने राज्य की राजनीति में पाटी्र की धुर विरोधी जनता दल(यू) संग गठबंधन कर पूर्व पीएम देवगौड़ के पुत्र कुमारस्वामी को सीएम बना डाला। सरकार गठबंधन की थी। कांग्रेस के कई नेता इसमें शामिल थे।

डिप्टी सीएम भी कांग्रेस का था। लेकिन कुमारस्वामी के पिता देवगोड़ा के किसी जमाने में सहयोगी रहे कांग्रेस नेता सिद्दारमैय्या को यह एरेंजमेंट जमा नहीं। नतीजा पहले ही दिन से गठबंधन की इमारत चरमराने लगी। खासा ड्रामा 14 महीने तक चला। कुमारस्वामी प्रेस कांफ्रेंस में रोते दिखे। भाजपा के नेता येदियुरप्पा येन-केन-प्रकारेण सत्ता पाने के लिए छल और धन बल का सहारा लेने में मशगूल दिखे। सरकार अंततः गिर गई। कांग्रेस और जद(यू) के कई विधायकों ने पाला बदल अपनी ही सरकार गिरा दी। अब जब येदियुरप्पा सीएाम हैं, जद(यू) और कांग्रेस मंे जमकर आरोपबाजी का दौर शुरू हो चुका है। पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने गत् शुक्रवार, 23 अगस्त को सिद्दारमैय्या के क्रोध का शिकार होना पड़ा। सिद्दारमैय्या ने गौड़ा परिवार पर मनमानी कर सरकार चलाने का आरोप लगाते हुए कहा ‘‘कुमारस्वामी,

देवगौड़ा और एचडी रेवन्ना इस पूरे मामले के असली खलनायक हैं। इन तीनों की मनमानी चलते विधायक नाराज हो भाजपा से जा मिले और सरकार गिर गई।’’ सिद्दारमैय्या पूर्व पीएम के बयानों से खासे आहत हैं। दरअसल इन दिनों देवगौड़ा सरकार गिरने का आरोपी सिद्दारमैय्या को बता रहे हैं। बकौल देवगौड़ा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने बगैर सिद्दारमैय्या की सहमती दिए राज्य में गठबंधन सरकार बनाने और कुमारस्वामी को सीएम बनाने का निर्णय ले लिया था। सिद्दारमैय्या इसे पचा न सके और योजनाबद्ध तरीके से उन्होंने अपने समर्थक विधायकों को सरकार गिराने के लिए तैयार करा। इन आरोपों से तिलमिलाए सिद्दारमैय्या अब खुलकर देवगौड़ा और उनके पुत्रों के खिलाफ बयान दे रहे है। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने देवगौड़ा को ऐसे बयान न देने की सलाह दी है।

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